एसआईआर पर मदन राठौड़ का पलटवार: कांग्रेस शासन में 10 बार हो चुकी है यह प्रक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने 30 अक्टूबर 2026 को जयपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जोरदार बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया न तो भारत में नई है और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई अभूतपूर्व व्यवस्था है।
कांग्रेस पर राठौड़ का सीधा हमला
एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के तीखे विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के शासनकाल में यह प्रक्रिया 10 बार लागू की जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी खुद इस प्रक्रिया का उपयोग कर चुकी है, वह अब इसे लोकतंत्र के लिए खतरा क्यों बता रही है। राठौड़ के अनुसार, कांग्रेस गलत जानकारी फैलाकर जनता में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है।
BJP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी टूलकिट का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति न जनहित में है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल।
आपातकाल और इंदिरा गांधी पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लोकतंत्र के प्रतीक के रूप में पेश किए जाने पर राठौड़ ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को खुश करने के लिए भ्रामक बयान दिए जा रहे हैं। BJP नेता ने कांग्रेस से अपनी 'भारत बचाओ' रैली से पहले इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को याद करने की नसीहत दी।
उन्होंने याद दिलाया कि उस दौर में समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लगाई गई थी, नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे और अनेक राजनीतिक नेताओं को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया था।
13 करोड़ नाम हटाने के आरोप पर राठौड़ के आंकड़े
कांग्रेस के इस आरोप पर कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, राठौड़ ने अपने दावों के साथ विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए। उनके अनुसार इनमें से 2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, 6.3 करोड़ अपना निवास स्थान बदल चुके थे, लगभग 1 करोड़ एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे और 3 करोड़ का पता नहीं लग पाया।
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का पता नहीं चल सका है, उन्हें केवल सत्यापन के लिए चिन्हित किया गया है — उन्हें स्वतः मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस यह चाहती है कि मृत या स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम सूची में बने रहें और उनका दुरुपयोग हो।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान कांग्रेस के लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर अपनाए जा रहे दोहरे रवैये के बारे में जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब राजस्थान सहित कई राज्यों में एसआईआर को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।
राठौड़ ने अंत में जोर देकर कहा कि सटीक और अद्यतन मतदाता सूची बनाए रखना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विवाद और गहराने की संभावना है।