7 अगस्त 2026
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राहुल गांधी ने रांची के आंदोलनकारी छात्रों से की फोन पर बात, JPSC-JSSC अनियमितताओं पर झारखंड सरकार से बात का दिया भरोसा

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राहुल गांधी ने रांची के आंदोलनकारी छात्रों से की फोन पर बात, JPSC-JSSC अनियमितताओं पर झारखंड सरकार से बात का दिया भरोसा

सारांश

रांची में 13 दिनों से धरने पर बैठे JPSC-JSSC आंदोलनकारी छात्रों तक राहुल गांधी ने फोन पर पहुँच बनाई — समर्थन दिया, मांगों का ज्ञापन माँगा और झारखंड सरकार से बात का भरोसा दिलाया। 7 अगस्त को विधानसभा मार्च की घोषणा से आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 6 अगस्त की रात रांची के आंदोलनकारी छात्रों से करीब 10 मिनट फोन पर बातचीत की।
छात्र 25 जुलाई से JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ धरने पर हैं।
गांधी ने मांगों का विस्तृत ज्ञापन व्हाट्सएप पर भेजने को कहा और झारखंड सरकार से बात का आश्वासन दिया।
छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल — 8 छात्र , 2 पत्रकार , 1 अधिवक्ता — की सूची सरकार को भेजी।
छात्रों की माँग: CBI जाँच , दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में सुधार; वार्ता पूरी तरह सार्वजनिक हो।
7 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया गया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 6 अगस्त 2026 की रात रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 13 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों से फोन पर बातचीत की। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 25 जुलाई से आंदोलनरत इन छात्रों ने गांधी को पेपर लीक, लंबित नियुक्तियों और पारदर्शिता की माँग से अवगत कराया। गांधी ने मांगों का विस्तृत ज्ञापन व्हाट्सएप पर भेजने को कहा और झारखंड सरकार से बात करने का भरोसा दिलाया।

बातचीत कैसे हुई

यह संवाद रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के ज़रिए कराया गया। करीब 10 मिनट तक चली इस बातचीत में छात्र नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अनशन पर बैठे होने की जानकारी दी। राहुल गांधी ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि 'छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।'

11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन

छात्रों ने सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी की। इसमें 8 छात्र प्रतिनिधि, 2 पत्रकार और 1 अधिवक्ता शामिल हैं। हालाँकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि सरकार के सामने मांगें केवल छात्र प्रतिनिधि ही रखेंगे — पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक और मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे।

पारदर्शी वार्ता की शर्त

आंदोलनकारियों ने दोहराया कि वे बंद कमरे में किसी भी वार्ता में शामिल नहीं होंगे। उनकी माँग है कि बातचीत पूरी तरह सार्वजनिक और पारदर्शी हो। प्रतिनिधिमंडल की सूची सरकार को भेजे जाने के बावजूद देर रात तक वार्ता का समय और स्थान तय नहीं हो पाया था।

छात्रों की मुख्य माँगें

छात्र JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई (CBI) जाँच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता को लेकर युवाओं में व्यापक असंतोष है।

आगे क्या होगा

आंदोलनकारियों ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया है। गौरतलब है कि यह झारखंड में सरकारी भर्ती को लेकर हाल के वर्षों में सबसे लंबे चले छात्र आंदोलनों में से एक है। राहुल गांधी की सक्रियता से इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक ध्यान मिला है, और अब सभी की निगाहें झारखंड सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यावहारिक दृष्टि से इसकी सीमाएँ स्पष्ट हैं — झारखंड में सत्ता कांग्रेस-समर्थित गठबंधन की है, इसलिए विपक्ष की भूमिका में खड़े होकर दबाव बनाना राजनीतिक रूप से जटिल है। असली सवाल यह है कि क्या यह संवाद छात्रों की CBI जाँच की माँग को ठोस नतीजे तक पहुँचाएगा, या महज़ एक राजनीतिक संकेत बनकर रह जाएगा। 13 दिनों के आंदोलन के बाद भी वार्ता का समय-स्थान तय न होना सरकार की ओर से ढिलाई का संकेत है। 7 अगस्त का विधानसभा मार्च यह तय करेगा कि यह आंदोलन दबाव में आता है या और मज़बूत होता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने रांची के छात्रों से बात क्यों की?
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 13 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों की समस्याएँ सुनने और उन्हें समर्थन देने के लिए राहुल गांधी ने 6 अगस्त की रात फोन पर बातचीत की। उन्होंने झारखंड सरकार से मामला उठाने का भरोसा भी दिलाया।
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन की मुख्य माँगें क्या हैं?
छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की CBI जाँच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की माँग कर रहे हैं। साथ ही वे चाहते हैं कि सरकार के साथ कोई भी वार्ता पूरी तरह सार्वजनिक और पारदर्शी हो।
रांची छात्र आंदोलन कब से चल रहा है और आगे क्या होगा?
यह आंदोलन 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है। 7 अगस्त को आंदोलनकारियों ने विधानसभा मार्च का आह्वान किया है, जो इस आंदोलन का अब तक का सबसे बड़ा कदम होगा।
छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए कौन-सा प्रतिनिधिमंडल बनाया है?
छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है जिसमें 8 छात्र प्रतिनिधि, 2 पत्रकार और 1 अधिवक्ता शामिल हैं। हालाँकि सरकार के सामने मांगें केवल छात्र प्रतिनिधि ही रखेंगे; पत्रकार और अधिवक्ता मार्गदर्शक भूमिका में रहेंगे।
क्या झारखंड सरकार ने छात्रों से बात की है?
प्रतिनिधिमंडल की सूची सरकार को भेजे जाने के बावजूद 6 अगस्त की देर रात तक वार्ता का समय और स्थान तय नहीं हो पाया था। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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