इंडिया ब्लॉक का भुवनेश्वर में प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और 13 करोड़ मतदाताओं की बहाली की माँग
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया ब्लॉक के ओडिशा नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में विरोध प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों की कड़ी निंदा करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन का घटनाक्रम
इंडिया ब्लॉक की संयुक्त रैली मास्टर कैंटीन स्क्वायर से शुरू हुई और लोअर पीएमजी तक पहुँची, जहाँ प्रतिभागियों ने विरोध सभा आयोजित की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसे उन्होंने 'लोकतंत्र में सर्वथा अस्वीकार्य' करार दिया।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विपक्ष के प्रदर्शन को दबाने के लिए दिल्ली को कथित तौर पर एक 'सैन्य शिविर' में तब्दील कर दिया — राजनीतिक दलों के कार्यालयों को घेरा गया, सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और ट्रेन, मेट्रो एवं हवाई मार्ग से आने वाले लोगों को हिरासत में लिया गया।
मतदाता सूची विवाद: 13 करोड़ नामों पर सवाल
सलूजा ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में SIR प्रक्रिया के तहत देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं। उन्होंने चुनावी पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति के बाद बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते आ रहे हैं। दावे के अनुसार, 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन में छात्रों, जन संगठनों के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं समेत 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया तथा पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का कथित तौर पर इस्तेमाल किया।
इंडिया ब्लॉक की चार प्रमुख माँगें
भुवनेश्वर की सभा में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने चार स्पष्ट माँगें रखीं: CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए; SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल किया जाए; चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की पूर्व-निर्धारित संयुक्त समिति प्रणाली को फिर से लागू किया जाए; और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के स्थान पर मतपत्र पुनः प्रचलन में लाए जाएँ।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक ये चारों माँगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
आगे का कार्यक्रम
इंडिया ब्लॉक ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में एक बड़ी रैली की घोषणा की है, जिसे लेकर विपक्षी दलों में गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि यह आंदोलन चुनावी सुधारों की माँग को एक बड़े राजनीतिक अभियान का रूप देने की कोशिश है। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।