11 अक्टूबर 2026
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इंडिया ब्लॉक का भुवनेश्वर में प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और 13 करोड़ मतदाताओं की बहाली की माँग

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इंडिया ब्लॉक का भुवनेश्वर में प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और 13 करोड़ मतदाताओं की बहाली की माँग

सारांश

इंडिया ब्लॉक का आंदोलन अब भुवनेश्वर तक फैल गया है। CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, 13 करोड़ मतदाताओं की बहाली और EVM समाप्त करने की माँग के साथ विपक्ष ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी रैली का ऐलान किया है — चुनावी वैधता की लड़ाई नए मुकाम पर पहुँच रही है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में पिछले छह महीनों में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए।
10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन में कथित तौर पर 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और पुलिस ने लाठीचार्ज व आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इंडिया ब्लॉक ने CEC ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी, मतदाता नामों की बहाली, चयन समिति प्रणाली की वापसी और EVM की जगह मतपत्र लागू करने की माँग रखी।
12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में एक बड़ी रैली की घोषणा की गई है।

इंडिया ब्लॉक के ओडिशा नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में विरोध प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों की कड़ी निंदा करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया।

प्रदर्शन का घटनाक्रम

इंडिया ब्लॉक की संयुक्त रैली मास्टर कैंटीन स्क्वायर से शुरू हुई और लोअर पीएमजी तक पहुँची, जहाँ प्रतिभागियों ने विरोध सभा आयोजित की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसे उन्होंने 'लोकतंत्र में सर्वथा अस्वीकार्य' करार दिया।

वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विपक्ष के प्रदर्शन को दबाने के लिए दिल्ली को कथित तौर पर एक 'सैन्य शिविर' में तब्दील कर दिया — राजनीतिक दलों के कार्यालयों को घेरा गया, सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और ट्रेन, मेट्रो एवं हवाई मार्ग से आने वाले लोगों को हिरासत में लिया गया।

मतदाता सूची विवाद: 13 करोड़ नामों पर सवाल

सलूजा ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में SIR प्रक्रिया के तहत देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं। उन्होंने चुनावी पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति के बाद बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते आ रहे हैं। दावे के अनुसार, 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन में छात्रों, जन संगठनों के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं समेत 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया तथा पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का कथित तौर पर इस्तेमाल किया।

इंडिया ब्लॉक की चार प्रमुख माँगें

भुवनेश्वर की सभा में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने चार स्पष्ट माँगें रखीं: CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए; SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल किया जाए; चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की पूर्व-निर्धारित संयुक्त समिति प्रणाली को फिर से लागू किया जाए; और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के स्थान पर मतपत्र पुनः प्रचलन में लाए जाएँ।

नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक ये चारों माँगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।

आगे का कार्यक्रम

इंडिया ब्लॉक ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में एक बड़ी रैली की घोषणा की है, जिसे लेकर विपक्षी दलों में गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि यह आंदोलन चुनावी सुधारों की माँग को एक बड़े राजनीतिक अभियान का रूप देने की कोशिश है। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है — मुख्यधारा की कवरेज इस अंतर को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। चयन समिति की बहाली की माँग एक संवैधानिक बिंदु है जिस पर सर्वोच्च न्यायालय भी सक्रिय रहा है, इसलिए यह महज राजनीतिक बयानबाजी नहीं है। असली परीक्षा यह होगी कि 12 अक्टूबर की दिल्ली रैली कितने व्यापक जन-समर्थन को एकजुट कर पाती है और क्या चुनाव आयोग इन आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देता है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग क्यों की?
इंडिया ब्लॉक ने आरोप लगाया है कि CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति के बाद SIR प्रक्रिया के तहत बिहार , तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों का दुरुपयोग किया गया और देशभर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। विपक्ष का कहना है कि यह चुनावी निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों है?
SIR चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है जिसमें फर्जी या दोहरे नाम हटाए जाते हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं — विशेष रूप से अल्पसंख्यक और प्रवासी — के नाम हटाए गए, जो उनके मताधिकार का उल्लंघन है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में क्या हुआ था?
10 अक्टूबर 2026 को इंडिया ब्लॉक ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। कथित तौर पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया तथा 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें छात्र, जन संगठनों के सदस्य और राजनीतिक नेता शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने इस बारे में अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
इंडिया ब्लॉक की चार प्रमुख माँगें क्या हैं?
विपक्ष ने चार माँगें रखी हैं: CEC ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी; SIR में हटाए गए मतदाता नामों की बहाली; प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश की संयुक्त चयन समिति प्रणाली की वापसी; और EVM के स्थान पर मतपत्रों का पुनः प्रचलन।
इंडिया ब्लॉक का अगला कदम क्या होगा?
इंडिया ब्लॉक ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में एक बड़ी रैली की घोषणा की है। नेताओं ने कहा है कि जब तक सभी चार माँगें स्वीकार नहीं होतीं, राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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