झारखंड छात्र आंदोलन पर कांग्रेस का समर्थन: राहुल गांधी बोले — संवाद से निकलेगा हल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेताओं ने 7 अगस्त 2026 को जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के चल रहे आंदोलन के समर्थन में एकजुट होकर कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों के साथ खड़े हैं और हर समस्या का समाधान संवाद से निकाला जा सकता है। नई दिल्ली में पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए आश्वासन को पूरा किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, 'राहुल गांधी ने जो आश्वासन दिया है, वह पूरा होगा। राहुल गांधी छात्रों के साथ हैं। छात्रों की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी।' झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक रामेश्वर उरांव ने राहुल गांधी के रुख की सराहना करते हुए कहा, 'जहां भी भ्रष्टाचार होता है, राहुल गांधी उसके खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं।'
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने संवाद को केंद्रीय समाधान बताते हुए कहा, 'हर समस्या का समाधान बातचीत से हो सकता है और जब संवाद होता है तो मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। बातचीत संभवतः उन छात्रों से होगी जो प्रदर्शन कर रहे हैं।'
सीबीआई जांच की मांग पर विवाद
कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सीबीआई जांच की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अगर वे सीबीआई जांच पर जोर दे रहे हैं, तो इसका मतलब हो सकता है कि BJP से जुड़े लोग इसमें शामिल लोगों को बचाना चाहते हैं।' कच्छप ने यह भी बताया कि 2002 और 2004 की सीबीआई जांचें अब तक क्लोजर रिपोर्ट तक नहीं पहुंची हैं और ये लगभग 15 वर्षों से लंबित हैं। उनके अनुसार, नया मामला सीबीआई को सौंपने से वही देरी दोहराई जा सकती है।
राहुल गांधी का वीडियो संदेश
राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि कांग्रेस युवाओं के साथ है। अपने वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है और देश की हर सरकार को छात्रों की बात सुनकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी अपनी परीक्षा-संबंधी माँगों को लेकर लंबे समय से सड़कों पर हैं।
आगे क्या होगा
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ सीधी बातचीत की संभावना तलाशी जाएगी। पार्टी का रुख है कि संवाद के ज़रिए ही छात्रों की समस्याओं को समझा और सुलझाया जा सकता है। झारखंड में इस आंदोलन का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा।