30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अगरतला में इंडिया ब्लॉक की विशाल रैली, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रद्द करने की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अगरतला में इंडिया ब्लॉक की विशाल रैली, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रद्द करने की माँग

सारांश

अगरतला की सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग — तिरंगे हाथों में, नारे होठों पर। इंडिया ब्लॉक की आठ पार्टियाँ एकजुट होकर CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया रद्द करने की माँग पर अड़ी हैं। त्रिपुरा में 25 लाख मतदाताओं के नाम हटने की आशंका के बीच यह विरोध राष्ट्रीय चुनावी बहस की नई धुरी बन सकता है।

मुख्य बातें

30 अक्टूबर 2026 को अगरतला में इंडिया ब्लॉक की आठ पार्टियों ने संयुक्त विरोध रैली आयोजित की, जिसमें हज़ारों लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया निलंबित करने की माँग की।
विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि देशभर में 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम पहले की SIR में हटाए जा चुके हैं।
त्रिपुरा में आगामी SIR के दौरान 25 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटने की आशंका जताई गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार , आशीष कुमार साहा और सुदीप रॉय बर्मन सहित वरिष्ठ नेताओं ने रैली को संबोधित किया।
इंडिया ब्लॉक ने माँगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

अगरतला में इंडिया ब्लॉक की त्रिपुरा इकाई ने 30 अक्टूबर 2026 को एक विशाल विरोध रैली आयोजित की, जिसमें हज़ारों लोग — बड़ी संख्या में महिलाएँ भी — सड़कों पर उतरे और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

रैली का स्वरूप और जनभागीदारी

प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे लहराते हुए देशभक्ति गीत गाए और नारे लगाते हुए अगरतला के विभिन्न इलाकों में मार्च किया। रैली के बाद राजधानी में एक बड़ी जनसभा भी आयोजित की गई, जहाँ वक्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। यह रैली आठ दलों — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)], भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी, अखिल भारतीय अग्रदल, CPI (ML), गण मंच और त्रिपुरा पीपुल्स पार्टी — की इंडिया ब्लॉक त्रिपुरा इकाई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई।

नेतृत्व और प्रमुख वक्ता

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ CPI(M) नेता माणिक सरकार, विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री माणिक डे, त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस कार्य समिति सदस्य सुदीप रॉय बर्मन तथा इंडिया ब्लॉक के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने रैली का नेतृत्व किया और सभा को संबोधित किया।

चार सूत्री माँगें

प्रदर्शनकारियों ने एक चार सूत्री मांगपत्र सामने रखा, जिसमें शामिल हैं: CEC ज्ञानेश कुमार को पद से तत्काल हटाना; SIR प्रक्रिया को निलंबित करना; चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कथित तौर पर प्रभावित करने वाले प्रावधानों की समीक्षा; और मुख्य चुनाव आयुक्त को दिए गए कानूनी संरक्षणों का विरोध। गठबंधन ने ये माँगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

मतदाता सूची पर गंभीर आरोप

CPI(M) त्रिपुरा राज्य सचिव और विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव में SIR प्रक्रिया से वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में पहले की SIR प्रक्रियाओं के तहत कथित तौर पर लगभग 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए जा चुके हैं, और आशंका है कि आगामी प्रक्रिया में त्रिपुरा से 25 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप भी लगाया।

त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने मतदाता पंजीकरण में डुप्लिकेट प्रविष्टियों और कुछ पतों पर असामान्य रूप से अधिक मतदाताओं के पंजीकरण की अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कथित अनियमितताएँ चुनावी प्रणाली में जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुँचा सकती हैं।

व्यापक समर्थन की अपील और आगे की राह

कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन ने इंडिया ब्लॉक के बाहर के राजनीतिक दलों और लोकतंत्र समर्थकों से भी कथित चुनावी कदाचार के विरुद्ध इस अभियान में शामिल होने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध की आवाज़ें तेज़ होती जा रही हैं। इंडिया ब्लॉक की त्रिपुरा इकाई ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग इन आरोपों का पारदर्शी जवाब देगा या नहीं — क्योंकि बिना जवाबदेही के, चुनावी प्रक्रिया में जनविश्वास की जो दरार पड़ रही है, वह किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे लोकतंत्र की क्षति है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगरतला में इंडिया ब्लॉक की रैली किस मुद्दे पर हुई?
यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को निलंबित करने की माँग को लेकर 30 अक्टूबर 2026 को अगरतला में आयोजित हुई। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी धांधली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की समीक्षा की एक प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं — त्रिपुरा में 25 लाख से अधिक मतदाताओं पर यह खतरा मँडरा रहा है।
इंडिया ब्लॉक त्रिपुरा की चार सूत्री माँगें क्या हैं?
गठबंधन की माँगें हैं: CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाना, SIR प्रक्रिया वापस लेना, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले कानूनी प्रावधानों की समीक्षा, और CEC को दिए गए कानूनी संरक्षणों का विरोध।
रैली में कौन-से प्रमुख नेता शामिल हुए?
रैली में त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी, त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा, पूर्व मंत्री माणिक डे और कांग्रेस कार्य समिति सदस्य सुदीप रॉय बर्मन सहित इंडिया ब्लॉक के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
क्या यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, इंडिया ब्लॉक की त्रिपुरा इकाई ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी चारों माँगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन ने इंडिया ब्लॉक से बाहर के दलों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले