JPSC-JSSC अनियमितता पर CM हेमंत सोरेन का बड़ा बयान: प्रशासन ने संयम दिखाया, छात्रों की मांगें मानी जाएंगी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में उठे छात्र आंदोलन के बाद स्पष्ट किया कि राज्य सरकार छात्रों की माँगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगी। सोरेन ने युवाओं से संवाद और विश्वास के माध्यम से इस मुद्दे का समाधान निकालने की अपील की।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका
मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में आंदोलन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ हालात को संभाला — जो किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रबंधन की अपेक्षित कसौटी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आश्वासन
सोरेन ने आंदोलित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का उन्हें पूरा अधिकार है और उनकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्रों के साथ संवाद में रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की माँगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं, जिससे राज्य के लाखों अभ्यर्थियों में असंतोष गहरा है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार का वादा
सोरेन ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्था की उन कमियों को दूर किया जाएगा जिनकी वजह से भविष्य में छात्रों को परेशानी न उठानी पड़े। इस सुधार प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ तत्वों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। सोरेन ने युवाओं से ऐसे राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आने की अपील की।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केवल समस्याओं पर चर्चा करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि समाधान की नई मिसाल कायम करेगा। उन्होंने छात्रों को झारखंड का भविष्य बताते हुए एक बार फिर संवाद और विश्वास के साथ मुद्दे का हल निकालने की अपील की। अब सबकी नज़रें इस पर टिकी हैं कि सरकार अपने वादों को किस रूप में और कितने समय में अमल में लाती है।