झारखंड छात्र आंदोलन: कांग्रेस ने की जायज मांगें मानने की अपील, CM सोरेन ने बनाई 4 सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने सोमवार, 17 अगस्त को स्पष्ट किया कि छात्रों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान होना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक परीक्षा सुधार अनिवार्य हैं। रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ पूरी तरह खड़ी है।
कांग्रेस का रुख और राहुल गांधी की पहल
के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर में छात्रों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है। उन्होंने झारखंड के एक छात्र नेता से फोन पर बात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि इन मांगों का समाधान होना चाहिए।
राजू ने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में छात्र आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।
जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस का विरोध
के. राजू ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा कांग्रेस ने संसद और संसद के बाहर दोनों जगह उठाया था। पार्टी का स्पष्ट मत है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों पर हिंसा या बलप्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
सरकार की प्रतिक्रिया: मंत्रिमंडलीय समिति और जांच का निर्णय
कांग्रेस नेताओं ने के. राजू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर छात्रों की मांगों का जल्द समाधान करने का आग्रह किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित की, जो छात्रों से बातचीत कर लंबित मुद्दों को समझेगी और समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगी।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि छात्रों के साथ अब तक दो दौर की वार्ता हो चुकी है और सोमवार को तीसरे दौर की बातचीत निर्धारित थी। उन्होंने यह भी कहा कि टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाओं की जांच का निर्णय लिया गया है, जिसे राज्य सीआईडी अंजाम देगी। वित्तीय अनियमितता सामने आने पर केंद्रीय एजेंसी को भी जांच के लिए पत्र लिखने की बात सरकार ने कही है।
परीक्षा सुधार और फास्ट-ट्रैक न्याय
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल मामले की जांच की न्यायिक निगरानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जांच 90 दिनों के भीतर पूरी हो और छात्रों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का रास्ता अपनाया जाए।
पेपर लीक और परीक्षा में हेरफेर रोकने के लिए नई और प्रभावी व्यवस्था बनाने हेतु आईआईटी, आईआईएम, एक्सएलआरआई और एक्सआईएसएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करने का प्रस्ताव है। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षाविदों, मीडिया और अन्य हितधारकों के सुझावों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
गौरतलब है कि यह आंदोलन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में उठी व्यापक छात्र असंतोष की अभिव्यक्ति है। सरकार और विपक्ष दोनों के सक्रिय होने से अब इस मामले के जल्द समाधान की उम्मीद बढ़ी है।