30 अक्टूबर 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर को कुरुक्षेत्र दौरे पर, भद्रकाली मंदिर पूजा से गुरुकुल शताब्दी तक तीन कार्यक्रम

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर को कुरुक्षेत्र दौरे पर, भद्रकाली मंदिर पूजा से गुरुकुल शताब्दी तक तीन कार्यक्रम

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 1 नवंबर का कुरुक्षेत्र दौरा महज़ एक राजकीय यात्रा नहीं — यह आस्था, शिक्षा और स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति का त्रिवेणी संगम है। स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी और हरियाणा दिवस का यह संयोग इस दौरे को विशेष ऐतिहासिक गरिमा प्रदान करता है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को हरियाणा दिवस पर कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगी।
दौरे में तीन कार्यक्रम शामिल — श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का हीरक जयंती समारोह, और गुरुकुल कुरुक्षेत्र का 114वाँ वार्षिकोत्सव ।
स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी का आयोजन भी गुरुकुल परिसर में होगा।
राष्ट्रपति ने चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से फ़ोन पर हालचाल लिया।
मुख्यमंत्री माझी ने एक्स पर राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगी, जहाँ वह धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयामों को समाहित करने वाले तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लेंगी। यह दौरा हरियाणा की स्थापना वर्षगाँठ के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मृति को भी जोड़ता है।

पहला पड़ाव: श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना

राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे की शुरुआत कुरुक्षेत्र के प्राचीन शक्तिपीठ श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना से होगी। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और इस क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। राष्ट्रपति का इस स्थान पर आगमन धार्मिक महत्व के साथ प्रतीकात्मक दृष्टि से भी उल्लेखनीय है।

दूसरा पड़ाव: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का हीरक जयंती समारोह

इसके बाद राष्ट्रपति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित हीरक जयंती समारोह में शिरकत करेंगी। इस कार्यक्रम के दौरान एक राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगी, जिसमें हरियाणा की सांस्कृतिक और विकासात्मक यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ज्ञान, संस्कृति और इतिहास का संगम स्थल माना जाता है।

तीसरा पड़ाव: गुरुकुल कुरुक्षेत्र का 114वाँ वार्षिकोत्सव

दौरे के तीसरे और अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी और अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी समारोह का भी आयोजन होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुरुकुल प्रबंधन ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

ओडिशा संकट पर मुख्यमंत्री से संवाद

कुरुक्षेत्र दौरे की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मु ने चक्रवात अर्नब और उसके बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से टेलीफोन पर बातचीत की। राष्ट्रपति ने राज्य में जारी राहत और बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा चक्रवात एवं बाढ़ से प्रभावित और विस्थापित लोगों के कल्याण के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री माझी ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के प्रति राष्ट्रपति की चिंता और सहयोग के लिए वह कृतज्ञ हैं।

आयोजन का व्यापक महत्व

यह दौरा आस्था, शिक्षा और राष्ट्रीय स्मृति — तीनों धाराओं को एक सूत्र में पिरोता है। स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी के साथ हरियाणा दिवस का संयोग इस कार्यक्रम को एक विशेष ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करता है। आने वाले दिनों में इन आयोजनों से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वैदिक शिक्षा और स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति। स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी का गुरुकुल परिसर में आयोजन और राष्ट्रपति की उपस्थिति मिलकर इस कार्यक्रम को प्रतीकात्मक रूप से असाधारण बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा अपनी स्थापना के हीरक जयंती वर्ष में है, और राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति राज्य की सांस्कृतिक पहचान को केंद्र की मान्यता देती है। साथ ही, ओडिशा संकट पर राष्ट्रपति की सक्रियता — मुख्यमंत्री से सीधा संवाद — यह दर्शाती है कि संवैधानिक पद केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संवेदनशील और तत्पर भी हो सकता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र में कब और किस उद्देश्य से जाएंगी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को हरियाणा दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगी। वह धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
कुरुक्षेत्र दौरे में राष्ट्रपति किन-किन कार्यक्रमों में शामिल होंगी?
राष्ट्रपति मुर्मु श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में हीरक जयंती समारोह में भाग लेंगी और राज्यस्तरीय प्रदर्शनी देखेंगी। तीसरे चरण में वह गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि रहेंगी।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के वार्षिकोत्सव में स्वामी श्रद्धानंद की शताब्दी का क्या महत्व है?
इस आयोजन में महान स्वतंत्रता सेनानी और हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी मनाई जाएगी। स्वामी श्रद्धानंद गुरुकुल शिक्षा आंदोलन के प्रणेता थे और उनकी स्मृति में यह आयोजन वैदिक शिक्षा की विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से क्यों बात की?
राष्ट्रपति मुर्मु ने चक्रवात अर्नब और उससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने राहत-बचाव कार्यों की प्रगति जानी और प्रभावित लोगों के कल्याण के प्रति चिंता व्यक्त की।
हरियाणा दिवस पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में क्या आयोजन हो रहा है?
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में हरियाणा दिवस पर हीरक जयंती समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एक राज्यस्तरीय प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसका अवलोकन राष्ट्रपति करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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