झारखंड छात्र आंदोलन: भाजपा-जदयू का हेमंत सोरेन सरकार पर हमला, CBI जांच और परीक्षा रद्द की मांग पर छात्र अडिग
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ा है। बिहार एनडीए के नेताओं ने 13 अगस्त 2026 को हेमंत सोरेन सरकार और इंडिया गठबंधन पर एक साथ निशाना साधा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) दोनों ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दबाव बना रही है, जबकि छात्र CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं।
भाजपा का आरोप: विपक्षी राज्यों में जवाबदेही नहीं
बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था, तो केंद्र सरकार ने छात्रों का विरोध जायज माना और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया था।
जायसवाल ने आगे कहा कि झारखंड, कर्नाटक और केरल में भी पेपर लीक की घटनाएँ हुईं, लेकिन वहाँ किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें और उनके सहयोगियों को छात्रों की कोई चिंता नहीं है।
जदयू का आरोप: धरना स्थल पर बिजली काटी, छात्रों को डराया गया
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के धरना स्थल पर बिजली काट दी गई, जेनरेटर के कनेक्शन हटाए गए और आईडी देखकर छात्रों की पहचान की जा रही है।
राजीव रंजन ने कहा, 'छात्रों के इस आंदोलन को पूरे देश से नैतिक बल मिला है। जिस शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से उन्होंने अपनी मांगें रखीं, उसका सम्मान झारखंड सरकार को करना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों में यह डर पैदा किया जा रहा है कि भविष्य में वे किसी प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे।
जदयू प्रवक्ता ने सोरेन सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा, 'अगर दाल में कुछ काला नहीं है, तो सरकार को छात्रों की CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की दोनों मांगें तुरंत स्वीकार करनी चाहिए।'
तेजस्वी यादव के मार्च पर जदयू का पलटवार
बिहार में छात्रों पर कथित तौर पर AK-47 तानने के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च के आह्वान पर राजीव रंजन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार में छात्रों को बरगलाने की कोशिश तेजस्वी यादव को नहीं करनी चाहिए और जब राज्य को नेता प्रतिपक्ष की ज़रूरत होती है, तो वे दिखाई नहीं देते।
जदयू ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्र आंदोलन को अपनी 'राजनीतिक रोटी सेंकने' का ज़रिया बना रहे हैं, लेकिन बिहार के छात्र और नौजवान ऐसे बहकावे में नहीं आएंगे।
छात्रों की मांगें और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में पेपर लीक को लेकर छात्रों का आक्रोश कई हफ्तों से जारी है। गौरतलब है कि पेपर लीक का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों में देश के कई राज्यों में बड़ी राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। छात्र अपनी दो प्रमुख मांगों — CBI जांच और संबंधित परीक्षा रद्द करने — पर अडिग हैं। सियासी दबाव के बीच हेमंत सोरेन सरकार की अगली प्रतिक्रिया इस गतिरोध की दिशा तय करेगी।