18 अगस्त 2026
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JSSC-CGL परीक्षा रद्द: तेलंगाना BJP अध्यक्ष बोले — छात्रों की जीत, इंडिया ब्लॉक ने नहीं दिया साथ

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JSSC-CGL परीक्षा रद्द: तेलंगाना BJP अध्यक्ष बोले — छात्रों की जीत, इंडिया ब्लॉक ने नहीं दिया साथ

सारांश

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा रद्द होते ही राजनीति गरमा गई। तेलंगाना BJP अध्यक्ष ने इसे छात्रों की जीत बताया और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा। लेकिन CBI जांच की मांग पर सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध अभी भी बरकरार है।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द कर दीं।
तेलंगाना BJP प्रदेश अध्यक्ष एन.
रामचंद्र राव ने फैसले को 'छात्रों की जीत' करार दिया।
राव ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर आरोप लगाया कि किसी नेता ने छात्रों से मुलाकात नहीं की।
कैबिनेट ने चार घंटे की बैठक के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया; रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित।
सीबीआई जांच की मांग पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति अब भी नहीं बनी।

झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया, जिसके बाद 18 अगस्त को देशभर से राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तेलंगाना जन समिति (TJS) के नेताओं ने इस निर्णय पर अपने-अपने दृष्टिकोण सामने रखे।

BJP का रुख: छात्रों की जीत, विपक्ष पर निशाना

तेलंगाना BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने झारखंड सरकार के इस फैसले को छात्रों की निर्णायक जीत करार दिया। उन्होंने कहा, "झारखंड के छात्रों की जीत हुई है। सरकार को छात्रों की ताकत के आगे झुकना पड़ा। झारखंड में हुआ आंदोलन छात्रों की असली ताकत दिखाता है। यह छात्रों की बड़ी सफलता है।"

रामचंद्र राव ने इसी के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "दुख की बात यह है कि कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी या इंडिया ब्लॉक के किसी भी नेता ने न तो छात्रों से मुलाकात की और न ही उन्हें अपना समर्थन दिया।" यह आरोप ऐसे समय में आया है जब छात्र आंदोलन को व्यापक राष्ट्रीय ध्यान मिल रहा था।

TJS का नजरिया: कैबिनेट का फैसला सराहनीय

तेलंगाना जन समिति (TJS) के प्रमुख और विधान परिषद सदस्य (MLC) एम. कोडंडाराम ने झारखंड सरकार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा, "झारखंड सरकार ने चार घंटे चली कैबिनेट बैठक के बाद एक बड़ा फैसला लिया है। लंबी चर्चा के बाद, कैबिनेट ने आखिरकार झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।"

कोडंडाराम ने बताया कि सरकार ने आयोग के कामकाज में सुधार के लिए भी ठोस कदम उठाए हैं। इसके तहत लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और उसमें सुधार के लिए उचित सिफारिशें देने हेतु एक अधिकारी की नियुक्ति का भी फैसला किया गया है।

पेपर लीक जांच: रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी

पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए सरकार ने एक विशेष समिति गठित की है। कोडंडाराम ने स्पष्ट किया, "सरकार ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जांच के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है, जिसमें प्रश्न-पत्र और पेपर लीक के मामले भी शामिल हैं।" गौरतलब है कि सीआईडी द्वारा भी इस मामले की जांच पहले से जारी है।

CBI जांच पर सरकार और छात्रों में गतिरोध

हालांकि एक अहम मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति अब भी नहीं बन पाई है। कोडंडाराम ने कहा, "छात्र चाहते हैं कि सीबीआई स्वतंत्र रूप से जांच करे। उन्हें लगता है कि सीबीआई ही एकमात्र एजेंसी है जो निष्पक्ष जांच कर सकती है। बस इसी मुद्दे पर सरकार और छात्रों में सहमति नहीं बनी है।" यह गतिरोध आगे चलकर आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल जांच समिति के गठन और आयोग में सुधार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र संगठनों का दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार यदि इस मांग पर जल्द कोई निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन फिर से तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक की जड़ें कहाँ हैं और जवाबदेही कब तय होगी। तेलंगाना BJP का इंडिया ब्लॉक पर हमला राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, परंतु यह इस तथ्य से ध्यान हटाता है कि झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की अपनी जवाबदेही भी बनती है। CBI जांच की मांग पर गतिरोध दर्शाता है कि सरकार की पारदर्शिता की प्रतिबद्धता अभी अधूरी है — रिटायर्ड जज की समिति तब तक विश्वसनीय नहीं होगी जब तक उसके अधिकार और समयसीमा सार्वजनिक न हों।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा क्यों रद्द की गई?
झारखंड सरकार ने पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के व्यापक आंदोलन के बाद JSSC-CGL परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द कर दीं। चार घंटे की कैबिनेट बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
तेलंगाना BJP ने इस फैसले पर क्या कहा?
तेलंगाना BJP प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने इसे छात्रों की जीत बताया और कहा कि सरकार को छात्रों की ताकत के आगे झुकना पड़ा। साथ ही उन्होंने इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों को कोई समर्थन नहीं दिया।
पेपर लीक मामले की जांच कौन करेगा?
झारखंड सरकार ने एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है, जो प्रश्न-पत्र और पेपर लीक के मामलों की जांच करेगी। इसके अलावा सीआईडी द्वारा भी जांच जारी है।
छात्र CBI जांच की मांग क्यों कर रहे हैं?
छात्रों का मानना है कि सीआईडी की जांच पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है और केवल सीबीआई ही निष्पक्ष जांच कर सकती है। इसी मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
TJS नेता एम. कोडंडाराम ने क्या कहा?
TJS प्रमुख और MLC एम. कोडंडाराम ने सरकार के फैसले की सराहना की और बताया कि कैबिनेट ने चार घंटे की बैठक के बाद परीक्षाएं रद्द कीं। उन्होंने यह भी कहा कि लोक सेवा आयोग में सुधार के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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