JPSC पेपर लीक: 15 दिन से आंदोलन, BJP नेता रामचंद्र राव ने माँगी CBI जाँच
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्रों का आंदोलन 8 अगस्त 2026 को लगातार 15वें दिन भी जारी रहा। इस बीच तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार छात्रों की पीड़ा के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है और पेपर लीक जैसे संगीन मामले में CBI जाँच अनिवार्य है।
मुख्य घटनाक्रम
छात्र कई दिनों से सड़कों पर उतरे हैं और उनकी केंद्रीय माँग है कि जेपीएससी पेपर लीक की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र लीक हो गए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर लग गया। रामचंद्र राव के अनुसार, राज्य सरकार न केवल इस माँग को नजरअंदाज कर रही है, बल्कि छात्र प्रतिनिधियों से बात करने तक को तैयार नहीं है।
सरकार पर आरोप
एन. रामचंद्र राव ने कहा, 'झारखंड में जो सरकार चल रही है वह एनडीए का हिस्सा नहीं है। ऐसे में छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।' उन्होंने आगे कहा, 'छात्र कई दिनों से सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार बात करने तक नहीं आ रही — यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।' उनके अनुसार, पारदर्शी जाँच के लिए CBI की भूमिका अपरिहार्य है।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना
BJP नेता ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और इंडिया गठबंधन पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड और केरल में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए लाठीचार्ज और झूठे मुकदमे दर्ज करने जैसे हथकंडे अपना रहे हैं। उनके शब्दों में, 'कांग्रेस सिर्फ बातों में छात्रों का समर्थन करती है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता — यह उसका दोहरा चरित्र और पाखंड है।'
राहुल गांधी पर आरोप
रामचंद्र राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और केवल राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस की छात्रों की चिंताओं को लेकर कोई वास्तविक मंशा नहीं है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर बहस तेज है। गौरतलब है कि पेपर लीक के मामले केवल झारखंड तक सीमित नहीं हैं — हाल के वर्षों में कई राज्यों में ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं। छात्रों की माँग है कि सरकार तत्काल CBI जाँच की अनुमति दे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।