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डेलनाज ईरानी और दिव्या दत्ता ने मनाई गणेश चतुर्थी, बोलीं- 'बप्पा को अच्छे विचार और मीठी जुबान ज़्यादा पसंद'

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डेलनाज ईरानी और दिव्या दत्ता ने मनाई गणेश चतुर्थी, बोलीं- 'बप्पा को अच्छे विचार और मीठी जुबान ज़्यादा पसंद'

सारांश

डेलनाज ईरानी और दिव्या दत्ता के लिए गणेश चतुर्थी सिर्फ एक त्योहार नहीं — यह आस्था, परिवार और जीवन-दर्शन का संगम है। डेलनाज का कहना है कि बप्पा को मोदक से ज़्यादा अच्छे विचार और मीठी जुबान पसंद है, जबकि दिव्या मानती हैं कि बप्पा हर मुश्किल में साथ रहते हैं।

मुख्य बातें

डेलनाज ईरानी ने गणेश चतुर्थी 2026 परिवार के साथ मनाई और बताया कि बप्पा के आगमन से घर में सकारात्मकता आ जाती है।
डेलनाज के अनुसार, बप्पा को मोदक और फूलों से भी ज़्यादा इंसान के अच्छे विचार, मीठी जुबान और निस्वार्थ भावना पसंद है।
इस वर्ष डेलनाज ने सफेद गणपति मूर्ति के साथ सफेद और पर्पल ताज़े फूलों से सजावट की।
बप्पा डेढ़ दिन के लिए आते हैं — इसलिए डेलनाज हर साल नई थीम और ताज़े फूलों से उत्सव को खास बनाती हैं।
दिव्या दत्ता ने कहा कि जीवन के कठिन समय में बप्पा हमेशा सही रास्ता दिखाते हैं और हाथ थामे रहते हैं।

अभिनेत्री डेलनाज ईरानी और दिव्या दत्ता ने इस वर्ष गणेश चतुर्थी 2026 का पर्व परिवार के साथ पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। दोनों के लिए गणपति बप्पा का घर आना महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है। डेलनाज ने बताया कि बप्पा के आगमन से घर की ऊर्जा और सकारात्मकता एकदम बदल जाती है, जबकि दिव्या ने कहा कि जीवन के कठिन पड़ावों पर उन्हें हमेशा लगा कि कोई अदृश्य शक्ति उनका हाथ थामे हुए है।

डेलनाज ईरानी की भक्ति — सजावट से परे सोच

डेलनाज ईरानी ने बताया, 'मेरे लिए हर साल बेहद खुशी का मौका होता है। बप्पा के आने से घर में चहल-पहल बढ़ जाती है, लोग मिलते हैं, साथ में खाना-पीना होता है और सभी को बप्पा के दर्शन का मौका मिलता है। हर साल मुझे लगता है कि बप्पा का घर आना अपने आप में एक आशीर्वाद है।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनके लिए भक्ति का अर्थ केवल मोदक, फूल और पूजा-सामग्री तक सीमित नहीं है।

डेलनाज के अनुसार, 'जब बप्पा घर आएं तो इंसान के मन में अच्छे विचार होने चाहिए, जुबान पर मीठे शब्द होने चाहिए और कर्म भी अच्छे होने चाहिए। भगवान गणेश को मोदक, फूल और नारियल पसंद हैं, लेकिन इन सबसे ज़्यादा ज़रूरी है इंसान की अच्छाई, मधुर भाषा और निस्वार्थ भावना।' उनका मानना है कि जब व्यवहार में अच्छाई होगी, तभी बप्पा प्रसन्न होंगे।

थीम-आधारित सजावट की परंपरा

गणपति की सजावट को लेकर डेलनाज हर साल एक अलग थीम अपनाती हैं। उन्होंने बताया, 'इस बार बप्पा की मूर्ति सफेद रंग की है, इसलिए मैंने सफेद और पर्पल रंग के ताज़े फूलों से सजावट की है।' उन्होंने एक पुराना किस्सा भी साझा किया — जब वे पूरी ऑरेंज रंग की गणपति मूर्ति घर लाई थीं और घर की पूरी सजावट भी उसी रंग में सजाई गई थी।

उन्होंने यह भी बताया कि वे सूखे फूलों या पौधों का उपयोग करने से बचती हैं और हमेशा ताज़े फूलों को प्राथमिकता देती हैं। 'बप्पा घर सिर्फ डेढ़ दिन के लिए आते हैं, इसलिए मैं इस छोटे से समय को पूरी तरह खास बनाना चाहती हूँ,' उन्होंने कहा।

दिव्या दत्ता — बप्पा एक भरोसेमंद साथी

अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने भी गणेश चतुर्थी का पर्व परिवार के साथ मनाया। उन्होंने कहा, 'जिंदगी में हमेशा कुछ न कुछ ऐसा होता है, जहाँ इंसान को भगवान की शरण में जाना पड़ता है। अगर इंसान का इरादा अच्छा है तो भगवान उसका हाथ मजबूती से थामे रहते हैं।'

दिव्या ने यह भी जोड़ा कि लोग गणपति बप्पा को कोई बड़ा भाई मानते हैं, कोई दोस्त और कोई भगवान — लेकिन रिश्ता चाहे जो भी हो, बप्पा हमेशा साथ रहते हैं।

मुश्किल वक्त में बप्पा का संदेश

दिव्या दत्ता ने कहा कि जीवन के कठिन क्षणों में अक्सर यह समझ नहीं आता कि जो हो रहा है उसका अर्थ क्या है। 'लेकिन जब बाद में पीछे मुड़कर देखते हैं, तो महसूस होता है कि उस वक्त जो हुआ, उसी में आगे की भलाई छिपी थी। तब लगता है कि बप्पा ने सब कुछ सही दिशा में किया था,' उन्होंने कहा।

यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में गणेश उत्सव 2026 की धूम है और बॉलीवुड हस्तियाँ भी अपनी आस्था और परंपराओं को सार्वजनिक रूप से साझा करने में संकोच नहीं कर रहीं। दोनों अभिनेत्रियों के शब्द इस पर्व की आत्मा को — परिवार, आस्था और सकारात्मकता को — बखूबी बयाँ करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह बातचीत को सतही उत्सव से आगे ले जाती है। गौरतलब है कि बॉलीवुड हस्तियों का धार्मिक आस्था पर खुलकर बोलना अब पहले से अधिक आम हो गया है — यह सांस्कृतिक बदलाव है जिसे मीडिया अक्सर उत्सव की चमक-दमक के पीछे नज़रअंदाज़ कर देता है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डेलनाज ईरानी ने गणेश चतुर्थी पर क्या कहा?
डेलनाज ईरानी ने कहा कि बप्पा को मोदक और फूलों से भी ज़्यादा इंसान के अच्छे विचार, मीठी जुबान और निस्वार्थ भावना पसंद है। उन्होंने यह भी बताया कि बप्पा का घर आना हर साल उनके लिए एक विशेष आशीर्वाद जैसा होता है।
डेलनाज ईरानी ने इस साल गणपति की सजावट कैसे की?
इस साल डेलनाज ने सफेद रंग की गणपति मूर्ति स्थापित की और सफेद व पर्पल रंग के ताज़े फूलों से घर सजाया। वे हर साल एक नई थीम अपनाती हैं और सूखे फूलों की जगह हमेशा ताज़े फूलों को प्राथमिकता देती हैं।
दिव्या दत्ता का गणपति बप्पा से क्या रिश्ता है?
दिव्या दत्ता मानती हैं कि बप्पा जीवन के हर कठिन मोड़ पर साथ रहते हैं — चाहे कोई उन्हें बड़ा भाई माने, दोस्त माने या भगवान। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में जो होता है, बाद में लगता है कि बप्पा ने सब सही दिशा में किया था।
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
गणेश चतुर्थी 2026 का पर्व 15 सितंबर 2026 को मनाया गया। यह उत्सव डेढ़ दिन से लेकर दस दिन तक विभिन्न परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।
डेलनाज ईरानी और दिव्या दत्ता कौन हैं?
डेलनाज ईरानी और दिव्या दत्ता भारतीय हिंदी फिल्म और टेलीविज़न जगत की जानी-मानी अभिनेत्रियाँ हैं। दोनों ने कई सफल फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में काम किया है और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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