12 अगस्त 2026
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झारखंड परीक्षा घोटाला: भाजपा सांसदों ने संसद में हेमंत सरकार को घेरा, कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप

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झारखंड परीक्षा घोटाला: भाजपा सांसदों ने संसद में हेमंत सरकार को घेरा, कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप

सारांश

मानसून सत्र में BJP सांसदों ने झारखंड की परीक्षा अनियमितताओं को हथियार बनाकर हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस दोनों को एक साथ घेरा। छात्रों का सड़क पर उतरना और विपक्ष की कथित चुप्पी — यह टकराव संसद की कार्यवाही से बाहर भी बड़ी राजनीतिक लड़ाई का रूप ले सकता है।

मुख्य बातें

BJP सांसद दामोदर अग्रवाल ने 12 अगस्त को संसद में आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियाँ हुई हैं।
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के कारण वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं — दामोदर अग्रवाल का आरोप।
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि गृह मंत्री जवाब देने को तैयार हैं, फिर भी सदन की कार्यवाही बाधित की जा रही है।
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर दिल्ली और झारखंड में अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया।
दिनेश शर्मा ने कहा कि झारखंड में परीक्षा रद्द करने और जिम्मेदारों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
सतनाम सिंह संधू ने शून्यकाल में महाराजा रणजीत सिंह की विरासत संरक्षण का मुद्दा उठाया।

मानसून सत्र के दौरान बुधवार, 12 अगस्त को संसद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई सांसदों ने झारखंड में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। सांसदों का आरोप है कि झारखंड में छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, लेकिन राज्य सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम: दामोदर अग्रवाल का आरोप

BJP सांसद दामोदर अग्रवाल ने सदन में कहा कि झारखंड में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियाँ हुई हैं और राज्य सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा, 'झारखंड में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया और उनकी उम्मीदों को कुचला गया, जिसके कारण छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।' अग्रवाल ने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग अन्य मुद्दों पर मुखर रहते हैं, वे झारखंड के छात्रों के प्रति सहानुभूति क्यों नहीं दिखा रहे।

संसद में गतिरोध और विपक्ष पर निशाना

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि झारखंड की घटनाओं पर विपक्ष की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सदन में जवाब देने को तैयार हैं, फिर भी सदन की कार्यवाही बाधित की जा रही है। पाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक कारणों से चर्चा से भाग रहा है और संसद को चलने नहीं दे रहा।

BJP सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले चर्चा की माँग की गई, फिर गृह मंत्री के वक्तव्य की माँग रखी गई, और इसके बाद नया मुद्दा उठाया गया। उनके अनुसार, विपक्ष लगातार अपनी माँगें बदल रहा है और उसका असली उद्देश्य संसद की कार्यवाही को बाधित करना है। शर्मा ने यह भी कहा कि विपक्ष के पास विकास और देश की सुरक्षा से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं।

कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप

BJP सांसद आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है और कांग्रेस दिल्ली में अलग तथा झारखंड में अलग रुख अपनाती है। उन्होंने कहा कि जनता अब कांग्रेस के इस कथित दोहरे रवैये को समझ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में छात्र आंदोलन तेज़ हो रहा है और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

परीक्षा अनियमितताओं पर तुलनात्मक विश्लेषण

दिनेश शर्मा ने झारखंड की स्थिति की तुलना उन मामलों से की जहाँ परीक्षा रद्द कर दोबारा पारदर्शी परीक्षा कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षा रद्द करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन चुके हैं।

शून्यकाल: महाराजा रणजीत सिंह की विरासत का मुद्दा

इसी सत्र में BJP सांसद सतनाम सिंह संधू ने शून्यकाल में महाराजा रणजीत सिंह की विरासत के संरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने रोपड़ में सतलुज नदी के किनारे महाराजा रणजीत सिंह और तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक के बीच हुई ऐतिहासिक संधि का उल्लेख करते हुए इसे भारत के कूटनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया। संधू ने इस विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मानसून सत्र में झारखंड का यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तेज़ राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जवाबदेही, और समयबद्ध भर्ती — संसदीय बयानबाज़ी से कितनी दूर हैं। जब तक ठोस जाँच और कार्रवाई नहीं होती, यह बहस छात्रों की पीड़ा को राजनीतिक मंच पर इस्तेमाल करने तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में क्या गड़बड़ी का आरोप है?
BJP सांसद दामोदर अग्रवाल ने संसद में आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताएँ हुई हैं, जिससे छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। हालाँकि राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
BJP सांसदों ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप क्यों लगाया?
BJP सांसद आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है, इसलिए कांग्रेस दिल्ली में और झारखंड में अलग-अलग रुख अपनाती है। उनके अनुसार, कांग्रेस अन्य मुद्दों पर मुखर रहती है लेकिन झारखंड के छात्रों की समस्याओं पर चुप है।
संसद में मानसून सत्र के दौरान गतिरोध क्यों है?
BJP सांसद जगदंबिका पाल और दिनेश शर्मा के अनुसार, विपक्ष लगातार अपनी माँगें बदल रहा है — पहले चर्चा, फिर गृह मंत्री का वक्तव्य, फिर नए मुद्दे — जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। BJP का आरोप है कि विपक्ष का उद्देश्य राजनीतिक कारणों से संसद को चलने नहीं देना है।
सतनाम सिंह संधू ने शून्यकाल में क्या मुद्दा उठाया?
BJP सांसद सतनाम सिंह संधू ने शून्यकाल में महाराजा रणजीत सिंह की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने रोपड़ में सतलुज नदी के किनारे महाराजा रणजीत सिंह और लॉर्ड विलियम बेंटिक के बीच हुई संधि को भारत के कूटनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया।
झारखंड में छात्र आंदोलन का मुख्य कारण क्या है?
BJP सांसदों के अनुसार, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण छात्र सड़कों पर उतरे हैं। आरोप है कि परीक्षा रद्द करने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
राष्ट्र प्रेस
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