10 अगस्त 2026
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JPSC-JSSC अनियमितता पर CM हेमंत सोरेन का बड़ा बयान: प्रशासन ने संयम दिखाया, छात्रों की मांगें मानी जाएंगी

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JPSC-JSSC अनियमितता पर CM हेमंत सोरेन का बड़ा बयान: प्रशासन ने संयम दिखाया, छात्रों की मांगें मानी जाएंगी

सारांश

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में उठे छात्र आंदोलन के बाद CM हेमंत सोरेन ने दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का वादा किया — साथ ही विपक्ष पर आंदोलन को भटकाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 10 अगस्त 2026 को JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितताओं पर छात्र आंदोलन के बाद सरकारी रुख स्पष्ट किया।
सोरेन ने आश्वासन दिया कि दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा और छात्रों की माँगों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी।
सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस की संयमित भूमिका की सराहना की।
विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ तत्वों ने राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन को भटकाने की कोशिश की।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में उठे छात्र आंदोलन के बाद स्पष्ट किया कि राज्य सरकार छात्रों की माँगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगी। सोरेन ने युवाओं से संवाद और विश्वास के माध्यम से इस मुद्दे का समाधान निकालने की अपील की।

प्रशासन और पुलिस की भूमिका

मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में आंदोलन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ हालात को संभाला — जो किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रबंधन की अपेक्षित कसौटी है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आश्वासन

सोरेन ने आंदोलित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का उन्हें पूरा अधिकार है और उनकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्रों के साथ संवाद में रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की माँगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं, जिससे राज्य के लाखों अभ्यर्थियों में असंतोष गहरा है।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार का वादा

सोरेन ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्था की उन कमियों को दूर किया जाएगा जिनकी वजह से भविष्य में छात्रों को परेशानी न उठानी पड़े। इस सुधार प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ तत्वों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। सोरेन ने युवाओं से ऐसे राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आने की अपील की।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केवल समस्याओं पर चर्चा करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि समाधान की नई मिसाल कायम करेगा। उन्होंने छात्रों को झारखंड का भविष्य बताते हुए एक बार फिर संवाद और विश्वास के साथ मुद्दे का हल निकालने की अपील की। अब सबकी नज़रें इस पर टिकी हैं कि सरकार अपने वादों को किस रूप में और कितने समय में अमल में लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने 'कार्रवाई' का वादा किया हो — और हर बार असली परीक्षा वादों के क्रियान्वयन में रही है। 'पारदर्शी व तकनीक-सक्षम' परीक्षा व्यवस्था की बात तब तक खोखली लगती है जब तक कोई ठोस समयसीमा और स्वतंत्र निगरानी तंत्र न हो। विपक्ष पर 'माहौल बिगाड़ने' का आरोप लगाना राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक है, लेकिन इससे वह मूल सवाल नहीं टलता कि अनियमितताएँ हुईं कैसे और जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

JPSC-JSSC छात्र आंदोलन किस बात को लेकर हुआ?
यह आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुआ। छात्रों ने दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की माँग रखी।
CM हेमंत सोरेन ने छात्रों को क्या आश्वासन दिया?
CM सोरेन ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और छात्रों की माँगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जवाबदेह बनाने का वादा भी किया।
झारखंड सरकार परीक्षा व्यवस्था में क्या सुधार करेगी?
सरकार का कहना है कि वह परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाएगी। इस सुधार में छात्रों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया है, हालाँकि अभी तक कोई ठोस समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
CM सोरेन ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
सोरेन ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ तत्वों ने शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं से ऐसे राजनीतिक नैरेटिव से दूर रहने की अपील की।
आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रशासन की क्या भूमिका रही?
CM सोरेन ने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में अधिकारियों और जवानों को धन्यवाद दिया।
राष्ट्र प्रेस
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