18 अगस्त 2026
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झारखंड: JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद्द, भाजपा ने की CBI जांच की मांग — 23 दिन के आंदोलन की जीत

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झारखंड: JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद्द, भाजपा ने की CBI जांच की मांग — 23 दिन के आंदोलन की जीत

सारांश

23 दिन के आंदोलन और 16 दिन की भूख हड़ताल के बाद झारखंड सरकार ने JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद्द कीं। BJP ने इसे छात्रों की जीत बताया, लेकिन CBI जांच न होने पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। सोनम वांगचुक ने छात्रों को बधाई दी।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार ने 18 अगस्त 2026 को JSSC-CGL और TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाएं रद्द कीं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में 23 दिनों से आंदोलन और 16 दिनों से भूख हड़ताल के बाद सरकार ने मांगें स्वीकार कीं।
BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने विनोद सिंह , नीरज सिन्हा , सुधीर गुप्ता सहित कई नामों की CBI जांच की मांग की।
BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में युवाओं की नौकरियाँ बेची गईं।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर आंदोलनकारी छात्रों और सरकार दोनों को बधाई दी।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने इसे सबकी जीत बताया; CBI जांच की माँग अभी भी लंबित है।

झारखंड सरकार ने 18 अगस्त 2026 को JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया, जिसके बाद रांची में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 23 दिनों से आंदोलन और 16 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की यह बड़ी जीत मानी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग दोहराई है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत की। मीडिया के सामने हुई इस बातचीत में वांगचुक ने आंदोलनकारी छात्रों को बधाई देते हुए कहा, "सभी छात्रों को बधाई। मुझे खुशी है कि आपकी मेहनत रंग लाई।" उन्होंने छात्रों के साथ-साथ सरकार और मुख्यमंत्री को भी बधाई दी।

महतो ने बताया कि छात्रों ने सोनम वांगचुक के मार्गदर्शन और प्रेरणा से यह संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कहा, "यह ऐसी जीत है जिसमें किसी की हार नहीं हुई है। यह छात्रों की भी जीत है और सरकार की भी, क्योंकि सरकार भी अच्छा करना चाहती है।"

भाजपा की प्रतिक्रिया और CBI जांच की मांग

BJP के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आंदोलनकारी छात्रों को बधाई दी और कहा कि छात्रों ने अपने दृढ़ संकल्प, एकता और संघर्ष के दम पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो मुख्यमंत्री पहले छात्रों के आरोपों को खारिज कर रहे थे, अब वही उनकी मांग मानने को मजबूर हुए हैं।

मरांडी ने कहा, "परीक्षा रद्द होना केवल पहला चरण है। CBI जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई ही छात्रों के संघर्ष की वास्तविक जीत होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा CBI जांच के आदेश नहीं दिए जाने से उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

मरांडी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि JSSC-CGL में नौकरी बिक्री के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मित्र विनोद सिंह, JSSC के तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा, सुधीर गुप्ता, प्रशांत और मुख्यमंत्री आवास की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने JPSC परीक्षाओं में कथित धांधली और उसमें मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा गिरिडीह के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला अध्यक्ष की कथित भूमिका की भी जांच की मांग की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र 23 दिनों से आंदोलन और आमरण अनशन पर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनकी नौकरियों को बेचने का काम किया गया।

साहू ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग थी कि पिछले छह वर्षों में TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के दबाव के कारण हेमंत सोरेन सरकार को उनकी मांगें माननी पड़ीं और भाजपा आगे भी छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह आंदोलन झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठे व्यापक सवालों की पृष्ठभूमि में हुआ। गौरतलब है कि TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं, और छात्रों का यह आंदोलन उसी असंतोष का परिणाम था। परीक्षाएं रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए टल गई है, जो अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

क्या होगा आगे

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार CBI जांच के लिए तैयार होगी या राज्य स्तर पर ही जांच कराई जाएगी। BJP के दबाव और छात्र संगठनों की निरंतर माँग को देखते हुए यह मामला झारखंड की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह महज एक राजनीतिक दबाव-प्रबंधन था या वास्तविक जवाबदेही की शुरुआत। BJP की CBI जांच की मांग विपक्षी रणनीति का हिस्सा भले हो, लेकिन कथित नामों और संस्थाओं की सूची जो सामने आई है, वह राज्य की भर्ती प्रणाली की गहरी खामियों की ओर इशारा करती है। सरकार ने परीक्षाएं रद्द करके तात्कालिक दबाव तो कम किया, लेकिन जब तक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच नहीं होती, हजारों बेरोजगार युवाओं का भरोसा बहाल करना कठिन होगा।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा क्यों रद्द की गई?
छात्रों ने JSSC-CGL और TDPL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नौकरी बिक्री के आरोपों के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 23 दिनों तक आंदोलन और 16 दिनों तक भूख हड़ताल की। छात्रों के दबाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने 18 अगस्त 2026 को परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया।
BJP ने JSSC-CGL मामले में CBI जांच की मांग क्यों की?
BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि JSSC-CGL में कथित नौकरी बिक्री में मुख्यमंत्री के मित्र विनोद सिंह और JSSC के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य एजेंसी पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा CBI जांच न कराना उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
TDPL क्या है और इसकी परीक्षाएं क्यों विवादास्पद हैं?
TDPL (थर्ड पार्टी डेटा प्रोसेसिंग लिमिटेड) वह एजेंसी है जिसके माध्यम से झारखंड में कई सरकारी भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। छात्रों का आरोप था कि पिछले छह वर्षों में TDPL के माध्यम से हुई परीक्षाओं में व्यापक धांधली हुई और नौकरियाँ बेची गईं, इसीलिए उन्होंने सभी TDPL परीक्षाएं रद्द करने की मांग की।
सोनम वांगचुक का इस आंदोलन से क्या संबंध है?
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि आंदोलनकारी छात्रों ने सोनम वांगचुक के मार्गदर्शन और प्रेरणा से संघर्ष किया। परीक्षाएं रद्द होने की घोषणा के बाद महतो ने वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत की, जिसमें वांगचुक ने छात्रों और सरकार दोनों को बधाई दी।
अब आगे क्या होगा — क्या CBI जांच होगी?
फिलहाल सरकार ने CBI जांच के कोई आदेश नहीं दिए हैं। BJP ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा रद्द करना केवल पहला चरण है और CBI जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई के बिना आंदोलन की पूर्ण जीत नहीं मानी जाएगी। आने वाले दिनों में सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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