9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हेमंत सोरेन ने झारखंड परीक्षा सुधार के लिए युवाओं से मांगे सुझाव, पोर्टल लॉन्च

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हेमंत सोरेन ने झारखंड परीक्षा सुधार के लिए युवाओं से मांगे सुझाव, पोर्टल लॉन्च

सारांश

हेमंत सोरेन ने झारखंड की परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए युवाओं को सीधे जोड़ने की पहल की है। 'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान के तहत लॉन्च पोर्टल पर मिले सुझावों को विशेषज्ञ परीक्षण के बाद लागू करने का वादा किया गया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 9 अगस्त 2026 को परीक्षा सुधार के लिए युवाओं से सुझाव आमंत्रित किए।
'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान के तहत samvad.jharkhand.gov.in पोर्टल लॉन्च किया गया।
राज्य गठन के बाद पहली बार JPSC और भर्ती परीक्षाओं के लिए नई पारदर्शी नियमावली तैयार की गई।
प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं।
प्राप्त सुझावों का विशेषज्ञ परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा में लागू करने का वादा।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 9 अगस्त 2026 को राज्य की परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली में सुधार के लिए युवाओं से सीधे सुझाव आमंत्रित किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष, विश्वसनीय और समयबद्ध बनाने के लिए छात्रों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। इस उद्देश्य से सरकार ने samvad.jharkhand.gov.in पोर्टल लॉन्च किया है।

अभियान की रूपरेखा

मुख्यमंत्री सोरेन ने 'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान का उल्लेख करते हुए झारखंड के प्रत्येक जिले, प्रखंड, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान तथा सभी छात्र-छात्राओं से परीक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं और सुधार के सुझाव साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के सपनों से उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी हैं, इसलिए परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सुधार की दिशा में उठाए गए कदम

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य गठन के बाद पहली बार सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई नियमावली तैयार की है। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इन प्रावधानों को लेकर आलोचनाएँ भी हुईं, किंतु सरकार का मानना है कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

राष्ट्रीय संदर्भ और झारखंड का प्रयास

सोरेन ने रेखांकित किया कि देश के कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रश्नपत्र लीक और भर्ती अनियमितताओं को लेकर व्यापक बहस जारी है। उन्होंने कहा कि झारखंड का प्रयास केवल समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना है। वर्षों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों को अपेक्षित मजबूती न मिलने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने समस्याओं से मुँह मोड़ने के बजाय उन्हें स्वीकार किया और सुधार की राह पर कदम बढ़ाए हैं।

सुझावों का क्रियान्वयन कैसे होगा

मुख्यमंत्री के अनुसार, छात्रों से प्राप्त सुझावों का गहन अध्ययन किया जाएगा और विशेषज्ञों के माध्यम से उनका परीक्षण कराया जाएगा। नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप जिन सुझावों को लागू करना संभव होगा, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहती है, और इसमें युवाओं की भागीदारी को केंद्रीय भूमिका दी जाएगी। गौरतलब है कि यह पहल झारखंड में रोजगार और नियुक्ति प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार की कोशिशों का हिस्सा बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वादे नहीं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमंत सोरेन ने परीक्षा सुधार के लिए कौन-सा पोर्टल लॉन्च किया है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने samvad.jharkhand.gov.in पोर्टल लॉन्च किया है, जहाँ छात्र परीक्षा प्रणाली की कमियों और सुधार के सुझाव दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल 'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान का हिस्सा है।
झारखंड में परीक्षा व्यवस्था सुधार की ज़रूरत क्यों पड़ी?
राज्य में JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी परीक्षा अनियमितताओं को लेकर चर्चा के बीच सरकार ने इसे प्राथमिकता पर लिया है।
छात्रों के सुझाव कैसे लागू किए जाएंगे?
मुख्यमंत्री के अनुसार, पोर्टल पर मिले सुझावों का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण कराया जाएगा। नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप जो सुझाव व्यावहारिक होंगे, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
JPSC सुधार के लिए क्या नए प्रावधान किए गए हैं?
सरकार ने दावा किया है कि राज्य गठन के बाद पहली बार JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए नई पारदर्शी नियमावली तैयार की गई है। प्रश्नपत्र लीक रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान क्या है?
यह झारखंड सरकार का एक जन-भागीदारी अभियान है, जिसके तहत राज्य के जिलों, प्रखंडों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राओं से परीक्षा प्रणाली पर सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. कल
  4. 3 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले