इंडिया ब्लॉक का CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग, 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेताओं ने 30 सितंबर को नई दिल्ली में साढ़े तीन घंटे की संयुक्त बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर कथित 'वोट चोरी' और चुनावी धांधली में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए और उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक सांसदों के मार्च का ऐलान किया।
बैठक का घटनाक्रम और एकजुटता का संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि बैठक में सभी घटक दलों ने इस मुद्दे पर मिलकर और मज़बूती से संघर्ष करने की सहमति जताई। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भागीदारी की। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं — इस बैठक को गठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा
खड़गे के अनुसार, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच इंडिया ब्लॉक के सदस्य देशभर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के सामने धरना देंगे। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। इसके अलावा, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगेंगे और उन्हें संस्थाओं के कथित अधिग्रहण के बारे में अवगत कराएँगे। 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली की भी घोषणा की गई है, और अक्टूबर-नवंबर के बीच कुल पाँच बड़ी रैलियाँ आयोजित करने की योजना है, जिनके स्थान और तिथियाँ शीघ्र तय की जाएँगी।
खड़गे और ममता के तीखे आरोप
खड़गे ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि आयोग के कुछ सदस्य 'मोहरों' की तरह काम कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें कठपुतली की तरह संचालित कर रहे हैं। यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और सरकार की ओर से इनका खंडन अपेक्षित है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर कथित 'वोट चोरी' और धांधली में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने इसे 'बड़ा घोटाला' करार देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट होकर खड़ा है।
राहुल गांधी की जवाबदेही की बात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि वे उन लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए लड़ेंगे जिन्होंने, उनके अनुसार, भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा, 'किसी व्यक्ति का पद या वरिष्ठता मायने नहीं रखती, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है।' गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष देश की जनता — खासकर युवाओं — तक यह संदेश पहुँचाने में काफी हद तक सफल रहा है कि चुनावों में कथित तौर पर धांधली हो रही है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह विरोध अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब कई राज्यों में चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हैं। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात और 1 नवंबर की दिल्ली रैली इंडिया ब्लॉक के आंदोलन की दिशा तय करेगी। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।