6 अक्टूबर 2026
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विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे, CEC इस्तीफे की माँग

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विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे, CEC इस्तीफे की माँग

सारांश

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने के दावे पर देशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है। 6 अक्टूबर के संसद-से-चुनाव आयोग मार्च से शुरू होकर 25 नवंबर की 'दिल्ली चलो' यात्रा तक — यह विपक्ष का अब तक का सबसे संगठित चुनावी विरोध अभियान है।

मुख्य बातें

6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी विपक्षी सांसद पार्लियामेंट हाउस से निर्वाचन सदन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
कांग्रेस का दावा है कि देश में करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर और 10-20 अक्टूबर के बीच ब्लॉक स्तर पर बाइक, साइकिल रैली व पदयात्रा होगी।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली और 25-26 नवंबर को 6 राज्यों से 'दिल्ली चलो' यात्रा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 5 अक्टूबर की रणनीति बैठक में भाग लिया।

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने 5 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी विपक्षी दलों के सांसद पार्लियामेंट हाउस से निर्वाचन सदन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।

मार्च की तैयारी और रणनीति

जयराम रमेश ने बताया कि सभी सांसदों को 6 अक्टूबर की सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर एकत्रित होने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले 5 अक्टूबर को पार्टी के सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों और प्रभारियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उपस्थित रहे। करीब दो घंटे तक आंदोलन की रणनीति पर मंथन हुआ।

रमेश ने स्पष्ट किया कि यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाना है।

चरणबद्ध आंदोलन का ब्यौरा

कांग्रेस ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना साझा की है। 8 अक्टूबर तक इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दल जिला स्तर पर वोट चोरी और CEC को हटाने की माँग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 10 से 20 अक्टूबर के बीच कांग्रेस ब्लॉक स्तर पर बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्रा आयोजित करेगी।

25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक पार्टी राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैलियाँ आयोजित करेगी। इस दौरान गाँव-गाँव में चौपाल लगाई जाएगी और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा।

मतदाता सूची पर कांग्रेस का दावा

जयराम रमेश ने दावा किया कि देशभर में करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, 'हम बूथ स्तर पर उन नामों की जानकारी जुटा रहे हैं। अभी तक 6-7 राज्यों से पूरी जानकारी मिल चुकी है। हमारे देश में करीब 10 लाख बूथ हैं। हमारा लक्ष्य है कि जिनके नाम काटे गए हैं, उन्हें वापस मतदाता सूची में जुड़वाया जाए।' हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

रामलीला मैदान महारैली और 'दिल्ली चलो' यात्रा

1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली आयोजित की जाएगी, जिसके लिए सभी विपक्षी दलों को आमंत्रण भेजा जा रहा है। इसके बाद 25-26 नवंबर को 6 अलग-अलग राज्यों से 'दिल्ली चलो' यात्रा निकाली जाएगी और राजधानी में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ महाप्रदर्शन किया जाएगा।

राजनीतिक संदर्भ

यह आंदोलन ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों में चुनावी हलचल तेज है और विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है। गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के इस कदम से पहले भी कई दलों ने मतदाता सूची की शुद्धता पर चिंता जताई थी। आने वाले हफ्तों में यह आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा बनने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही इस पूरे आंदोलन की सबसे बड़ी कमज़ोरी है। रामलीला मैदान से 'दिल्ली चलो' तक की यह कैलेंडर-बद्ध रणनीति संगठित ज़रूर दिखती है, पर बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष की यह ऊर्जा सड़क से निर्वाचन आयोग की नीति तक कोई ठोस बदलाव ला पाएगी। इतिहास गवाह है कि मतदाता सूची के मुद्दे पर बड़े प्रदर्शन होते रहे हैं, पर संस्थागत जवाबदेही तय करने में विपक्ष अक्सर कानूनी और संसदीय रास्तों की बजाय सड़क को ही चुनता रहा है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 अक्टूबर का विपक्षी मार्च क्या है और कहाँ से कहाँ तक होगा?
6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी विपक्षी दलों के सांसद पार्लियामेंट हाउस से निर्वाचन सदन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। सांसदों को सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर एकत्रित होने को कहा गया है।
कांग्रेस CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जो कथित तौर पर वोट चोरी के बराबर है। पार्टी का दावा है कि करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से गायब किए गए हैं, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
इंडिया गठबंधन का 'वोट बचाओ-देश बचाओ' आंदोलन कब तक चलेगा?
यह आंदोलन चरणबद्ध है — 6 अक्टूबर के मार्च से शुरू होकर 25-26 नवंबर की 'दिल्ली चलो' यात्रा और दिल्ली महाप्रदर्शन तक चलेगा। बीच में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली भी होगी।
रामलीला मैदान की महारैली में कौन-कौन से दल शामिल होंगे?
1 नवंबर की रामलीला मैदान महारैली में इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को आमंत्रण भेजा जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार यह रैली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान की केंद्रीय कड़ी होगी।
कांग्रेस का मतदाता सूची में 13.5 करोड़ नाम हटाने का दावा कितना ठोस है?
जयराम रमेश के अनुसार पार्टी बूथ स्तर पर डेटा जुटा रही है और 6-7 राज्यों से जानकारी मिल चुकी है। हालाँकि यह दावा अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या चुनाव आयोग द्वारा सत्यापित नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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