15 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेपीएससी-जेएसएससी मामला: हाईकोर्ट फैसला मान्य होगा, ओबीसी से यूसीसी तक BJP पर बरसे कांग्रेस के राकेश सिन्हा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेपीएससी-जेएसएससी मामला: हाईकोर्ट फैसला मान्य होगा, ओबीसी से यूसीसी तक BJP पर बरसे कांग्रेस के राकेश सिन्हा

सारांश

कांग्रेस के राकेश सिन्हा ने रांची में एक साथ कई मोर्चे खोले — जेपीएससी-जेएसएससी से ओबीसी जनगणना, झारखंड के ₹1.36 लाख करोड़ के खनिज बकाये से यूसीसी और दिशा सालियन तक। यह सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि झारखंड में कांग्रेस की बहु-आयामी रणनीति का खाका था।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी मामले में झारखंड हाईकोर्ट का फैसला सभी पक्षों को स्वीकार होना चाहिए।
कांग्रेस के ओबीसी विभाग की ओर से हुंकार रैली और बापू वाटिका से लोकभवन तक मार्च की घोषणा; राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की योजना।
सिन्हा ने दावा किया कि झारखंड से जुड़े ₹1.36 लाख करोड़ के खनिज बकाये का मुद्दा अनसुलझा है; एमएमडीआर कानून के खिलाफ 26 सितंबर को मार्च और न्यायालय जाने की घोषणा।
नीतीश कुमार और जदयू से यूसीसी पर स्पष्ट रुख अपनाने की माँग; केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप।
भारत-चीन संबंध पर सतर्कता बरतने की अपील; पहलगाम हमले के बाद संघर्षविराम पर सरकार से जवाब माँगा।

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने 15 सितंबर 2026 को रांची में पत्रकारों से बात करते हुए जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल समेत चार भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने से जुड़े सरकारी नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत में अपना पक्ष रखेगी और न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वह सभी पक्षों को स्वीकार होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ओबीसी आरक्षण, एमएमडीआर कानून, जीडीपी वृद्धि के आंकड़े, भारत-चीन संबंध, यूसीसी, दिशा सालियन मामला और राम मंदिर प्रशासन पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा।

जेपीएससी-जेएसएससी मामला: न्यायालय का फैसला सर्वमान्य होना चाहिए

सिन्हा ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने संवाद के माध्यम से उनकी माँगों पर निर्णय लिया था, जिसके तहत सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए गए थे। अब यह मामला न्यायालय में पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि लोगों का न्यायपालिका पर अटूट भरोसा है और अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।

ओबीसी जनगणना और हुंकार रैली

ओबीसी मुद्दे पर सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस जातीय जनगणना में अलग से ओबीसी कॉलम शामिल करने की माँग लगातार करती रही है, ताकि विभिन्न सामाजिक समूहों की वास्तविक संख्या सामने आए और जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी की बहस को बल मिले। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के ओबीसी विभाग की ओर से हुंकार रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें बापू वाटिका से लोकभवन तक मार्च निकाला जाएगा और राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। सिन्हा ने केंद्र सरकार पर ओबीसी समाज को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

एमएमडीआर कानून और झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ का बकाया

सिन्हा ने एमएमडीआर कानून को झारखंड के हितों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उनका आरोप था कि खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों का असर झारखंड की जमीन, पर्यावरण और विस्थापन पर पड़ता है, लेकिन राज्य के आर्थिक हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड से जुड़े करीब ₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का मुद्दा भी अनसुलझा है। कांग्रेस 26 सितंबर को लोकभवन मार्च करेगी, उसके बाद प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन होंगे और पार्टी इस कानून के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।

जीडीपी, महंगाई और भारत-चीन संबंध

जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सिन्हा ने केंद्र सरकार पर 'जादुई आंकड़े' दिखाकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि अर्थव्यवस्था की वृद्धि इतनी मजबूत है, तो आम लोगों को महंगाई से राहत क्यों नहीं मिल रही और ग्रामीण-शहरी परिवारों का रसोई खर्च क्यों बढ़ रहा है। एलएसी पर चीन की सैन्य मौजूदगी में कमी की खबरों के बीच उन्होंने सतर्कता बरतने की बात कही और कहा कि भारत को चीन पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि भारतीय सेना की कार्रवाई के बावजूद संघर्षविराम क्यों किया गया।

यूसीसी, दिशा सालियन मामला और राम मंदिर विवाद

यूसीसी पर एनडीए में मतभेद के सवाल पर सिन्हा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल (यूनाइटेड) से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार बिहार में यूसीसी लागू करने का प्रस्ताव लाती है और जदयू इसका विरोध करती है, तो उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वह सरकार से समर्थन वापस लेगी या नहीं। दिशा सालियन मामले में सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने पर उन्होंने जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया। राम मंदिर के सीईओ चयन से जुड़े विवाद पर सिन्हा ने उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए और मंदिर प्रशासन में पूरी पारदर्शिता की माँग की, यह कहते हुए कि यह विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है — सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिखराव का संकेत ज़्यादा लगती है। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी जैसे युवा-केंद्रित मुद्दे पर पार्टी का संदेश धुंधला पड़ जाता है जब उसे दिशा सालियन और राम मंदिर के साथ एक ही पैकेज में परोसा जाए। ₹1.36 लाख करोड़ के खनिज बकाये का दावा गंभीर है, लेकिन बिना स्वतंत्र सत्यापन के यह आँकड़ा चुनौती-योग्य रहेगा। असली परीक्षा यह है कि 26 सितंबर का मार्च क्या कोई ठोस कानूनी या विधायी दबाव बना पाता है, या यह भी बयानों की लंबी कतार में एक और पड़ाव बनकर रह जाता है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल परीक्षाएँ क्यों रद्द की गई थीं?
छात्रों के आंदोलन के बाद झारखंड सरकार ने संवाद के माध्यम से उनकी माँगों पर निर्णय लेते हुए जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल समेत चार भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए थे। अब इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है और मामले पर सुनवाई जारी है।
कांग्रेस की हुंकार रैली क्या है और इसकी माँग क्या है?
कांग्रेस के ओबीसी विभाग द्वारा आयोजित हुंकार रैली में बापू वाटिका से लोकभवन तक मार्च और राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की योजना है। इसकी मुख्य माँग जातीय जनगणना में अलग ओबीसी कॉलम शामिल करना है ताकि जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
एमएमडीआर कानून को लेकर कांग्रेस का विरोध क्यों है?
कांग्रेस का आरोप है कि एमएमडीआर कानून झारखंड की जमीन, पर्यावरण और विस्थापन को प्रभावित करता है, जबकि राज्य के आर्थिक हितों की अनदेखी हो रही है। राकेश सिन्हा ने दावा किया कि झारखंड से जुड़े ₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का मुद्दा भी अनसुलझा है और पार्टी 26 सितंबर को मार्च के बाद न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
यूसीसी पर नीतीश कुमार और जदयू से कांग्रेस ने क्या माँग की है?
कांग्रेस नेता सिन्हा ने जदयू से स्पष्ट रुख अपनाने को कहा है — यदि केंद्र सरकार बिहार में यूसीसी लागू करने का प्रस्ताव लाती है और जदयू उसका विरोध करती है, तो उसे बताना चाहिए कि वह सरकार से समर्थन वापस लेगी या नहीं। केवल फोटो खिंचवाने से नहीं, बल्कि ठोस राजनीतिक निर्णय से बात बनेगी।
दिशा सालियन मामले में कांग्रेस की क्या आपत्ति है?
कांग्रेस का आरोप है कि सीबीआई की ओर से दिशा सालियन मामले में एफआईआर दर्ज करना जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल है। सिन्हा ने कहा कि जब विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरता है, तब सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले