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झारखंड छात्र आंदोलन: 24वें दिन सरकार-छात्र वार्ता आज, NDA बोला — सकारात्मक निर्णय होगा

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झारखंड छात्र आंदोलन: 24वें दिन सरकार-छात्र वार्ता आज, NDA बोला — सकारात्मक निर्णय होगा

सारांश

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन में आज फिर सरकार-छात्र वार्ता होगी। JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने समझौते का भरोसा जताया, जबकि कांग्रेस के अनुसार 95% मांगें मानी जा चुकी हैं।

मुख्य बातें

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन 24वें दिन जारी है।
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार 18 अगस्त को रांची में एक और दौर की वार्ता होनी है।
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के अनुसार छात्रों ने माना है कि सरकार ने उनकी 95% मांगें स्वीकार कर ली हैं।
JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने आज समझौते और आंदोलन समाप्ति का भरोसा जताया।
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने छात्रों को आंदोलन केंद्रित रखने और राजनीतिक भटकाव से बचने की अपील की।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के 24वें दिन, सोमवार 18 अगस्त 2025 को रांची में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच एक बार फिर वार्ता होनी है। इससे पहले कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक पूर्ण समाधान नहीं निकल पाया है। NDA नेताओं ने भरोसा जताया है कि आज की बैठक सकारात्मक रहेगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।

वार्ता का पृष्ठभूमि और अब तक का घटनाक्रम

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में धाँधली के आरोपों को लेकर छात्र पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से सड़कों पर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी नौकरियों की प्रतियोगिता पहले से ही तीव्र है और बेरोज़गारी युवाओं की बड़ी चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच कम से कम तीन दौर की बैठकें हो चुकी हैं।

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के अनुसार, छात्रों ने माना है कि सरकार ने उनकी 95 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं। शेष मांगों पर आज की बैठक में विचार-विमर्श होगा।

JMM और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, 'हम हमेशा से बातचीत चाहते रहे हैं। छात्र भी बातचीत के लिए तैयार हैं। आज का समय तय किया गया है। इसमें बातचीत और चर्चा होगी। हमें पूरा भरोसा है कि हमारे छात्र हमारी बातों से सहमत होंगे और हम किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।'

पांडे ने आगे कहा, 'आज कोई समझौता हो जाएगा। छात्र अपने-अपने घरों, कॉलेजों, लॉज और लाइब्रेरी लौट जाएंगे और अपनी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे।'

प्रदेश कांग्रेस के महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने आंदोलनकारी छात्रों से अपील की कि वे बातचीत के ज़रिए समाधान निकालें। उन्होंने कहा, 'झारखंड के युवा पिछले 25 सालों से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्हें अपने आंदोलन को केंद्रित रखना चाहिए क्योंकि कई राजनीतिक पार्टियाँ इसे भटकाने की कोशिश कर रही हैं।'

छात्रों की मांगें और सरकार का रुख

आंदोलन के मूल में JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की माँग है। छात्रों का आरोप है कि इन परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं जिससे योग्य अभ्यर्थी वंचित रह गए। सरकार का कहना है कि वह शुरू से ही संवाद के पक्ष में रही है और छात्रों की अधिकांश माँगें मानी जा चुकी हैं।

राकेश सिन्हा के अनुसार, 'सरकार संवाद में यकीन रखती है। तमाम पहलुओं पर आज चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय होगा।'

आगे क्या होगा

यदि आज की वार्ता सफल रहती है, तो 24 दिनों से जारी यह आंदोलन समाप्त हो सकता है और छात्र अपनी पढ़ाई पर वापस लौट सकते हैं। हालाँकि, शेष माँगों पर सहमति न बनने की स्थिति में आंदोलन और तेज़ होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता का व्यापक सवाल उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि शेष 5% में क्या है — अक्सर वही सबसे कठिन और महत्त्वपूर्ण बिंदु होते हैं। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं पर सवाल नए नहीं हैं; JPSC विवाद वर्षों से राज्य की राजनीति का हिस्सा रहा है। यह आंदोलन उस गहरी संरचनात्मक समस्या का लक्षण है जहाँ भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता दाँव पर है। वार्ता से अल्पकालिक शांति मिल सकती है, लेकिन जब तक JPSC और JSSC में पारदर्शी और स्वतंत्र जाँच तंत्र नहीं बनता, यह असंतोष फिर उभरेगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड छात्र आंदोलन किस मुद्दे पर हो रहा है?
यह आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की माँग कर रहे हैं।
सरकार और छात्रों के बीच अब तक कितनी बैठकें हो चुकी हैं?
रिपोर्टों के अनुसार अब तक कम से कम तीन दौर की बैठकें हो चुकी हैं। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के अनुसार इन बैठकों में छात्रों ने माना है कि सरकार ने उनकी 95 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं।
JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने आज की वार्ता पर क्या कहा?
JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने भरोसा जताया कि आज की बैठक में समझौता हो जाएगा और छात्र अपने घरों, कॉलेजों व लाइब्रेरी लौटकर परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार शुरू से ही बातचीत के पक्ष में रही है।
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने छात्रों से क्या अपील की?
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने छात्रों से आग्रह किया कि वे बातचीत के ज़रिए समाधान निकालें और आंदोलन को केंद्रित रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि कई राजनीतिक पार्टियाँ इस आंदोलन को भटकाने की कोशिश कर रही हैं।
अगर आज की वार्ता सफल नहीं हुई तो क्या होगा?
यदि शेष मांगों पर सहमति नहीं बनती, तो आंदोलन और तेज़ होने की आशंका है। यह आंदोलन पहले से ही 24 दिनों से जारी है और छात्रों का धैर्य परीक्षा में है।
राष्ट्र प्रेस
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