क्या मीनाक्षी हुड्डा ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता?

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क्या मीनाक्षी हुड्डा ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता?

सारांश

भारत के लिए एक और ऐतिहासिक पल! मीनाक्षी हुड्डा ने इंग्लैंड के लिवरपूल में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। जानिए इस अद्वितीय जीत के बारे में और उसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

मीनाक्षी हुड्डा ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
भारत ने इस चैंपियनशिप में कुल दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
जैस्मीन लैम्बोरिया ने 57 किग्रा वर्ग में पहला स्वर्ण जीता।
यह विश्व चैंपियनशिप का आयोजन इंग्लैंड में हो रहा है।
भारत ने 20 सदस्यीय दल भेजा है।

लिवरपूल, 14 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने इंग्लैंड के लिवरपूल में चल रही विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है। मीनाक्षी हुड्डा ने रविवार को महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर देश को यह उपलब्धि दिलाई। इससे पहले, जैस्मीन लैम्बोरिया ने 57 किग्रा वर्ग में पोलैंड की जूलिया स्जरमेटा को हराकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था.

हरियाणा की इस प्रतिभाशाली मुक्केबाज ने सुबह के सत्र में कजाकिस्तान की नाजिरन काइजेबे को हराकर विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। रोहतक जिले की निवासी मीनाक्षी ने पेरिस ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता नाजिम काइजेबे को 4:1 से मात देकर यह खिताब अपने नाम किया। हालाँकि, महिलाओं का 48 किग्रा भार वर्ग गैर-ओलंपिक है, फिर भी यह खिताब उन्हें दुनिया की शीर्ष मुक्केबाजों में स्थापित करेगा।

जैस्मीन (57 किग्रा) ने फाइनल में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की स्जरमेटा को 4:1 से हराकर लिवरपूल में 2025 की विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।

अन्य परिणामों में, नूपुर (80+ किग्रा) ने रजत पदक जीता, जबकि पूजा रानी (80 किग्रा) ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।

इससे पहले, मीनाक्षी, जैस्मीन और नूपुर ने अपने-अपने सेमीफाइनल में जीत दर्ज करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाई थी। मीनाक्षी ने मंगोलिया की अल्तांत्सेत्सेग लुत्सेखान पर 5:0 से शानदार जीत प्राप्त की। जैस्मीन ने वेनेजुएला की ओमेलिन कैरोलिना अल्काला सेगोविया को 5:0 से हराया, और नूपुर ने तुर्की की सेयमा दुज्तास को कड़ी टक्कर दी।

भारत ने हाल ही में स्थापित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी शासी निकाय, विश्व मुक्केबाजी के तहत आयोजित होने वाली पहली विश्व चैंपियनशिप में 20 सदस्यीय दल भेजा है और पुरुष और महिला दोनों वर्गों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि मीनाक्षी हुड्डा की जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। भारतीय मुक्केबाजी का भविष्य उज्ज्वल है, और हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में हमारे खिलाड़ी और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी हुड्डा ने किस वर्ग में स्वर्ण पदक जीता?
मीनाक्षी हुड्डा ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
भारत ने कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?
भारत ने इस चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
जैस्मीन लैम्बोरिया ने किस खिलाड़ी को हराया?
जैस्मीन लैम्बोरिया ने पोलैंड की जूलिया स्जरमेटा को हराया।
क्या 48 किग्रा वर्ग ओलंपिक में शामिल है?
नहीं, यह वर्ग ओलंपिक में शामिल नहीं है।
भारत ने कितने खिलाड़ियों का दल भेजा है?
भारत ने 20 सदस्यीय दल भेजा है।
राष्ट्र प्रेस
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