18 अगस्त 2026
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जेएसएससी-सीजीएल रद्द: दिलीप घोष बोले — झारखंड सरकार को दो हफ्ते पहले मान लेनी चाहिए थी छात्रों की मांग

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जेएसएससी-सीजीएल रद्द: दिलीप घोष बोले — झारखंड सरकार को दो हफ्ते पहले मान लेनी चाहिए थी छात्रों की मांग

सारांश

झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल परीक्षाएँ रद्द कीं, तो भाजपा नेता दिलीप घोष ने सीधा सवाल दागा — जब माँगें जायज़ थीं, तो दो हफ्ते की देरी और छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों? सरकार की प्रतिक्रिया की धीमी रफ्तार पर उठे ये सवाल अब वादों के क्रियान्वयन तक पीछा करेंगे।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने कहा कि झारखंड सरकार को जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल परीक्षाएँ रद्द करने का फैसला दो हफ्ते पहले ही ले लेना चाहिए था।
छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और कई छात्र बीमार पड़े।
राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखने पर घोष ने कहा — पत्र से नहीं, सीधे हस्तक्षेप से काम होता।
TMC सांसद कीर्ति आजाद की पिस्तौल लाइसेंस माँग पर घोष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र बर्धमान भी नहीं आते।
BJP की नई केंद्रीय कमेटी के गठन पर घोष ने सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 18 अगस्त को झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय दो सप्ताह पहले ही ले लिया जाना चाहिए था, और छात्रों को इस तरह परेशान करना उचित नहीं था।

मुख्य घटनाक्रम

दिलीप घोष ने सवाल उठाया कि झारखंड सरकार को यह फैसला लेने में इतना समय क्यों लगा। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में जैसे ही विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ, सरकार ने बातचीत शुरू कर दी। मंत्री प्रदर्शनकारियों से मिलने गए और कई बार बातचीत हुई। लेकिन यहाँ की सरकार छात्रों की माँगों पर विचार करने को तैयार नहीं थी। अगर सरकार ने पहले ही बातचीत कर ली होती, तो हालात इतने मुश्किल नहीं होते।'

घोष ने आगे कहा, 'जब इतना बड़ा विरोध-प्रदर्शन चलता है, तो सभी को परेशानी होती है। छात्र बीमार पड़ गए और उन्हें लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। ऐसा ड्रामा क्यों किया गया? क्या सरकार में आत्मविश्वास की कमी है? लेकिन अब सरकार ने जो वादा किया है उसे निभाए।'

राहुल गांधी के पत्र पर प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखे जाने पर घोष ने कहा कि पत्र लिखकर 'डायलॉगबाज़ी' करने का कोई मतलब नहीं है। उनके अनुसार, 'उन्हें खुद आगे आना चाहिए था और छात्रों से कहना चाहिए था कि हम आपके साथ हैं, चिंता न करें — या मुख्यमंत्री को दखल देकर कहना चाहिए था कि आइए उनकी माँगें मान लें और उनसे बात करें।'

कीर्ति आजाद पर निशाना

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद द्वारा आत्मरक्षा के लिए पिस्तौल का लाइसेंस माँगे जाने पर भी घोष ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'वह रिवॉल्वर लेकर कहाँ जाएँगे? वह अंडों के डर से अपने निर्वाचन क्षेत्र बर्धमान भी नहीं आए, और अब बंदूक माँग रहे हैं। बंगाल के लोगों को बंदूक न दिखाएँ।'

भारतीय जनता पार्टी की नई केंद्रीय कमेटी पर बधाई

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई केंद्रीय कमेटी के गठन पर दिलीप घोष ने सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया और कहा कि नई टीम के नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी तथा बेहतर नतीजे हासिल करेगी।

आगे क्या

झारखंड सरकार द्वारा परीक्षाएँ रद्द किए जाने के बाद अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि सरकार छात्रों से किए वादों को कितनी जल्दी और किस रूप में पूरा करती है। दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि सरकार की असली परीक्षा अब वादों के क्रियान्वयन में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दिलीप घोष का सवाल वाजिब है: जब माँगें शुरू से जायज़ थीं, तो लाठीचार्ज और हफ्तों की खींचतान क्यों? यह पैटर्न नया नहीं है — सरकारें अक्सर तब झुकती हैं जब सड़क पर दबाव चरम पर हो, संवाद से नहीं। राहुल गांधी का पत्र भी इसी देर-से-जागने की राजनीति का हिस्सा लगता है। असली जवाबदेही तब होगी जब सरकार परीक्षाओं के पुनर्आयोजन की ठोस समयसीमा और पारदर्शी प्रक्रिया सार्वजनिक करे।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द क्यों की गई?
झारखंड सरकार ने छात्रों के व्यापक विरोध-प्रदर्शन के बाद जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। आंदोलन के दौरान छात्रों को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और कई बीमार भी पड़े।
दिलीप घोष ने झारखंड सरकार की क्या आलोचना की?
दिलीप घोष ने कहा कि सरकार को यह फैसला दो हफ्ते पहले ही ले लेना चाहिए था और छात्रों को इस तरह परेशान करना उचित नहीं था। उन्होंने सरकार पर आत्मविश्वास की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब जो वादा किया है उसे निभाया जाए।
राहुल गांधी ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा। दिलीप घोष ने इस पर कहा कि पत्र लिखने की बजाय उन्हें सीधे छात्रों के पास जाना चाहिए था या मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप के लिए प्रेरित करना चाहिए था।
कीर्ति आजाद के पिस्तौल लाइसेंस माँगने पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
TMC सांसद कीर्ति आजाद द्वारा आत्मरक्षा के लिए पिस्तौल लाइसेंस माँगने पर घोष ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अंडों के डर से अपने निर्वाचन क्षेत्र बर्धमान नहीं आता, वह बंदूक लेकर क्या करेगा।
BJP की नई केंद्रीय कमेटी पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने भारतीय जनता पार्टी की नई केंद्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नई टीम के नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी और बेहतर नतीजे हासिल करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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