CWG 2026: प्रिया ने महिला 60 किग्रा बॉक्सिंग सेमीफाइनल में मारी एंट्री, 4-1 से जीत; भारत का मेडल पक्का
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज प्रिया ने 28 जुलाई को महिलाओं के 60 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टरफाइनल में स्कॉटलैंड की नियाम मिशेल को 4-1 के बहुमत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के तहत सेमीफाइनल में पहुँचने का अर्थ है कम-से-कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित — यानी भारत की झोली में एक और पदक आना तय हो गया है।
मुकाबले का घटनाक्रम
प्रिया की राह आसान नहीं रही। पाँच में से चार जजों के स्कोरकार्ड पर पहला राउंड गँवाने के बावजूद उन्होंने असाधारण संयम का परिचय दिया। दूसरे और तीसरे राउंड में उन्होंने तेज कॉम्बिनेशन पंच, सटीक काउंटर-अटैक और रिंग पर बेहतर नियंत्रण से मुकाबले का रुख पलट दिया।
स्कोरकार्ड पर चार जजों ने प्रिया के पक्ष में 28-27 का फैसला दिया, जबकि पाँचवें जज ने 29-26 से उन्हें विजेता घोषित किया। इस प्रकार 4-1 के निर्णायक फैसले के साथ उनकी जीत पक्की हुई।
अगला पड़ाव — सेमीफाइनल
प्रिया अब 31 जुलाई को सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी। वह गोल्ड मेडल मैच में जगह बनाने से महज एक जीत दूर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बॉक्सिंग दल ग्लासगो में लगातार अच्छे प्रदर्शन से देश की उम्मीदें बढ़ा रहा है।
प्रीति ने भी किया कमाल
प्रिया से पहले, साथी मुक्केबाज प्रीति ने महिलाओं के 54 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एसईसी हॉल 5 में सर्वसम्मत 5-0 के फैसले से हराया। जजों ने प्रीति के पक्ष में 30-25, 30-25, 30-26, 30-26 और 30-27 का स्कोर दिया।
मुकाबले के दौरान क्लाइड तीन बार रिंग में गिरीं, जो प्रीति के आक्रामक खेल की गवाही देता है। उन्होंने तीनों राउंड में प्रतिद्वंद्वी को बैकफुट पर रखा। गौरतलब है कि प्रीति इससे पहले 'राउंड ऑफ 16' में मलावी की म्टेंजे के खिलाफ दूसरे राउंड में रेफरी स्टॉपेज से जीती थीं।
भारत के लिए क्या मायने रखता है
दोनों मुक्केबाजों — प्रिया और प्रीति — के सेमीफाइनल में पहुँचने से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के बॉक्सिंग मेडल की संख्या कम-से-कम दो तय हो गई है। यदि दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल जीतती है, तो भारत का रजत या स्वर्ण पदक भी पक्का हो जाएगा। भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए यह प्रदर्शन राष्ट्रमंडल स्तर पर एक मजबूत संकेत है।