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जेएसएससी-सीजीएल रद्द: 16 दिन के अनशन के बाद देवेंद्र महतो बोले — 'अभी बहुत लड़ाई बाकी है'

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जेएसएससी-सीजीएल रद्द: 16 दिन के अनशन के बाद देवेंद्र महतो बोले — 'अभी बहुत लड़ाई बाकी है'

सारांश

16 दिन का अनशन, एक बड़ी जीत — लेकिन देवेंद्र महतो के लिए यह अंत नहीं, शुरुआत है। जेएसएससी-सीजीएल रद्द होना छात्रों की ताकत का प्रमाण है, पर असली लड़ाई अब पूरे परीक्षा तंत्र को साफ करने की है।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की।
देवेंद्र नाथ महतो 16 दिनों से और छात्रा हबीबा 14 दिनों से अनशन पर हैं; समाचार लिखे जाने तक अनशन जारी था।
2014 से अब तक जेपीएससी व जेएसएससी परीक्षाओं की व्यापक जांच के लिए आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित।
महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताया, लेकिन कहा कि भर्ती तंत्र में व्यापक सुधार तक संघर्ष जारी रहेगा।
छात्रों की मांग — कथित परीक्षा गिरोहों के सूत्रधारों तक जांच पहुंचे, केवल छोटे स्तर की कार्रवाई पर्याप्त नहीं।

झारखंड की राजधानी रांची में 17 अगस्त 2026 को उस समय छात्र आंदोलन को बड़ी नैतिक जीत मिली, जब सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। 16 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने इस फैसले को संघर्ष की महत्वपूर्ण सफलता तो बताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा।

छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, 'हमारे सिस्टम में जो गड़बड़ी और धांधली हुई थी, उस पर कार्रवाई हुई है। हमारी मांगों को पूरा किया गया है। लेकिन इसमें खुशी की बात नहीं है, क्योंकि अभी बहुत लड़ाई बाकी है।' उन्होंने कहा कि जिस मकसद से छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर आंदोलन कर रहे थे, उनकी प्रमुख मांग पूरी हुई है।

14 दिनों से अनशन पर बैठी छात्रा हबीबा ने भावुक होते हुए कहा, 'आज मेरे पांव जमीन पर नहीं हैं।' उन्होंने सरकार के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि लंबे संघर्ष के बाद उनकी मेहनत सफल हुई है।

सरकार का फैसला और समिति गठन

झारखंड सरकार ने सोमवार देर शाम कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की। इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय भी लिया गया।

महतो ने इस फैसले के लिए सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लिया और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय किया।

जांच और भ्रष्टाचार पर मांग

महतो ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाएंगी और कथित भ्रष्टाचार के पीछे मौजूद लोगों की पहचान कर कार्रवाई करेंगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा — कथित परीक्षा गिरोहों के पीछे मौजूद असली सूत्रधारों तक पहुंचना होगा।

अनशन अभी जारी, आगे की राह

समाचार लिखे जाने तक देवेंद्र नाथ महतो और हबीबा ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया था। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार के फैसले के बाद आगे की प्रक्रिया और उनकी अन्य मांगों पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही अनशन समाप्त करने पर निर्णय लिया जाएगा।

महतो ने आंदोलन के दौरान साथ देने वाले छात्रों, अभिभावकों, मीडिया, पुलिस-प्रशासन और सरकार के प्रति आभार जताया। उनका कहना था कि केवल एक परीक्षा रद्द करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा — ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिसमें भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अमिताभ कौशल समिति की जांच कितनी गहरी जाएगी — क्या वह केवल एजेंसी स्तर तक सिमटेगी या कथित गिरोहों के राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण तक पहुंचेगी। झारखंड में परीक्षा घोटालों का इतिहास नया नहीं है; 2014 से अब तक की जांच का आदेश स्वीकार्य है, पर बिना समयसीमा और जवाबदेही ढांचे के यह भी पिछली समितियों की तरह ठंडे बस्ते में जा सकती है। देवेंद्र महतो का यह कहना कि 'अभी बहुत लड़ाई बाकी है' — यही इस पूरे प्रकरण का सबसे ईमानदार मूल्यांकन है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा क्यों रद्द की गई?
झारखंड सरकार ने कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को कथित गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के चलते रद्द किया। छात्र आंदोलनकारियों के 16 दिन के अनशन और लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया।
देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और उनकी मांगें क्या हैं?
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के छात्र नेता हैं जो जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में 16 दिनों से अनशन पर हैं। उनकी मांग है कि केवल परीक्षा रद्द नहीं, बल्कि पूरे परीक्षा और भर्ती तंत्र में व्यापक सुधार हो और कथित परीक्षा गिरोहों के असली सूत्रधारों तक जांच पहुंचे।
अमिताभ कौशल समिति क्या करेगी?
आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित समिति वर्ष 2014 से अब तक जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच करेगी और परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देगी।
क्या देवेंद्र महतो और हबीबा ने अनशन समाप्त कर दिया?
नहीं। समाचार लिखे जाने तक देवेंद्र नाथ महतो और हबीबा दोनों अनशन पर बने हुए थे। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार के फैसले के बाद आगे की प्रक्रिया और अन्य मांगों पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही अनशन समाप्त करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इस फैसले से झारखंड के छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल परीक्षाएं रद्द होने से उन हजारों अभ्यर्थियों को नई उम्मीद मिली है जो कथित धांधली के कारण नुकसान उठा रहे थे। हालांकि परीक्षाएं दोबारा कब होंगी और नई प्रणाली कैसी होगी, यह अमिताभ कौशल समिति की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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