मुरली श्रीशंकर का पलक्कड़ में भव्य स्वागत, एशियन गेम्स 2026 में 8.07 मीटर छलांग से सिल्वर; फिसलन भरे टेक-ऑफ बोर्ड पर जताई नाराजगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर 2 अक्टूबर 2026 को अपने गृहनगर पलक्कड़ पहुँचे, जहाँ ढोल-नगाड़ों की गूँज और पुष्पहारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। टखने की चोट और फिसलन भरे टेक-ऑफ बोर्ड की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रीशंकर ने 8.07 मीटर की छलांग लगाकर देश के लिए पदक सुनिश्चित किया।
मुख्य घटनाक्रम
फाइनल मुकाबले में श्रीशंकर ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दूसरे प्रयास में किया और 8.06 मीटर की दूरी तय की, जो अंत तक दूसरे स्थान के लिए पर्याप्त रही। चीन के शी युहाओ ने 8.17 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि उज़्बेकिस्तान के अनवर अनवरोव ने 8.06 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता। भारत के ही डेविड सोलोमन पट्टुराज 7.70 मीटर की छलांग के साथ सातवें स्थान पर रहे।
चोट और फिसलन की दोहरी चुनौती
फाइनल इवेंट के दौरान श्रीशंकर फिसलन के कारण अपने मार्क पर बुरी तरह गिर पड़े, फिर भी उन्होंने अपना पाँचवाँ प्रयास किया। पलक्कड़ में घर पहुँचने पर वे लंगड़ाते दिखे और चलने के लिए स्टिक का सहारा लेना पड़ा, जिससे संकेत मिलता है कि उनकी टखने की चोट गंभीर है। इस चोट ने गोल्ड मेडल की उनकी संभावनाओं को बड़ा झटका दिया था।
टेक-ऑफ बोर्ड पर नाराजगी
घर लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्रीशंकर ने टेक-ऑफ बोर्ड की स्थिति पर खुलकर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'बिना बारिश के भी टेक-ऑफ बोर्ड फिसलन भरा था और इस बारे में पहले ही कई शिकायतें की जा चुकी थीं। हो सकता है कि मैं उस बोर्ड पर फिसलकर गिरने वाला 50वाँ व्यक्ति रहा होऊंगा।' उन्होंने यह भी बताया कि जिस दिन उनका इवेंट था, बारिश के कारण बोर्ड और भी अधिक फिसलन भरा हो गया था, जिससे हालात एथलीटों के लिए और कठिन हो गए।
लगातार दूसरी बार सिल्वर की उपलब्धि
गौरतलब है कि श्रीशंकर ने यह लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है, जो भारतीय लॉन्ग जंप के इतिहास में एक उल्लेखनीय निरंतरता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब वे शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट नहीं थे। उनकी यह दृढ़ता भारतीय एथलेटिक्स के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।
आगे की राह
श्रीशंकर की चोट की गंभीरता को देखते हुए उनके रिकवरी कार्यक्रम पर सबकी निगाहें होंगी। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ से यह उम्मीद की जा रही है कि वह आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले श्रीशंकर की चिकित्सा स्थिति का आकलन करेगा। टेक-ऑफ बोर्ड को लेकर उठाए गए सवाल एशियन गेम्स आयोजकों के समक्ष भी जाने की संभावना है।