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JPSC-JSSC पेपर लीक विवाद: CM हेमंत सोरेन का वादा — संवैधानिक दायरे में मिलेगा छात्रों को न्याय

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JPSC-JSSC पेपर लीक विवाद: CM हेमंत सोरेन का वादा — संवैधानिक दायरे में मिलेगा छात्रों को न्याय

सारांश

11 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन ने पहली बार खुलकर बोला — संवैधानिक दायरे में न्याय का वादा किया, लेकिन सीबीआई जांच या परीक्षा रद्द करने पर कोई ठोस घोषणा नहीं। सरकार जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 4 अगस्त को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक और कानूनी दायरे में छात्रों को न्याय मिलेगा।
छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 11 दिनों से धरने पर हैं।
आंदोलनकारियों की मांग: सीबीआई जांच , विवादित परीक्षाएं रद्द करना और भर्ती में पारदर्शिता ।
सरकार ने जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद निर्णय सार्वजनिक करने का संकेत दिया।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार, 4 अगस्त को पहली बार जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ देख रही है और संवैधानिक व कानूनी दायरे में छात्रों को न्याय अवश्य दिलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री का बयान

रामगढ़ जिले के नेमरा में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह न्याय करने वाली संवेदनशील सरकार है। जिस समस्या के पीछे हम पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं। संवैधानिक दायरे के तहत मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं सीना चीरकर यह नहीं दिखा सकता कि हम कितने गंभीर हैं, लेकिन सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से देख रही है। इस सरकार के आंख-कान भी हैं और संवेदनशीलता भी है। छात्रों के हित में जो भी उचित होगा, राज्य सरकार वही निर्णय लेगी।'

जांच की स्थिति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि मामले की जांच फिलहाल जारी है और सरकार संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा, 'जांच एजेंसियों के निष्कर्ष और अनुसंधान का इंतजार है। बहुत जल्द राज्य के लोगों को इस विषय पर पूरी जानकारी दी जाएगी। जो भी संवैधानिक और कानूनी प्रावधान होंगे, उनके अनुरूप छात्रों को पूरा सहयोग मिलेगा।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्तरों पर प्रशासनिक गतिविधियां जारी हैं और जांच एजेंसियां पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही हैं। जांच के निष्कर्ष और सभी तथ्य सामने आने के बाद सरकार अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी।

छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि

राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के विरोध में छात्र 11 दिनों से धरने पर बैठे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर युवाओं का आक्रोश बढ़ रहा है।

आंदोलनकारी छात्र मुख्य रूप से तीन मांगें रख रहे हैं — विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच, कथित रूप से दोषपूर्ण परीक्षाओं को रद्द करना, और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना। गौरतलब है कि यह आंदोलन झारखंड में सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता को लेकर अब तक के सबसे लंबे छात्र धरनों में से एक बन चुका है।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार फिलहाल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और उसके आधार पर ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। छात्र संगठनों ने सरकार के आश्वासन को अपर्याप्त बताते हुए आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। अब देखना यह होगा कि जांच एजेंसियों के निष्कर्ष कब तक सामने आते हैं और सरकार किस दिशा में कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ठोस कार्रवाई के मामले में खाली हाथ है — न सीबीआई जांच की घोषणा, न परीक्षा रद्द करने का संकेत। 11 दिनों की चुप्पी के बाद आई यह प्रतिक्रिया बताती है कि सरकार राजनीतिक दबाव में आई है, न कि स्वेच्छा से। गौरतलब है कि झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता का यह पहला आरोप नहीं है, और बार-बार 'जांच जारी है' कहकर समय खींचने की रणनीति छात्रों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। जब तक जांच एजेंसियों के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं होते और परीक्षा प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधार नहीं होते, यह आंदोलन थमने के बजाय और तेज होने की आशंका है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

JPSC और JSSC परीक्षा विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के विरोध में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 11 दिनों से धरने पर बैठे हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
आंदोलनकारी छात्र तीन प्रमुख मांगें रख रहे हैं — विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच, कथित रूप से दोषपूर्ण परीक्षाओं को रद्द करना, और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
CM हेमंत सोरेन ने इस मामले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 4 अगस्त को कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और संवैधानिक व कानूनी दायरे में छात्रों को न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों के निष्कर्ष आने के बाद सरकार अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी।
सरकार अब तक कोई ठोस निर्णय क्यों नहीं ले पाई?
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सभी स्तरों पर प्रशासनिक गतिविधियां जारी हैं और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह आंदोलन कहाँ और कितने समय से चल रहा है?
यह आंदोलन राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 4 अगस्त तक 11 दिनों से जारी है। छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में यहाँ धरने पर बैठे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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