CWG 2026: प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने 30 मिनट में जीते 2 गोल्ड, भारत की मुक्केबाज़ी में ऐतिहासिक दोहरी जीत
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 1 अगस्त को भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने इतिहास रच दिया — प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने महज़ 30 मिनट के भीतर दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रीति ने 54 किलोग्राम भार वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को और जैस्मिन ने 57 किलोग्राम वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से पराजित किया। इस दोहरी जीत के साथ भारत का मेडल खाता और समृद्ध हुआ।
प्रीति पवार की दमदार जीत
एसईसी हॉल-5 में दिन के पहले फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार ने शुरू से ही अपना दबदबा कायम किया। पहले राउंड में सभी 5 जजों ने 10-10 अंक देकर प्रीति के पक्ष में मतदान किया। दूसरे राउंड में भी उन्होंने सभी जजों से पूरे अंक हासिल किए, जबकि डेलगाडो के पंच सही निशाने पर नहीं लग पा रहे थे।
तीसरे राउंड में प्रीति ने रणनीतिक रूप से प्रतिद्वंद्वी को थकाने की कोशिश की — पहले दो राउंड में बड़ी बढ़त होने के बावजूद उन्होंने आक्रामकता नहीं छोड़ी। तीसरे राउंड में भी सभी 5 जजों ने 10-10 अंक प्रीति को देते हुए 5-0 का निर्विवाद फैसला सुनाया।
गौरतलब है कि प्रीति का इस टूर्नामेंट में सफर बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने 'राउंड ऑफ-16' में मलावी की डेबोरा म्टेंजे को रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (RSC) से, क्वार्टर फाइनल में नॉर्दन आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 से, और सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को भी 5-0 से हराया था।
जैस्मिन लंबोरिया का 'गोल्डन पंच'
जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श के खिलाफ पहले राउंड में 3-2 की करीबी बढ़त ली। दूसरे राउंड से जैस्मिन ने रफ्तार और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए, और प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह हावी हो गईं। तीसरा राउंड 4-1 से जीतते हुए उन्होंने 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया — और भारत को उस दिन का सातवाँ गोल्ड दिलाया।
जैस्मिन का टूर्नामेंट सफर भी उतना ही प्रभावी रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की एलीस ग्लिन को 4-1 से और सेमीफाइनल में लिसोथो की रापेलैंग मासेलेला को 5-0 से हराया था।
भारत की मेडल टैली
इन दो स्वर्ण पदकों के बाद भारत 7 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज — कुल 25 मेडल — के साथ समग्र मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुँच गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी में महिला खिलाड़ियों का वर्चस्व लगातार बढ़ रहा है।
आगे क्या
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के शेष मुकाबले अभी बाकी हैं और पदक तालिका में ऊपर चढ़ने की संभावनाएँ बनी हुई हैं। प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया की यह जीत भारतीय महिला मुक्केबाज़ी के उज्जवल भविष्य का संकेत देती है।