झारखंड छात्र आंदोलन पर कांग्रेस की चुप्पी क्यों? तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव का तीखा सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मंगलवार, 11 अगस्त को हैदराबाद में कांग्रेस और इंडिया अलायंस पर दोहरे मानदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो गठबंधन नीट पेपर लीक पर संसद ठप करने में सबसे आगे रहा, वही झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा विवाद पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं है।
झारखंड में छात्रों की क्या है माँग
रामचंद्र राव ने बताया कि झारखंड में छात्र लंबे समय से JPSC परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) जाँच की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'झारखंड में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें छात्र JPSC परीक्षाओं की CBI जाँच की माँग कर रहे हैं।' BJP नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इन छात्रों की माँग के साथ पूरी तरह खड़ी है।
हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा निशाना
रामचंद्र राव ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार से जाँच CBI को सौंपने की माँग की। उन्होंने कहा, 'भाजपा छात्रों की माँग का समर्थन करती है। हेमंत सोरेन सरकार को जाँच को CBI को सौंप देना चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष जाँच अनिवार्य है।
संसद के मानसून सत्र पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को लेकर रामचंद्र राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी का किसी न किसी बहाने संसद में न आना और दूसरे बहाने से कार्यवाही न होने देना, संसद में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ धोखा करने जैसा है।' उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे जनता और देश से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा से जानबूझकर बच रहे हैं।
नीट पर सरकार की तैयारी, विपक्ष का इनकार
रामचंद्र राव ने कहा कि केंद्र सरकार नीट परीक्षा विवाद पर संसद में खुली बहस के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने सदन को चलने ही नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'सरकार उस चर्चा के लिए तैयार है, पर विपक्ष चर्चा नहीं चाहता। सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है पर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गहरा असंतोष है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गौरतलब है कि विपक्ष का यह रवैया — एक राज्य में परीक्षा विवाद पर मुखर होना और दूसरे में चुप रहना — राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में चुनावी समीकरणों से प्रेरित माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इंडिया अलायंस की प्राथमिकताएँ उन राज्यों में अधिक मुखर दिखती हैं जहाँ BJP की सरकार है, जबकि गठबंधन-शासित राज्यों में समान मुद्दों पर चुप्पी बनाए रखी जाती है। रामचंद्र राव ने राहुल गांधी के समग्र रवैये को 'नकारात्मक' करार देते हुए कहा कि वह चाहते ही नहीं कि सदन सुचारु रूप से चले।