डकार समर यूथ ओलंपिक 2026: गुंजन और अंबेडकर मेइतेई करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व बॉक्सिंग में
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा की युवा बॉक्सर गुंजन (महिलाओं की 48 किग्रा कैटेगरी) और मणिपुर के एल. अंबेडकर मेइतेई (पुरुषों की 50 किग्रा कैटेगरी) डकार समर यूथ ओलंपिक खेल 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। ये खेल सेनेगल में 31 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक आयोजित होंगे। दोनों बॉक्सरों ने क्वालीफाइंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर यह जगह सुनिश्चित की है।
कैसे मिली क्वालीफिकेशन
डकार 2026 के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार, चयन के योग्य होने के लिए बॉक्सरों का 2026 की पहली तिमाही में आयोजित 'अंडर-19 वर्ल्ड बॉक्सिंग फ्यूचर कप' में भाग लेना अनिवार्य था। इसके साथ ही, संबंधित नेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन का 'वर्ल्ड बॉक्सिंग' से संबद्ध होना भी ज़रूरी था। भारत ने इस प्रक्रिया में बॉक्सिंग के दो कोटा हासिल किए — एक पुरुषों की और एक महिलाओं की कैटेगरी में।
बॉक्सिंग प्रतियोगिता का विवरण
डकार 2026 में बॉक्सिंग मुकाबले 7 से 12 नवंबर के बीच डायम्नियाडियो स्थित डकार एग्जीबिशन सेंटर में होंगे। इन मुकाबलों में 77 नेशनल ओलंपिक कमेटियों के कुल 116 बॉक्सर हिस्सा लेंगे। पुरुषों के लिए वेट कैटेगरी 50, 55, 60, 65 और 70 किग्रा हैं, जबकि महिलाओं के लिए 48, 51, 54, 57 और 60 किग्रा कैटेगरी निर्धारित हैं।
भारत का बॉक्सिंग में ऐतिहासिक प्रदर्शन
हाल के वर्षों में भारत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बॉक्सिंग में एक मज़बूत दावेदार के रूप में उभरा है। भारत ने समर ओलंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीते हैं। यूथ ओलंपिक में भी भारत का रिकॉर्ड उल्लेखनीय रहा है — 2018 संस्करण तक भारत ने यूथ ओलंपिक बॉक्सिंग में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
डकार 2026 की ऐतिहासिक अहमियत
डकार 2026 इन खेलों का चौथा संस्करण है। गौरतलब है कि ये खेल मूल रूप से 22 अक्टूबर से 9 नवंबर 2022 तक आयोजित होने वाले थे, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया था। अब ये 14 दिनों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। यह अफ्रीका में होने वाला पहला आईओसी इवेंट होगा और किर्स्टी कोवेंट्री की आईओसी अध्यक्षता में आयोजित होने वाले पहले यूथ ओलंपिक खेल भी होंगे। 2010 में सिंगापुर में इन खेलों की शुरुआत हुई थी, और तब से बॉक्सिंग हर संस्करण में इनका हिस्सा रही है।
आगे क्या होगा
गुंजन और अंबेडकर मेइतेई के सामने 77 देशों के प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला होगा। यदि ये दोनों पदक जीतने में सफल रहे, तो यह भारतीय यूथ बॉक्सिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी और आने वाले वर्षों में सीनियर स्तर पर भारत की संभावनाओं को और मज़बूत करेगी।