राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर को कुरुक्षेत्र दौरे पर, भद्रकाली मंदिर पूजा से गुरुकुल शताब्दी तक तीन कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगी, जहाँ वह धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयामों को समाहित करने वाले तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लेंगी। यह दौरा हरियाणा की स्थापना वर्षगाँठ के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मृति को भी जोड़ता है।
पहला पड़ाव: श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना
राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे की शुरुआत कुरुक्षेत्र के प्राचीन शक्तिपीठ श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना से होगी। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और इस क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। राष्ट्रपति का इस स्थान पर आगमन धार्मिक महत्व के साथ प्रतीकात्मक दृष्टि से भी उल्लेखनीय है।
दूसरा पड़ाव: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का हीरक जयंती समारोह
इसके बाद राष्ट्रपति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित हीरक जयंती समारोह में शिरकत करेंगी। इस कार्यक्रम के दौरान एक राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगी, जिसमें हरियाणा की सांस्कृतिक और विकासात्मक यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ज्ञान, संस्कृति और इतिहास का संगम स्थल माना जाता है।
तीसरा पड़ाव: गुरुकुल कुरुक्षेत्र का 114वाँ वार्षिकोत्सव
दौरे के तीसरे और अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी और अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी समारोह का भी आयोजन होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुरुकुल प्रबंधन ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
ओडिशा संकट पर मुख्यमंत्री से संवाद
कुरुक्षेत्र दौरे की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मु ने चक्रवात अर्नब और उसके बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से टेलीफोन पर बातचीत की। राष्ट्रपति ने राज्य में जारी राहत और बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा चक्रवात एवं बाढ़ से प्रभावित और विस्थापित लोगों के कल्याण के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री माझी ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के प्रति राष्ट्रपति की चिंता और सहयोग के लिए वह कृतज्ञ हैं।
आयोजन का व्यापक महत्व
यह दौरा आस्था, शिक्षा और राष्ट्रीय स्मृति — तीनों धाराओं को एक सूत्र में पिरोता है। स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी के साथ हरियाणा दिवस का संयोग इस कार्यक्रम को एक विशेष ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करता है। आने वाले दिनों में इन आयोजनों से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है।