तनु शर्मा ने अंडर-20 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता सिल्वर, 72 किग्रा में भारत को दिलाई पदक की खुशी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के हांसी जिले के भकलाना गांव की युवा पहलवान तनु शर्मा ने स्लोवाकिया में आयोजित अंडर-20 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 72 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारतीय कुश्ती में अपना नाम दर्ज कराया। 21 अगस्त 2026 को आई इस खबर से भकलाना गांव में जश्न का माहौल है और परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई है।
फाइनल मुकाबला और पदक की उपलब्धि
फाइनल में तनु शर्मा का सामना जापान की मजबूत पहलवान चिसातो योशिदा से हुआ, जिसमें उन्हें 5-3 से हार का सामना करना पड़ा और वह गोल्ड मेडल से चूक गईं। बावजूद इसके, सिल्वर मेडल उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। पदक जीतने के बाद तनु ने मीडिया से कहा, 'मैं हरियाणा के भकलाना गांव से हूं। मुझे बहुत खुशी है कि मैंने अपने देश के लिए अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीता है।'
तनु ने यह पदक अपने गांव और देश को समर्पित करते हुए अगली बार गोल्ड मेडल जीतने का संकल्प भी लिया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ मेरा मेडल नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और मेरे गांव का सम्मान है। मैं गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई, लेकिन अगली बार मैं इसे जरूर जीतूंगी और देश का मान और बढ़ाऊंगी।'
परिवार और गांव की प्रतिक्रिया
भकलाना गांव में तनु की इस सफलता पर परिवार और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। तनु की माँ सुमन लता ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। गांव में हर कोई खुश है। इस लड़की ने पूरे गांव का नाम रोशन किया है।' उन्होंने बताया कि बेटी को पोषण के लिए हमेशा दूध, दही, जूस और बादाम दिए।
प्रेरणा और प्रशिक्षण की कहानी
तनु के पिता वीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि बचपन से ही तनु को खेलों में गहरी रुचि थी और वह अपने चचेरे भाई-बहनों के साथ खेलते हुए अपनी उम्र के सभी बच्चों को हरा देती थीं। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त उनके चाचा नरेंद्र शर्मा ने तनु की कुश्ती प्रतिभा को पहचाना और उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
वीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि उन्होंने तनु का दाखिला कोच संजय सिया की अकादमी में कराया, जिन्होंने बाद में उसे हिसार की साई स्पोर्ट्स अकादमी में भर्ती कराया। यहीं से तनु की व्यावसायिक कुश्ती यात्रा ने रफ्तार पकड़ी।
खेलो इंडिया से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
तनु की उपलब्धियों की सूची लंबी है। उन्होंने भोपाल में 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स' में ब्रॉन्ज मेडल, नागालैंड में 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स' में ब्रॉन्ज मेडल और चेन्नई में 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स' में गोल्ड मेडल जीता। पिता ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया — चेन्नई में गोल्ड जीतने के बाद गांव वालों ने उनका भव्य स्वागत करना चाहा, लेकिन तनु ने मना कर दिया और कहा, 'यह कोई बड़ा मेडल नहीं है; मेरा स्वागत तब करना जब मैं कोई इंटरनेशनल मेडल जीतकर आऊंगी।' आज वह वादा पूरा हो गया है।
तनु ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) का भी आभार जताया जिसने उन पर भरोसा किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला पहलवान अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। भकलाना गांव अब तनु के ऐतिहासिक स्वागत की तैयारी में जुटा है।