30 अक्टूबर 2026
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रामलीला मैदान रैली से केंद्र घबराई हुई है, जेन-जी विपक्ष के साथ: नसीम सिद्दीकी

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रामलीला मैदान रैली से केंद्र घबराई हुई है, जेन-जी विपक्ष के साथ: नसीम सिद्दीकी

सारांश

एनसीपी (एसपी) नेता नसीम सिद्दीकी का दावा — 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली से केंद्र सरकार 'घबराई' हुई है। उन्होंने व्यापारियों के नाम पर लिखे जा रहे पत्रों को BJP प्रायोजित बताया, SIR रद्द करने की माँग की और एमएलसी नतीजों को विपक्षी ताकत का सबूत करार दिया।

मुख्य बातें

एनसीपी (एसपी) नेता नसीम सिद्दीकी ने 30 अक्टूबर 2026 को कहा कि 1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली से केंद्र सरकार घबराई हुई है।
उन्होंने दावा किया कि जेन-जी और देश की जनता विपक्षी गठबंधन के साथ खड़ी है।
व्यापारियों के नाम पर लिखे जा रहे पत्रों को BJP प्रायोजित बताया गया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया तत्काल रद्द करने की माँग की गई।
हाल के एमएलसी चुनावों में पाँच में से तीन सीटों पर इंडिया ब्लॉक की जीत और नागपुर में BJP की हार का हवाला दिया।
सिद्दीकी ने माँग की कि सभी भावी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता नसीम सिद्दीकी ने 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर केंद्र सरकार स्पष्ट रूप से घबराई हुई है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता और युवा पीढ़ी — जिसे वे 'जेन-जी' कहते हैं — दोनों विपक्षी गठबंधन के पक्ष में खड़े हैं और सरकार की 'उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।'

रैली पर व्यापारियों की चिंता को सिद्दीकी ने खारिज किया

सिद्दीकी ने उन व्यापारियों को आड़े हाथों लिया जो यह तर्क दे रहे हैं कि एक दिन के विरोध प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश पहले ही कोरोना महामारी के दौरान लंबे लॉकडाउन का सामना कर चुका है, और उस कठिन दौर में व्यापारियों तथा आम नागरिकों की परेशानियों को उन्होंने एक व्यापारी के नाते खुद करीब से देखा है। उनका तर्क था कि एक दिन की रैली को अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताना तर्कसंगत नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों के नाम पर जो पत्र लिखे जा रहे हैं, वे वास्तव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर लिखवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'देश का संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में हैं, लेकिन कुछ लोग सम्मान और प्रतिष्ठा की कीमत करोड़ों रुपये में आंकने की कोशिश कर रहे हैं।'

एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग

सिद्दीकी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने माँग की कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया तत्काल रद्द की जानी चाहिए। यह मुद्दा विपक्षी दलों के लिए लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है।

'दिमागी नक्सल' विवाद और नसीरुद्दीन शाह का बचाव

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह से जुड़े 'दिमागी नक्सल' के विवाद पर सिद्दीकी ने कहा कि देश की तरक्की, सामाजिक सुधार और संविधान की रक्षा के बारे में सोचना कभी नक्सली विचारधारा नहीं हो सकती। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि जिस किसी के पास सोचने-समझने की क्षमता होती है, उसी को निशाना बनाया जाता है।

सिद्दीकी ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहते हैं और बेबाकी से अपनी बात रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से सवाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को — चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम — निशाना बनाया जाता है। उनके अनुसार, मुस्लिम पहचान होने के कारण नसीरुद्दीन शाह को निशाना बनाए जाने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।

महाराष्ट्र की राजनीति और एमएलसी चुनाव परिणाम

महाराष्ट्र की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि करीब 20 साल पहले फडणवीस को बहुत कम लोग जानते थे और दिल्ली की राजनीतिक कृपा से वे दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।

हाल के एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए सिद्दीकी ने कहा कि पाँच में से तीन सीटों पर इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की और नागपुर में भी BJP को हार का सामना करना पड़ा। बैलेट पेपर से हुए इन नतीजों का उल्लेख करते हुए उन्होंने माँग की कि देश में आने वाले सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली से पहले अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में इस रैली का राजनीतिक असर साफ दिखाई देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर युवाओं, को संबोधित करता है। व्यापारी-पत्रों को 'BJP-प्रायोजित' बताना और बैलेट पेपर की माँग उठाना दोनों मिलकर एक ऐसी कहानी गढ़ते हैं जो चुनावी विश्वसनीयता के सवाल को केंद्र में रखती है। एमएलसी नतीजों का संदर्भ देना रणनीतिक है — बैलेट से हुए चुनाव में जीत को EVM-आधारित प्रक्रिया पर सवाल उठाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज विपक्षी बयानबाजी के रूप में देख सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या रामलीला मैदान की रैली इंडिया ब्लॉक की एकजुटता को ठोस जमीन दे पाएगी या यह भी एक और आयोजन बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली कब और क्यों हो रही है?
इंडिया ब्लॉक की रैली 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित है। यह रैली सरकार की नीतियों, संविधान पर कथित खतरे और एसआईआर जैसे मुद्दों पर विपक्षी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए आयोजित की जा रही है।
नसीम सिद्दीकी ने व्यापारियों की चिंताओं पर क्या कहा?
नसीम सिद्दीकी ने कहा कि एक दिन के प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था खराब होने का तर्क गलत है। उन्होंने कोरोना लॉकडाउन का हवाला देते हुए कहा कि देश उससे कहीं कठिन परिस्थितियों से गुजर चुका है। साथ ही उन्होंने व्यापारियों के नाम पर लिखे जा रहे पत्रों को BJP प्रायोजित बताया।
एसआईआर (SIR) विवाद क्या है और सिद्दीकी की क्या माँग है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक चुनावी प्रक्रिया है जिस पर विपक्षी दलों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नसीम सिद्दीकी ने माँग की है कि इस प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
हाल के एमएलसी चुनावों में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन कैसा रहा?
सिद्दीकी के अनुसार, हाल के एमएलसी चुनावों में पाँच में से तीन सीटों पर इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की और BJP को नागपुर में भी हार का सामना करना पड़ा। ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे।
नसीरुद्दीन शाह विवाद पर सिद्दीकी का क्या कहना है?
सिद्दीकी ने कहा कि अभिनेता नसीरुद्दीन शाह हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहते हैं। उनके अनुसार, सरकार से सवाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को — हिंदू हो या मुस्लिम — निशाना बनाया जाता है, और मुस्लिम पहचान के कारण नसीरुद्दीन शाह पर यह खतरा और अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
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