8 अगस्त 2026
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TDPL परीक्षाएं रद्द करो: रांची में 15वें दिन भी छात्र अनशन जारी, देवेंद्रनाथ महतो बोले — आश्वासन नाकाफी

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TDPL परीक्षाएं रद्द करो: रांची में 15वें दिन भी छात्र अनशन जारी, देवेंद्रनाथ महतो बोले — आश्वासन नाकाफी

सारांश

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का अनशन 15 दिन पार कर गया। सरकार से पहली औपचारिक वार्ता बेनतीजा रही। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की माँग — TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द हों, निष्पक्ष जाँच हो। आश्वासन नाकाफी, आंदोलन जारी।

मुख्य बातें

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 8 अगस्त 2026 को 15वें दिन भी सैकड़ों छात्र धरने पर बैठे हैं।
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो का अनशन जारी; मुख्य माँग — TDPL (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द हों।
शुक्रवार की पहली औपचारिक सरकारी वार्ता बेनतीजा रही; 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पुनः वार्ता के लिए गया।
छात्र नेता प्रेम नायक ने मुख्यमंत्री से खुले मंच पर पारदर्शी बातचीत की माँग रखी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि नौकरियाँ ₹80 लाख से ₹1 करोड़ तक में बिक रही हैं, जो गरीब छात्रों के साथ अन्याय है।

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक के विरुद्ध छात्रों का विरोध प्रदर्शन 8 अगस्त 2026 को 15वें दिन भी बेरोकटोक जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्र धरने पर डटे हैं, जबकि आंदोलन के अगुवा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो का अनशन अनवरत चल रहा है।

वार्ता हुई, नतीजा शून्य

शुक्रवार की शाम राज्य सरकार के साथ पहली औपचारिक बातचीत हुई, किंतु छात्र नेताओं के अनुसार उसमें केवल आश्वासन मिले, कोई ठोस निर्णय नहीं। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा, "वार्ता हो रही है लेकिन सिर्फ दावा दिया जा रहा है। हमने संकल्प लिया है कि जो तत्काल मांगें हैं उन्हें तुरंत पूरा किया जाए और जिन मांगों को पूरा करने में समय लग सकता है, उन्हें तीन महीने के अंदर पूरा किया जाए। जो मांगे तत्काल पूरी होने हैं, उनके पूरे होने तक मेरा अनशन जारी रहेगा।"

शनिवार को 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुनः वार्ता के लिए गया है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट संदेश है — आश्वासन से काम नहीं चलेगा, लिखित कार्रवाई चाहिए।

मुख्य मांग: TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द हों

आंदोलन की केंद्रीय माँग यह है कि टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) एजेंसी द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाएं तत्काल रद्द की जाएं और मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए। महतो ने कहा कि यह किसी एक परीक्षा में गड़बड़ी का मसला नहीं है — जेपीएससी और जेएसएससी जैसी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कर नौकरियाँ बेची जा रही हैं, और यह सिलसिला झारखंड के गठन के बाद से चला आ रहा है।

गौरतलब है कि यह आंदोलन राज्य में छात्रों की सबसे लंबी और व्यापक एकजुटता में से एक माना जा रहा है, जिसे देशभर से समर्थन मिल रहा है।

पारदर्शी वार्ता की माँग

धरने में शामिल एक अन्य छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से सीधी बात करना चाहते हैं और माँग की है कि बातचीत खुले मंच पर, खुले मैदान में हो ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

नायक ने कहा, "एक छात्र 10x10 के कमरे में रहकर पढ़ता है, घर से चावल-दाल लाकर गुजारा करता है। अगर उसकी नौकरी ₹1 करोड़ या ₹80 लाख में बिक जाएगी तो गरीब छात्र कहाँ जाएगा? अगर कोई अधिकारी पैसे देकर नौकरी पाता है तो वह भ्रष्टाचार क्यों नहीं करेगा?"

आम जनता पर असर

आलोचकों का कहना है कि परीक्षा भ्रष्टाचार का सीधा असर राज्य की प्रशासनिक गुणवत्ता और गरीब तबके के युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। जब नौकरियाँ योग्यता की जगह धन से तय हों, तो भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी होती हैं — यह तर्क आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिला रहा है।

आगे क्या होगा

छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक तत्काल मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना और अनशन जारी रहेगा। 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की शनिवार की वार्ता के नतीजे आंदोलन की अगली दिशा तय करेंगे। यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन के और तीव्र होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि गड़बड़ियों के आरोप पहले से थे। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और भर्ती-प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधार नहीं होता, तब तक अगला आंदोलन सिर्फ समय की बात है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्र किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य माँग है कि TDPL (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द की जाएं और निष्पक्ष जाँच हो।
TDPL एजेंसी क्या है और इस पर क्या आरोप हैं?
टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) वह एजेंसी है जिसे झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने का काम दिया गया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस एजेंसी की देखरेख में हुई परीक्षाओं में पेपर लीक हुए और नौकरियाँ ₹80 लाख से ₹1 करोड़ तक में बेची गईं।
देवेंद्रनाथ महतो कौन हैं और उनकी क्या माँगें हैं?
देवेंद्रनाथ महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य और इस आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता हैं। उनकी माँग है कि TDPL की सभी परीक्षाएं तत्काल रद्द हों, और जो मांगें समय लेती हैं उन्हें तीन महीने के भीतर पूरा किया जाए।
सरकार के साथ वार्ता का क्या नतीजा निकला?
शुक्रवार को हुई पहली औपचारिक वार्ता बेनतीजा रही — सरकार ने केवल आश्वासन दिए, कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। शनिवार को 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुनः वार्ता के लिए गया है।
आंदोलन आगे कैसे बढ़ेगा?
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक तत्काल माँगें पूरी नहीं होतीं, धरना और अनशन जारी रहेगा। प्रेम नायक ने माँग की है कि मुख्यमंत्री से बातचीत खुले मंच पर हो ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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