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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद्द करो: छात्रों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव से झारखंड आने की अपील की

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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद्द करो: छात्रों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव से झारखंड आने की अपील की

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति तक पहुँच गया है। छात्र नेता मनोज यादव ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव से रांची आकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। छात्रों का साफ रुख है — पहले परीक्षाएँ रद्द हों, तभी बातचीत।

मुख्य बातें

छात्र नेता मनोज यादव ने 4 अगस्त को जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाएँ रद्द करने की माँग दोहराई।
उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर चल रहे धरने में शामिल होने की अपील की।
छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षाएँ रद्द करने की घोषणा नहीं होती, राज्य सरकार से कोई वार्ता नहीं होगी।
कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए एफआईआर में अधिकारियों के नाम शामिल करने और आउटसोर्सिंग बंद करने की माँग की।
BJP की सीबीआई जाँच की माँग पर छात्रों ने कहा कि 2003 से पहले के जेपीएससी मामले अब तक अनसुलझे हैं, इसलिए केवल जाँच की माँग पर्याप्त नहीं।

झारखंड की राजधानी रांची में 4 अगस्त को छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जब छात्र नेता मनोज यादव ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की समस्त परीक्षाएँ रद्द करने की माँग एक बार फिर दोहराई। साथ ही उन्होंने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर चल रहे धरने में शामिल होने की अपील की।

मुख्य घटनाक्रम

मनोज यादव ने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलनों और प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए धरनों में भागीदारी की थी, उसी तर्ज पर उन्हें झारखंड आकर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और उनकी उपस्थिति राज्य के छात्रों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संदेश होगी।

यादव ने स्पष्ट किया कि छात्र फिलहाल राज्य सरकार के साथ किसी भी वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि बातचीत तभी संभव होगी जब सरकार जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाओं को रद्द करने की औपचारिक घोषणा करे।

सीबीआई जाँच की माँग पर छात्रों का रुख

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से उठाई जा रही सीबीआई जाँच की माँग पर मनोज यादव ने कहा कि वर्ष 2003 से पहले और दूसरे जेपीएससी से जुड़े मामलों की जाँच अब तक अधूरी है। उनके अनुसार, केवल जाँच की माँग करना पर्याप्त नहीं है — छात्रों के हित में ठोस और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

छात्रों की प्रतिक्रिया और सरकारी अधिसूचना

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया बयान पर एक छात्रा ने कहा, 'मुझे लगता है कि दादा ने आखिरकार हमारी बात सुन ली है। जैसा कि आपने देखा होगा, एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिन परीक्षाओं को लेकर हमने सवाल उठाए थे, अब उनकी जाँच हो रही है।' उसी छात्रा ने यह भी जोड़ा, 'चाहे सीआईडी हो या ईडी, हमारा मकसद बिल्कुल अलग है। हमारी बस यही माँग है कि जो भी एजेंसी जाँच करे, वह ईमानदारी और निष्पक्षता से करे।'

कांग्रेस नेता का समर्थन

कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने छात्रों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा, 'हम नैतिक रूप से, तन-मन और संसाधनों के साथ छात्रों का पूरा समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि मैं खुद भी एक छात्रा रही हूँ और मैंने इस दर्द को महसूस किया है। जब सालों की मेहनत, उम्मीदें और अपेक्षाएँ टूट जाती हैं तो यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एफआईआर में संबंधित अधिकारियों के नाम क्यों शामिल नहीं किए गए, और कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में आउटसोर्सिंग की व्यवस्था बंद होनी चाहिए।

आगे क्या होगा

यह आंदोलन ऐसे समय में तेज हुआ है जब झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि जेपीएससी से जुड़े पुराने मामले अदालतों में वर्षों से लंबित हैं। छात्रों का दबाव बढ़ने के साथ अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार परीक्षा रद्द करने की माँग पर कोई ठोस निर्णय लेती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी व्यवस्थागत सुधार की बजाय हर बार जाँच की घोषणाओं से काम चलाया जाता रहा है। छात्रों का वार्ता से इनकार और राष्ट्रीय नेताओं को बुलाने की अपील यह संकेत देती है कि आंदोलन अब स्थानीय राजनीतिक दबाव से आगे बढ़ चुका है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार परीक्षा रद्द करने का साहस दिखाएगी, या फिर एक और जाँच समिति बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद क्या है और छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र रांची में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य माँग है कि इन दोनों आयोगों की सभी परीक्षाएँ रद्द की जाएँ और निष्पक्ष जाँच हो।
छात्र नेता मनोज यादव ने राहुल गांधी से क्यों झारखंड आने की अपील की?
मनोज यादव ने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्होंने पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलनों में भाग लिया था। उनकी माँग है कि राहुल गांधी झारखंड आकर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाएँ और राज्य या केंद्र सरकार से छात्रों के हित में आवाज उठाएँ।
क्या छात्र राज्य सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं?
नहीं। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे फिलहाल किसी वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि बातचीत तभी होगी जब सरकार पहले जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाएँ रद्द करने की औपचारिक घोषणा करे।
कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने आंदोलन पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने छात्रों को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। उन्होंने एफआईआर में संबंधित अधिकारियों के नाम शामिल करने और परीक्षा प्रक्रिया में आउटसोर्सिंग की व्यवस्था बंद करने की माँग की।
जेपीएससी की जाँच को लेकर पुरानी स्थिति क्या है?
छात्र नेता मनोज यादव के अनुसार, वर्ष 2003 से पहले और दूसरे जेपीएससी से जुड़े मामलों की जाँच अब तक पूरी नहीं हुई है। इसीलिए छात्रों का मानना है कि केवल सीबीआई जाँच की माँग पर्याप्त नहीं है, बल्कि समयबद्ध और ठोस कार्रवाई जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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