क्या 2025 में मुक्केबाजी में भारत का दबदबा कायम रहा? महिला मुक्केबाजों ने कैसे इतिहास रचा?

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क्या 2025 में मुक्केबाजी में भारत का दबदबा कायम रहा? महिला मुक्केबाजों ने कैसे इतिहास रचा?

सारांश

2025 में भारतीय मुक्केबाजों ने अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचाया। विशेषकर महिलाओं ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। जानिए इस साल की मुख्य उपलब्धियों के बारे में।

Key Takeaways

  • भारतीय मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
  • महिला मुक्केबाजों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
  • बॉक्सिंग फेडरेशन ने ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर को बढ़ावा दिया।
  • ग्रामीण प्रतिभाओं को मौके दिए गए।
  • आने वाले ओलंपिक में भारतीय मुक्केबाजों की तैयारी दिखेगी।

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बॉक्सिंग के लिए साल 2025 विशेष रूप से गर्व का क्षण रहा है। पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम ऊँचा किया।

विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप और विश्व बॉक्सिंग कप फाइनल्स में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन अत्यधिक सराहनीय रहा। आइए, हम साल 2025 में भारतीय मुक्केबाजों की उपलब्धियों पर एक नज़र डालते हैं।

सितंबर 2025 में लिवरपूल में आयोजित विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिलाओं का प्रदर्शन अत्यंत शानदार रहा। भारत ने चार पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य शामिल हैं। जस्मिन लांबोरिया ने 57 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। मिनाक्षी हुडा ने 48 किग्रा में स्वर्ण, नुपुर शेरॉन ने 80+ किग्रा में रजत और पूजा रानी ने 80 किग्रा में कांस्य पदक जीता।

नवंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में भारत ने पदकों की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने कुल 20 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य थे। इसमें महिलाओं ने सात स्वर्ण पदक जीते, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। टूर्नामेंट में नुपुर शेरॉन, मिनाक्षी और जस्मिन ने फिर से अपनी उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।

भारत का वैश्विक स्तर पर मुक्केबाजी में यह ऐतिहासिक प्रदर्शन इस खेल में देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। विशेषकर महिलाओं की मुक्केबाजों ने अपनी शानदार उपलब्धियों से यह साबित किया है कि मैरी कॉम और निकहत जरीन की विरासत आगे बढ़ती रहेगी।

भारतीय मुक्केबाजों की इस अद्वितीय उपलब्धि में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का योगदान महत्वपूर्ण रहा। फेडरेशन ने प्रशिक्षण कैंप, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और खेल विज्ञान को मजबूत किया। ग्रामीण क्षेत्रों से उभरती प्रतिभाओं को अवसर दिया। 2025 में भारतीय मुक्केबाजों की तैयारी का परिणाम एशियन गेम्स और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में देखने को मिलेगा।

Point of View

बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

2025 में भारत ने विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कितने पदक जीते?
भारत ने विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कुल चार पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य शामिल हैं।
महिला मुक्केबाजों ने कितने स्वर्ण पदक जीते?
महिला मुक्केबाजों ने विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में कुल सात स्वर्ण पदक जीते, जो कि एक रिकॉर्ड है।
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