अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026: निकिता सहरावत का सिल्वर, कामना व गरिमा ने जीते ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला पहलवानों ने अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बाकू, अजरबैजान से 1 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल स्वदेश भेजे। 30 जुलाई 2026 को हुए इन मुकाबलों में निकिता सहरावत, कामना बाबल और गरिमा ने अलग-अलग भार वर्गों में पोडियम पर तिरंगा फहराया।
निकिता सहरावत का सिल्वर — फाइनल में अमेरिकी चैंपियन से टक्कर
57 किलोग्राम भार वर्ग में निकिता सहरावत ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में उनका सामना यूएसए की मौजूदा अंडर-17 वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट एपेनेसा एलिसन से हुआ। निकिता ने जुझारू संघर्ष किया, लेकिन अंततः 0-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत के लिए सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया।
कामना बाबल की जज्बेदार वापसी — 3-2 से ब्रॉन्ज
49 किलोग्राम वर्ग में कामना बाबल ने सेमीफाइनल में जापान की साइका उचिडा से हार के बाद हिम्मत नहीं हारी। तीसरे स्थान के मुकाबले में उन्होंने रूस की इरिना त्सिदीवा को कड़े संघर्ष में 3-2 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह जीत कामना की मानसिक दृढ़ता और तकनीकी कुशलता दोनों की मिसाल है।
गरिमा का दबदबा — 10-0 से टेक्निकल सुपीरियरिटी जीत
73 किलोग्राम भार वर्ग में गरिमा — जो पूर्व अंडर-15 एशियन चैंपियन हैं — ने सेमीफाइनल में यूएसए की कैली मैनुअल से 5-7 की करीबी हार के बाद शानदार पुनरागमन किया। ब्रॉन्ज मेडल मैच में उन्होंने स्पेन की पाउला बेनाइक्सा पेरेज को टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर 10-0 से रौंदकर पोडियम पर अपनी जगह पक्की की।
मुख्य परिणाम
57 किग्रा: निकिता सहरावत — यूएसए की एपेनेसा एलिसन से 0-6 से हारीं (सिल्वर मेडल)।
49 किग्रा: कामना बाबल — रूस की इरिना त्सिदीवा को 3-2 से हराया (ब्रॉन्ज मेडल)।
73 किग्रा: गरिमा — स्पेन की पाउला बेनाइक्सा पेरेज को 10-0 (टेक्निकल सुपीरियरिटी) से हराया (ब्रॉन्ज मेडल)।
चैंपियनशिप का संदर्भ
अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक बाकू के नेशनल जिम्नास्टिक एरिना में हो रहा है। प्रतियोगिता की शुरुआत ग्रीको-रोमन कुश्ती से हुई, इसके बाद महिला रेसलिंग और अंत में फ्रीस्टाइल रेसलिंग होगी। इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का संचालन यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) करता है। भारत की इस पदक तिकड़ी ने युवा भारतीय कुश्ती की उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत किया है।