सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप: मनीषा भानवाला 59 किग्रा फाइनल में, तनु शर्मा ने 72 किग्रा में सिल्वर जीता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पहलवान मनीषा भानवाला ने 29 अक्टूबर 2026 को अस्ताना (कजाकिस्तान) में जारी सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 59 किग्रा वर्ग के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इसी दिन तनु शर्मा ने 72 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत का अस्ताना में पदक अभियान जारी है।
मनीषा का सेमीफाइनल और फाइनल का सफर
मनीषा भानवाला ने सेमीफाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखु को पराजित कर भारत के लिए कम से कम एक सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर दिया। वह अब शुक्रवार को होने वाले गोल्ड मेडल मुकाबले में अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेटे से भिड़ेंगी। अपने अभियान की शुरुआत मनीषा ने प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरगार्ड को 6-2 से हराकर की थी।
तनु शर्मा का 72 किग्रा में पोडियम फिनिश
तनु शर्मा ने 72 किग्रा भार वर्ग में तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में अमेरिका की प्रीशियस रोसन्ना बेल को कड़े मुकाबले में 9-5 से हराकर पोडियम पर अपना नाम दर्ज किया। यह जीत तनु की तकनीकी मजबूती और मानसिक संयम दोनों का प्रमाण है।
अन्य भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन
अहिल्या शिंदे 55 किग्रा वर्ग में क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गईं। उन्होंने 16वें राउंड में क्यूबा की यानेलिस सानज वर्डेसिया को 8-1 से हराकर शुभारंभ किया था, लेकिन अंतिम-8 में तुर्किये की तुबा डेमिर से 6-9 से हार गईं। पुरुष फ्रीस्टाइल में विक्की हुडा (97 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में जापान के अराश योशिदा से 2-12 से हारे, लेकिन जापानी पहलवान के फाइनल में पहुँचने के बाद वे रेपेचेज दौर में वापसी के दावेदार हैं। 65 किग्रा में सुजीत कलकल का अभियान समाप्त हो गया।
काजल और नीलम का ऐतिहासिक सिल्वर — एक पीछे की नज़र
बुधवार को काजल धोचक (76 किग्रा) और नीलम सिरोही (50 किग्रा) ने अपने-अपने फाइनल में सिल्वर मेडल जीते थे। 18 वर्षीय काजल — जो दो अंडर-20 विश्व खिताब की धारक हैं — सीनियर चैंपियनशिप में पहली बार उतरते हुए यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा से 6-8 के करीबी स्कोर से हारीं। उल्लेखनीय है कि काजल ने सेमीफाइनल में 1-7 से पिछड़ने के बावजूद किर्गिस्तान की ऐपेरी मेदेत काइजी को 10-7 से हरा अद्भुत वापसी की थी। 26 वर्षीय नीलम को 50 किग्रा फाइनल में जापान की चार बार की वर्ल्ड चैंपियन युई सुसाकी से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। नीलम ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
भारतीय कुश्ती में एक ऐतिहासिक पल
गौरतलब है कि काजल और नीलम के एक साथ फाइनल में पहुँचना भारतीय कुश्ती इतिहास में पहली बार हुआ — कि किसी एक संस्करण में दो भारतीय महिलाएँ एक साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में खेलीं। यह अंशू मलिक की विरासत को आगे ले जाता है, जो 2021 में सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला थीं। अब मनीषा के फाइनल में होने के साथ, भारत के पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।