7 अगस्त 2026
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जेपीएससी अनियमितताओं पर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा बयान, छात्रों से बातचीत को तैयार सरकार

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जेपीएससी अनियमितताओं पर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा बयान, छात्रों से बातचीत को तैयार सरकार

सारांश

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने संवाद का दरवाज़ा खोला है। सरकार सभी जिलों से सुझाव लेकर समयबद्ध सुधारों का वादा कर रही है — लेकिन असली परीक्षा अब बातचीत की मेज़ पर होगी।

मुख्य बातें

सीएम हेमंत सोरेन ने 7 अगस्त को रांची में कहा कि सरकार जेपीएससी और जेएसएससी अनियमितताओं पर छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है।
सरकार राज्य के सभी जिलों के छात्र-छात्राओं से सुझाव एकत्रित कर समयबद्ध सुधार लागू करेगी।
JMM नेता जयंत जयपाल सिंह ने माँग की कि बातचीत में केवल प्रदर्शनकारी छात्र शामिल हों, राजनीतिक हस्तक्षेप न हो।
AAP सांसद संजय सिंह के अनुसार, 2015 से देशभर में 148 पेपर लीक हो चुके हैं, जिनमें शीर्ष चार राज्य BJP शासित हैं।
मामले की जाँच जारी है; छात्रों और सरकार के बीच औपचारिक बातचीत की तिथि अभी तय नहीं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 7 अगस्त को रांची स्थित विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ संवाद का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार झारखंड सहित पूरे देश में छात्रों और युवाओं की समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री का रुख और बातचीत का प्रस्ताव

सोरेन ने कहा, 'हम सभी बातचीत के लिए तैयार हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार राज्य के सभी छात्र-छात्राओं की समस्याओं को समझना चाहती है और उनके सुझाव आमंत्रित हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, रांची के छात्रों के साथ-साथ राज्य के विभिन्न जिलों में रहने वाले युवाओं के विचार भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसी उद्देश्य से सरकार सभी जिलों के छात्रों की राय और सुझाव एकत्रित करेगी, ताकि समाधान व्यापक और समावेशी बन सके।

सुधारों की दिशा में सरकार की योजना

सोरेन ने कहा कि सरकार शीघ्र ही राज्य और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं के सुझाव एकत्रित कर समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने 'मजबूत और कड़े सुधारों' का संकल्प लेते हुए कहा कि व्यवस्था को छात्रों के अनुरूप बनाना सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस तेज है।

जेएमएम नेता की प्रतिक्रिया

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता जयंत जयपाल सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संवाद में राजनीतिक लोगों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, बातचीत में केवल वे छात्र शामिल हों जो वास्तव में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम सभी उनके साथ खड़े हैं।'

विपक्ष की आवाज़ और राष्ट्रीय संदर्भ

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि 2015 से अब तक पूरे देश में 148 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इनमें से शीर्ष चार राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित हैं। सिंह ने सवाल उठाया कि पेपर लीक की चर्चा में केवल झारखंड को निशाना क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन की प्रतिक्रिया में भाजपा नेता प्रतिदिन झारखंड का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि मामले की जाँच पहले से जारी है।

आगे क्या होगा

सरकार के अनुसार, आने वाले दिनों में सभी जिलों से छात्रों के सुझाव एकत्रित किए जाएंगे और शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद सुधारों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच औपचारिक बातचीत की कोई तिथि तय हो पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें कोई ठोस समयसीमा या जवाबदेही का ढाँचा नहीं है। जेपीएससी और जेएसएससी विवाद नए नहीं हैं — झारखंड में परीक्षा प्रणाली की खामियाँ वर्षों से उठती रही हैं। AAP सांसद का '148 पेपर लीक' का आँकड़ा मुद्दे को राष्ट्रीय बनाने की कोशिश है, लेकिन इससे झारखंड के छात्रों की तात्कालिक समस्या का समाधान नहीं होता। असली सवाल यह है कि 'सुझाव एकत्रित करने' की यह प्रक्रिया कब और कैसे ठोस नीतिगत बदलाव में तब्दील होगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में क्या अनियमितताएँ सामने आई हैं?
जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले की जाँच अभी जारी है और सरकार ने अभी तक विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों को क्या आश्वासन दिया है?
सीएम सोरेन ने कहा है कि सरकार सभी छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है और सभी जिलों से सुझाव एकत्रित कर समयबद्ध तरीके से सुधार लागू किए जाएंगे। उन्होंने 'मजबूत और कड़े सुधारों' का वादा किया है, हालाँकि कोई निश्चित समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।
JMM नेता ने बातचीत को लेकर क्या शर्त रखी?
JMM नेता जयंत जयपाल सिंह ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत में राजनीतिक लोगों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। केवल प्रदर्शनकारी छात्र ही इस संवाद में शामिल हों।
AAP सांसद संजय सिंह ने पेपर लीक पर क्या कहा?
AAP सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि 2015 से अब तक पूरे देश में 148 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें शीर्ष चार राज्य BJP शासित हैं और सवाल उठाया कि चर्चा केवल झारखंड तक सीमित क्यों है।
झारखंड सरकार आगे क्या कदम उठाएगी?
सरकार सभी जिलों के छात्रों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं से सुझाव एकत्रित करेगी और उसके आधार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार की रूपरेखा तैयार करेगी। औपचारिक बातचीत की तिथि और सुधारों का विस्तृत खाका अभी घोषित नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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