30 सितंबर 2026
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ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे — इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्ष का ऐलान, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मार्च

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ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे — इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्ष का ऐलान, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मार्च

सारांश

इंडिया ब्लॉक ने 30 सितंबर की बैठक के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर इस्तीफे का दबाव बढ़ाया है। 2 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मार्च और 2023 के नियुक्ति कानून को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती — विपक्ष ने लड़ाई को संसद से सड़क और अदालत तक ले जाने का फैसला किया है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बैठक कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई।
2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान; 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग पर मार्च करेंगे और राष्ट्रपति से मिलेंगे।
सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने का ऐलान किया।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में बदलाव सुप्रीम कोर्ट से छिपाकर किए गए।
सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने सिविल सोसाइटी और NGO को भी अभियान से जोड़ने की बात कही।

इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई संयुक्त बैठक के बाद स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका विरोध अभियान जारी रहेगा। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), EVM और फॉर्म-6 में कथित हेरफेर के मुद्दे प्रमुखता से उठे।

बैठक में क्या तय हुआ

विपक्षी गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया। 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय पर जाएंगे और राष्ट्रपति से भी मुलाकात की योजना है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी रैलियाँ आयोजित की जाएंगी।

नेताओं के बयान

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए काम कर रहा है। कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनके पीछे की ताकतों की पहचान नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह विरोध जारी रहेगा।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि फॉर्म-6 में किए गए बदलाव सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद हुए और इस तथ्य को न्यायालय से भी छिपाया जा रहा है। कांग्रेस सांसद जोस के. मणि ने कहा कि फॉर्म-6 में हेरफेर जानबूझकर किया गया है और यह अब साबित हो चुका है।

सुप्रीम कोर्ट चुनौती और जन आंदोलन की तैयारी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति जिस 2023 के कानून के तहत हुई, उसे भी सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इसे जन आंदोलन का रूप देना होगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ सामाजिक आंदोलनों, सिविल सोसाइटी, बुद्धिजीवियों और गैर-सरकारी संगठनों से भी संपर्क साधा जाएगा।

मतदाता सूची और फॉर्म-6 विवाद

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल में मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की थी, लेकिन अब फॉर्म-6 को इतना जटिल बना दिया गया है कि नए मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ नहीं पा रहे। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमज़ोर कर रहा है।

आगे क्या होगा

विपक्ष की रणनीति तीन स्तरों पर है — सड़क पर जन आंदोलन, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मार्च और सर्वोच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती। यह देखना होगा कि सरकार और चुनाव आयोग इस समन्वित दबाव पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं — और क्या न्यायालय 2023 के अधिनियम को पुनः जाँचने के लिए तैयार होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह तभी कारगर होगा जब नागरिक समाज वास्तव में सड़कों पर उतरे — जो अभी तक नहीं हुआ है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
विपक्षी गठबंधन का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग केंद्र सरकार और BJP के पक्ष में काम कर रहा है। फॉर्म-6 में कथित हेरफेर और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर विपक्ष उन्हें हटाने की माँग कर रहा है।
इंडिया ब्लॉक का 2 से 8 अक्टूबर का अभियान क्या है?
विपक्षी गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसमें 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर पर मार्च करेंगे, राष्ट्रपति से मुलाकात होगी और देश भर में बड़ी रैलियाँ होंगी।
2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त कानून पर क्या विवाद है?
सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य के अनुसार, 2023 का यह कानून चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को हटाता है, जिससे कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ता है। इंडिया ब्लॉक ने इस कानून को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने का ऐलान किया है।
फॉर्म-6 विवाद क्या है और इससे मतदाता कैसे प्रभावित होते हैं?
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि फॉर्म-6 — जो नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने के लिए भरा जाता है — को जानबूझकर इतना जटिल बना दिया गया है कि युवा मतदाता नामांकन नहीं करा पा रहे। पवन खेड़ा ने यह भी दावा किया है कि इसमें किए गए बदलाव सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुए और न्यायालय को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
क्या चुनाव आयोग या सरकार ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के अनुसार, चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिली थी, लेकिन विपक्ष का कहना है कि बदलाव उस मंजूरी के बाद किए गए। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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