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JSSC-CGL परीक्षा रद्द, ICU में भर्ती हबीबा की CM हेमंत सोरेन से अपील — 'हम आपके ही बच्चे हैं'

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JSSC-CGL परीक्षा रद्द, ICU में भर्ती हबीबा की CM हेमंत सोरेन से अपील — 'हम आपके ही बच्चे हैं'

सारांश

झारखंड में 24 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा 2024 रद्द कर दी — यह आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी माँग थी। इसी बीच ICU में भर्ती हबीबा की भावुक अपील: 'हम आपके ही बच्चे हैं, हमसे बात कीजिए।'

मुख्य बातें

हेमंत सोरेन कैबिनेट ने 17 अगस्त 2026 को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 रद्द करने का फैसला किया।
टीडीपीएल एजेंसी द्वारा कराई गई सभी प्रतियोगिता परीक्षाएं भी निरस्त।
कैबिनेट बैठक में करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद निर्णय लिया गया।
भूख हड़ताल के 14वें दिन छात्रा हबीबा को आईसीयू में भर्ती कराया गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CM सोरेन से बात कर छात्रों की समस्या सुलझाने की अपील की।
छात्रों का धरना-प्रदर्शन 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

झारखंड में 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद लिए गए इस फैसले में टीडीपीएल एजेंसी द्वारा राज्य में कराई गई सभी प्रतियोगिता परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। इसी बीच, रांची में 14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा हबीबा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को हुई कैबिनेट की इस विशेष बैठक को आंदोलनरत छात्रों की सबसे बड़ी माँग की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 रद्द करने के साथ-साथ टीडीपीएल नामक एजेंसी के माध्यम से आयोजित समस्त प्रतियोगिता परीक्षाओं को भी निरस्त कर दिया गया। यह निर्णय उस आंदोलन के संदर्भ में आया है जो पिछले तीन से अधिक सप्ताहों से झारखंड की राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में चल रहा है।

हबीबा की भावुक अपील

अस्पताल के आईसीयू से हबीबा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे वार्ता की माँग की। उन्होंने कहा, 'हम आपके ही बच्चे हैं, हमसे बात कीजिए।' हबीबा ने स्पष्ट किया कि वह हाल में हुए पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल नहीं थीं और न ही वह इस तरह के किसी कार्यक्रम में भाग लेना चाहती हैं। उनके अनुसार, ऐसे समय में जब मुख्यमंत्री की ओर से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया है, पुतला दहन उचित नहीं था।

हबीबा ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री की पहचान इसी मिट्टी से है और वह आदिवासी एवं मूलवासी समाज के हितों के लिए जाने जाते हैं। आंदोलन कर रहे छात्र भी इसी राज्य के मूलवासी हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर छात्रों को सरकार से उम्मीद नहीं होती, तो वे इतने दिनों तक धरने पर नहीं बैठते।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री सोरेन से बात कर छात्रों की समस्या का समाधान करने की अपील की है। कांग्रेस के प्रतिनिधि छात्रों के समर्थन में सक्रिय हैं और दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने का प्रयास कर रहे हैं। हबीबा ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से पहले भी सकारात्मक पहल हुई थी और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की दो बार बातचीत हो चुकी है।

आम छात्रों पर असर

हबीबा के अनुसार, लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनकी तबीयत लगातार खराब होती रही और अंततः उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें भूख हड़ताल करने का कोई शौक नहीं है — छात्रों को जब लगा कि उनकी बातों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है, तब यह कदम उठाना पड़ा। राज्य में कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर छात्रों की चिंताएं हैं, जिन्हें वे मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं।

आगे की राह

कैबिनेट के फैसले के बाद अब यह देखना होगा कि क्या छात्र आंदोलन वापस लिया जाएगा। हबीबा ने संकेत दिया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और बातचीत की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री सोरेन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया है, जो इस आंदोलन के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड की उस व्यापक प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है जो बार-बार विवादों में घिरती है। असली परीक्षा अब यह है कि परीक्षा रद्द करने के बाद पुनर्परीक्षा कब, कैसे और किस एजेंसी के माध्यम से होगी — वरना लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत एक और अनिश्चितता के चक्र में फँस जाएगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 क्यों रद्द की गई?
झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के दबाव में हेमंत सोरेन कैबिनेट ने 17 अगस्त 2026 को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 रद्द करने का निर्णय लिया। छात्र परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की माँग कर रहे थे।
हबीबा कौन हैं और उन्हें ICU में क्यों भर्ती कराया गया?
हबीबा रांची में भूख हड़ताल पर बैठी एक छात्रा हैं जो झारखंड के छात्र आंदोलन का चेहरा बन गई हैं। 14 दिनों के लंबे अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।
टीडीपीएल एजेंसी की परीक्षाएं क्यों रद्द की गईं?
कैबिनेट के फैसले में जेएसएससी-सीजीएल के साथ-साथ टीडीपीएल नामक एजेंसी द्वारा झारखंड में कराई गई सभी प्रतियोगिता परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। छात्र आंदोलन में इस एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे थे।
राहुल गांधी का इस आंदोलन में क्या रोल है?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बात कर छात्रों की समस्या का समाधान करने की अपील की है। कांग्रेस के प्रतिनिधि दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन आगे कहाँ जाएगा?
कैबिनेट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री सोरेन की ओर से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया है। यदि वार्ता सफल रही तो 24 दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन समाप्त हो सकता है, हालाँकि पुनर्परीक्षा की प्रक्रिया और समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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