जेपीएससी-जेएसएससी मामला: हाईकोर्ट फैसला मान्य होगा, ओबीसी से यूसीसी तक BJP पर बरसे कांग्रेस के राकेश सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने 15 सितंबर 2026 को रांची में पत्रकारों से बात करते हुए जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल समेत चार भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने से जुड़े सरकारी नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत में अपना पक्ष रखेगी और न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वह सभी पक्षों को स्वीकार होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ओबीसी आरक्षण, एमएमडीआर कानून, जीडीपी वृद्धि के आंकड़े, भारत-चीन संबंध, यूसीसी, दिशा सालियन मामला और राम मंदिर प्रशासन पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा।
जेपीएससी-जेएसएससी मामला: न्यायालय का फैसला सर्वमान्य होना चाहिए
सिन्हा ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने संवाद के माध्यम से उनकी माँगों पर निर्णय लिया था, जिसके तहत सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए गए थे। अब यह मामला न्यायालय में पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि लोगों का न्यायपालिका पर अटूट भरोसा है और अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।
ओबीसी जनगणना और हुंकार रैली
ओबीसी मुद्दे पर सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस जातीय जनगणना में अलग से ओबीसी कॉलम शामिल करने की माँग लगातार करती रही है, ताकि विभिन्न सामाजिक समूहों की वास्तविक संख्या सामने आए और जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी की बहस को बल मिले। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के ओबीसी विभाग की ओर से हुंकार रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें बापू वाटिका से लोकभवन तक मार्च निकाला जाएगा और राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। सिन्हा ने केंद्र सरकार पर ओबीसी समाज को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
एमएमडीआर कानून और झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ का बकाया
सिन्हा ने एमएमडीआर कानून को झारखंड के हितों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उनका आरोप था कि खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों का असर झारखंड की जमीन, पर्यावरण और विस्थापन पर पड़ता है, लेकिन राज्य के आर्थिक हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड से जुड़े करीब ₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का मुद्दा भी अनसुलझा है। कांग्रेस 26 सितंबर को लोकभवन मार्च करेगी, उसके बाद प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन होंगे और पार्टी इस कानून के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
जीडीपी, महंगाई और भारत-चीन संबंध
जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सिन्हा ने केंद्र सरकार पर 'जादुई आंकड़े' दिखाकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि अर्थव्यवस्था की वृद्धि इतनी मजबूत है, तो आम लोगों को महंगाई से राहत क्यों नहीं मिल रही और ग्रामीण-शहरी परिवारों का रसोई खर्च क्यों बढ़ रहा है। एलएसी पर चीन की सैन्य मौजूदगी में कमी की खबरों के बीच उन्होंने सतर्कता बरतने की बात कही और कहा कि भारत को चीन पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि भारतीय सेना की कार्रवाई के बावजूद संघर्षविराम क्यों किया गया।
यूसीसी, दिशा सालियन मामला और राम मंदिर विवाद
यूसीसी पर एनडीए में मतभेद के सवाल पर सिन्हा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल (यूनाइटेड) से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार बिहार में यूसीसी लागू करने का प्रस्ताव लाती है और जदयू इसका विरोध करती है, तो उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वह सरकार से समर्थन वापस लेगी या नहीं। दिशा सालियन मामले में सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने पर उन्होंने जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया। राम मंदिर के सीईओ चयन से जुड़े विवाद पर सिन्हा ने उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए और मंदिर प्रशासन में पूरी पारदर्शिता की माँग की, यह कहते हुए कि यह विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है — सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष जारी रहेगा।