30 अक्टूबर 2026
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मनीषा भनवाला ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का पहला स्वर्ण जीता, 6-0 से पिछड़कर 8-6 से की वापसी

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मनीषा भनवाला ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का पहला स्वर्ण जीता, 6-0 से पिछड़कर 8-6 से की वापसी

सारांश

6-0 से पिछड़ रही थीं, फिर भी हार नहीं मानी — मनीषा भनवाला ने अस्ताना में जो किया, वह भारतीय कुश्ती के इतिहास में दर्ज हो गया। 'गट-रिंच' और 'टेकडाउन' के दम पर 8-6 की जीत और देश को पहला वर्ल्ड रेसलिंग गोल्ड — यह सिर्फ एक पदक नहीं, भारतीय महिला कुश्ती का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

मनीषा भनवाला ने 30 अक्टूबर 2026 को अस्ताना में सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के महिला 59 किग्रा फाइनल में जीत दर्ज की।
मनीषा 6-0 से पिछड़ रही थीं और अंततः 8-6 से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
अमेरिका की एबिगेल नेट को हराकर भारत को इस चैंपियनशिप का पहला स्वर्ण पदक मिला।
इससे पहले नीलम (50 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) फाइनल में हार गई थीं।
मनीषा ने सेमीफाइनल में मंगोलिया की बोलोर्टुया खुरेलखु और प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराया था।

भारतीय महिला पहलवान मनीषा भनवाला ने 30 अक्टूबर 2026 को अस्ताना, कजाकिस्तान में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के महिला 59 किग्रा फाइनल में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर भारत का इस प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक जीता। 6-0 से पिछड़ने के बाद की गई यह अविश्वसनीय वापसी भारतीय कुश्ती के इतिहास के सबसे रोमांचक क्षणों में से एक बन गई है।

फाइनल का रोमांचक घटनाक्रम

फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए बेहद कठिन रही। एबिगेल नेट ने मनीषा को मैट पर गिराकर एक बार में 4 अंक हासिल कर लिए। भारत ने इस फैसले को चुनौती दी, लेकिन चुनौती असफल रही और नेट को एक अतिरिक्त अंक मिला, जिससे वह 5-0 से आगे हो गईं। इसके तुरंत बाद मनीषा को एक चेतावनी मिलने के कारण अमेरिकी पहलवान की बढ़त 6-0 हो गई।

ब्रेक से ठीक पहले मनीषा ने नेट को मैट से बाहर धकेल कर 'स्टेप-आउट' के जरिए 1 अंक हासिल किया और वापसी का पहला संकेत दिया। दूसरे हाफ में मनीषा ने नेट को 'टेकडाउन' किया — अमेरिकी टीम ने चुनौती दी कि रेफरी ने सीटी बजा दी थी, लेकिन यह चुनौती भी खारिज हो गई और मनीषा को एक और अंक के साथ 'पार टेरे' (जमीनी कुश्ती) का लाभ मिला।

मनीषा की ऐतिहासिक वापसी

6-4 के स्कोर पर मनीषा ने 'गट-रिंच' तकनीक का कुशलतापूर्वक प्रयोग करते हुए नेट को पलटा और एक साथ 2 अंक जुटाए। उन्होंने 'फॉल' (पूर्ण जीत) हासिल करने की भी कोशिश की, हालाँकि उसमें सफलता नहीं मिली। नेट ने 6-6 की क्राइटेरिया-आधारित बढ़त बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन मनीषा ने अंतिम क्षणों में एक और 'टेकडाउन' कर 8-6 की बढ़त बना ली और मुकाबला समाप्त होने तक इसे बरकरार रखा।

फाइनल तक का सफर

मनीषा का अस्ताना में सफर प्री-क्वार्टर फाइनल से शानदार रहा, जहाँ उन्होंने कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराया। सेमीफाइनल में उन्होंने मंगोलिया की बोलोर्टुया खुरेलखु को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया और देश की उम्मीदें जगाईं।

भारत का इस चैंपियनशिप में प्रदर्शन

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के अनुसार, इस चैंपियनशिप में भारत की नीलम (50 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) ने भी फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन दोनों ही रजत पदक पर सिमट गईं। मनीषा की जीत ने उन दोनों मौकों की कसर पूरी की और भारत को इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण दिलाया।

आगे क्या

मनीषा की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक नई ऊँचाई है और आगामी ओलंपिक चक्र में भारत की दावेदारी को और मज़बूत करती है। 59 किग्रा भार वर्ग में वैश्विक स्तर पर यह जीत मनीषा को एक शीर्ष दावेदार के रूप में स्थापित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तीसरी बार मनीषा ने वह कर दिखाया जो पहले नहीं हो सका। 6-0 से पिछड़कर जीतना तकनीकी श्रेष्ठता से ज़्यादा मनोवैज्ञानिक ताकत की बात करता है। अब सवाल यह है कि भारतीय कुश्ती संघ इस जीत के गति को ओलंपिक तैयारी में कितनी प्रभावी ढंग से भुना पाता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा भनवाला ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कौन सा पदक जीता?
मनीषा भनवाला ने 30 अक्टूबर 2026 को अस्ताना में सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के महिला 59 किग्रा फाइनल में स्वर्ण पदक जीता। यह इस चैंपियनशिप में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
मनीषा भनवाला ने फाइनल में किसे हराया?
मनीषा ने फाइनल में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराया। मनीषा 6-0 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
मनीषा भनवाला ने 6-0 से पिछड़कर कैसे जीत हासिल की?
ब्रेक के बाद मनीषा ने 'स्टेप-आउट', 'टेकडाउन' और 'गट-रिंच' तकनीकों का उपयोग करते हुए लगातार अंक जुटाए। 6-4, फिर 6-6 और अंत में 8-6 की बढ़त बनाकर उन्होंने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस चैंपियनशिप में भारत की अन्य महिला पहलवानों का क्या प्रदर्शन रहा?
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के अनुसार, नीलम (50 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) भी फाइनल तक पहुँची थीं, लेकिन दोनों रजत पदक पर सिमट गईं। मनीषा की जीत ने भारत को पहला स्वर्ण दिलाया।
मनीषा भनवाला का फाइनल तक का सफर कैसा रहा?
मनीषा ने प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराया, फिर सेमीफाइनल में मंगोलिया की बोलोर्टुया खुरेलखु को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उनकी ऐतिहासिक वापसी ने भारत को स्वर्ण दिलाया।
राष्ट्र प्रेस
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