TDPL परीक्षाएं रद्द करो: रांची में 15वें दिन भी छात्र अनशन जारी, देवेंद्रनाथ महतो बोले — आश्वासन नाकाफी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक के विरुद्ध छात्रों का विरोध प्रदर्शन 8 अगस्त 2026 को 15वें दिन भी बेरोकटोक जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्र धरने पर डटे हैं, जबकि आंदोलन के अगुवा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो का अनशन अनवरत चल रहा है।
वार्ता हुई, नतीजा शून्य
शुक्रवार की शाम राज्य सरकार के साथ पहली औपचारिक बातचीत हुई, किंतु छात्र नेताओं के अनुसार उसमें केवल आश्वासन मिले, कोई ठोस निर्णय नहीं। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा, "वार्ता हो रही है लेकिन सिर्फ दावा दिया जा रहा है। हमने संकल्प लिया है कि जो तत्काल मांगें हैं उन्हें तुरंत पूरा किया जाए और जिन मांगों को पूरा करने में समय लग सकता है, उन्हें तीन महीने के अंदर पूरा किया जाए। जो मांगे तत्काल पूरी होने हैं, उनके पूरे होने तक मेरा अनशन जारी रहेगा।"
शनिवार को 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुनः वार्ता के लिए गया है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट संदेश है — आश्वासन से काम नहीं चलेगा, लिखित कार्रवाई चाहिए।
मुख्य मांग: TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द हों
आंदोलन की केंद्रीय माँग यह है कि टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) एजेंसी द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाएं तत्काल रद्द की जाएं और मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए। महतो ने कहा कि यह किसी एक परीक्षा में गड़बड़ी का मसला नहीं है — जेपीएससी और जेएसएससी जैसी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कर नौकरियाँ बेची जा रही हैं, और यह सिलसिला झारखंड के गठन के बाद से चला आ रहा है।
गौरतलब है कि यह आंदोलन राज्य में छात्रों की सबसे लंबी और व्यापक एकजुटता में से एक माना जा रहा है, जिसे देशभर से समर्थन मिल रहा है।
पारदर्शी वार्ता की माँग
धरने में शामिल एक अन्य छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से सीधी बात करना चाहते हैं और माँग की है कि बातचीत खुले मंच पर, खुले मैदान में हो ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
नायक ने कहा, "एक छात्र 10x10 के कमरे में रहकर पढ़ता है, घर से चावल-दाल लाकर गुजारा करता है। अगर उसकी नौकरी ₹1 करोड़ या ₹80 लाख में बिक जाएगी तो गरीब छात्र कहाँ जाएगा? अगर कोई अधिकारी पैसे देकर नौकरी पाता है तो वह भ्रष्टाचार क्यों नहीं करेगा?"
आम जनता पर असर
आलोचकों का कहना है कि परीक्षा भ्रष्टाचार का सीधा असर राज्य की प्रशासनिक गुणवत्ता और गरीब तबके के युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। जब नौकरियाँ योग्यता की जगह धन से तय हों, तो भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी होती हैं — यह तर्क आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिला रहा है।
आगे क्या होगा
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक तत्काल मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना और अनशन जारी रहेगा। 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की शनिवार की वार्ता के नतीजे आंदोलन की अगली दिशा तय करेंगे। यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन के और तीव्र होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।