CWG 2026: मुरली श्रीशंकर ने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल में जगह पक्की की
सारांश
मुख्य बातें
मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष लॉन्ग जंप क्वालिफिकेशन राउंड में 27 जुलाई को ग्लासगो में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर फाइनल का टिकट हासिल किया। केरल के इस 27 वर्षीय एथलीट ने ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क (8.00 मीटर) को सहजता से पार करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि वे पदक की दौड़ में पूरी तरह तैयार हैं।
क्वालिफिकेशन राउंड में दबदबा
श्रीशंकर क्वालिफाइंग ग्रुप-ए में शीर्ष पर रहे। उनकी 8.01 मीटर की छलांग ने जमैका के जॉर्डन टर्नर को पीछे छोड़ा, जिनकी सर्वश्रेष्ठ छलांग 7.80 मीटर रही। पहले प्रयास में ही मार्क पार कर लेने के बाद श्रीशंकर ने अपना क्वालिफिकेशन राउंड वहीं समाप्त कर दिया और 29 जुलाई को होने वाले मेडल इवेंट के लिए ऊर्जा संरक्षित रखी।
इस सीज़न की शानदार फॉर्म
चोट से उबरकर वापसी करने वाले श्रीशंकर इस सीज़न के शीर्ष फॉर्म में हैं। उनका इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है, जो उन्हें ग्लासगो में भारत की एथलेटिक्स पदक उम्मीदों का सबसे मज़बूत दावेदार बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स पदकों की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है।
बर्मिंघम 2022 का अधूरा हिसाब
गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में श्रीशंकर ने क्वालिफिकेशन में सर्वश्रेष्ठ छलांग (8.05 मीटर) लगाई थी और फाइनल में भी 8.08 मीटर तक पहुँचे थे। लेकिन बहामास के लाक्वान नायरन ने 'काउंटबैक नियम' के तहत — अपनी दूसरी सर्वश्रेष्ठ छलांग बेहतर होने के कारण — गोल्ड मेडल जीता, और श्रीशंकर को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। यह उस प्रतियोगिता की सबसे चर्चित और विवादास्पद परिणतियों में से एक रही।
फाइनल में क्या होगा दाँव पर
29 जुलाई को होने वाले फाइनल में श्रीशंकर के पास चार साल पहले के उस सिल्वर को गोल्ड में बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। इस सीज़न की फॉर्म और पहले प्रयास में ही क्वालिफिकेशन मार्क पार करने का आत्मविश्वास उनके पक्ष में है। भारतीय एथलेटिक्स प्रशंसकों की नज़रें अब ग्लासगो के उस रनवे पर टिकी हैं, जहाँ श्रीशंकर इतिहास रचने उतरेंगे।