30 सितंबर 2026
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इंडिया ब्लॉक का CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग, 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान

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इंडिया ब्लॉक का CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग, 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान

सारांश

इंडिया ब्लॉक ने साढ़े तीन घंटे की बैठक के बाद CEC ज्ञानेश कुमार पर कथित 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। 2 अक्टूबर से देशव्यापी धरना, 6 अक्टूबर को सांसदों का चुनाव आयोग मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली — विपक्ष ने आंदोलन की पूरी रूपरेखा खींच दी है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक ने 30 सितंबर को नई दिल्ली में साढ़े तीन घंटे की बैठक के बाद CEC ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर के DM कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन; 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय माँगेंगे।
1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली; अक्टूबर-नवंबर में कुल पाँच बड़ी रैलियाँ प्रस्तावित।
ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर 'कठपुतली' की तरह काम करने का आरोप लगाया — ये आरोप विपक्ष की ओर से हैं।
उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन बैठक में भाग लिया।

इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेताओं ने 30 सितंबर को नई दिल्ली में साढ़े तीन घंटे की संयुक्त बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर कथित 'वोट चोरी' और चुनावी धांधली में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए और उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक सांसदों के मार्च का ऐलान किया।

बैठक का घटनाक्रम और एकजुटता का संदेश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि बैठक में सभी घटक दलों ने इस मुद्दे पर मिलकर और मज़बूती से संघर्ष करने की सहमति जताई। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भागीदारी की। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं — इस बैठक को गठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा

खड़गे के अनुसार, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच इंडिया ब्लॉक के सदस्य देशभर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के सामने धरना देंगे। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। इसके अलावा, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगेंगे और उन्हें संस्थाओं के कथित अधिग्रहण के बारे में अवगत कराएँगे। 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली की भी घोषणा की गई है, और अक्टूबर-नवंबर के बीच कुल पाँच बड़ी रैलियाँ आयोजित करने की योजना है, जिनके स्थान और तिथियाँ शीघ्र तय की जाएँगी।

खड़गे और ममता के तीखे आरोप

खड़गे ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि आयोग के कुछ सदस्य 'मोहरों' की तरह काम कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें कठपुतली की तरह संचालित कर रहे हैं। यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और सरकार की ओर से इनका खंडन अपेक्षित है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर कथित 'वोट चोरी' और धांधली में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने इसे 'बड़ा घोटाला' करार देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट होकर खड़ा है।

राहुल गांधी की जवाबदेही की बात

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि वे उन लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए लड़ेंगे जिन्होंने, उनके अनुसार, भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा, 'किसी व्यक्ति का पद या वरिष्ठता मायने नहीं रखती, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है।' गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष देश की जनता — खासकर युवाओं — तक यह संदेश पहुँचाने में काफी हद तक सफल रहा है कि चुनावों में कथित तौर पर धांधली हो रही है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह विरोध अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब कई राज्यों में चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हैं। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात और 1 नवंबर की दिल्ली रैली इंडिया ब्लॉक के आंदोलन की दिशा तय करेगी। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या गठबंधन इस बार जमीन पर एकता बनाए रख पाएगा — क्योंकि पिछले कई मौकों पर साझा मंच बनने के बावजूद समन्वय बिखरता रहा है। 'वोट चोरी' के आरोप गंभीर हैं, परंतु विपक्ष ने अब तक कोई ठोस साक्ष्य-आधारित दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं किया है — जो इन दावों की विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के प्रमुख पर इस्तीफे की माँग लोकतांत्रिक दबाव की वैध अभिव्यक्ति है, लेकिन इसे तथ्यात्मक आधार पर टिकाना होगा, अन्यथा यह राजनीतिक शोर बनकर रह जाएगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि इस पूरे आंदोलन की असली परीक्षा नवंबर की दिल्ली रैली में जुटने वाली भीड़ से होगी, न कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस से।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों की?
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार पर कथित 'वोट चोरी' और चुनावी धांधली में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की है। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं; चुनाव आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन की योजना क्या है?
गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने धरने का ऐलान किया है। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात होगी और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और TMC प्रमुख ममता बनर्जी प्रमुख रूप से शामिल रहे। उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भाग लिया।
इंडिया ब्लॉक राष्ट्रपति से क्यों मिलना चाहता है?
खड़गे के अनुसार, विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगेंगे और उन्हें संस्थाओं के कथित तरीके से अधिग्रहण किए जाने के बारे में अवगत कराएँगे। यह कदम विरोध अभियान की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
क्या इंडिया ब्लॉक ने पहले भी चुनाव आयोग पर इस तरह के आरोप लगाए हैं?
हाँ, राहुल गांधी और ममता बनर्जी पहले भी 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाते रहे हैं। खड़गे ने 30 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब लोग इस मुद्दे को स्वीकार करने लगे हैं, और युवाओं में यह भावना बढ़ रही है कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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