30 जुलाई 2026
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मुरली श्रीशंकर का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 8.09 मीटर के साथ रजत, पिता बोले — 'इंजरी के बाद ऐसी वापसी की उम्मीद नहीं थी'

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मुरली श्रीशंकर का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 8.09 मीटर के साथ रजत, पिता बोले — 'इंजरी के बाद ऐसी वापसी की उम्मीद नहीं थी'

सारांश

सर्जरी और 6-7 महीने के रिहैब के बाद मुरली श्रीशंकर ने ग्लासगो में 8.09 मीटर की छलांग लगाकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रजत पदक जीता — और साबित किया कि वापसी सिर्फ मैदान पर नहीं, इरादे में होती है। पिता-कोच एस. मुरली की आँखों में गर्व था, दिल में राहत।

मुख्य बातें

मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 , ग्लासगो में पुरुषों की लंबी कूद में 8.09 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता।
सर्जरी के बाद 6 से 7 महीने के पुनर्वास (रिहैब) के बाद यह उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय वापसी थी।
श्रीशंकर ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 8.08 मीटर के साथ रजत जीता था — यह लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ रजत है।
मुरली ने कहा — "इंजरी के बाद इतने शानदार प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी, मुझे उस पर गर्व है।" केरल के पल्लकड़ के रहने वाले 27 वर्षीय श्रीशंकर अपने पिता की ही कोचिंग में प्रशिक्षण लेते हैं।

मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 8.09 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक अपने नाम किया। ग्लासगो में 30 जुलाई को हुई इस प्रतियोगिता में श्रीशंकर ने गंभीर चोट और सर्जरी के बाद की वापसी को यादगार बना दिया। उनके पिता एवं कोच एस. मुरली ने कहा कि इंजरी के बाद इस स्तर के प्रदर्शन की उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी।

मुख्य प्रदर्शन

27 वर्षीय श्रीशंकर ने दूसरे राउंड में अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग दर्ज की। उन्होंने 8.03 मीटर से शुरुआत की और फिर 8.09 मीटर तक पहुँचे। प्रतियोगिता में दो फाउल प्रयासों के बावजूद वे पूरे समय पदक की दौड़ में बने रहे और अंततः दूसरा स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि श्रीशंकर ने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 8.08 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था — यानी यह उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ रजत है।

चोट और वापसी की कहानी

केरल के पल्लकड़ निवासी श्रीशंकर को इससे पहले एक गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उनकी सर्जरी करनी पड़ी। सर्जरी के बाद पुनर्वास (रिहैब) में 6 से 7 महीने का समय लगा। इस लंबे और कठिन दौर में उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खड़ा किया।

पिता और कोच की प्रतिक्रिया

एस. मुरली ने कहा, "यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत ही गर्व का समय है। उसने बहुत ही खतरनाक इंजरी से रिकवर करते हुए वापसी की है। हमने नहीं सोचा था कि इंजरी से वापसी के बाद वह इतना शानदार प्रदर्शन करेगा।"

उन्होंने बताया कि श्रीशंकर ने खुद कहा था — "मैं वापसी करूंगा और फिर से जंप करूंगा, मेरे बारे में चिंता मत करिए।" एस. मुरली के अनुसार यह उनके बेटे का आत्मविश्वास था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पत्नी ने श्रीशंकर की रिकवरी के लिए खूब पूजा-पाठ किया।

एक पिता और कोच के रूप में एस. मुरली की भावना थी, "मेरी सिर्फ इतनी ही इच्छा थी कि वह एक आम इंसान की तरह चलने में सक्षम हो जाए। लेकिन उसने देश के लिए, हमारे लिए और अपने लिए करिश्मा किया है। मुझे उस पर गर्व है।"

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय लंबी कूद में निरंतरता की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। श्रीशंकर का लगातार दो कॉमनवेल्थ संस्करणों में रजत पदक जीतना इस खेल में भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है। पल्लकड़ के एक साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स के शिखर तक का उनका सफर प्रेरणादायक है।

आगे की राह

इस प्रदर्शन के बाद श्रीशंकर की नज़रें आगामी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं पर होंगी। उनकी चोट से सफल वापसी और ग्लासगो में यह प्रदर्शन भविष्य के लिए उम्मीद जगाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक स्तर पर होगी, जहाँ 8.09 मीटर शीर्ष स्थान के लिए पर्याप्त नहीं होता। भारत के लिए ज़रूरी है कि श्रीशंकर जैसी प्रतिभाओं के लिए बेहतर चोट-प्रबंधन और पुनर्वास ढाँचा तैयार किया जाए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-सा पदक जीता?
मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की लंबी कूद में 8.09 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता। यह प्रतियोगिता 30 जुलाई को ग्लासगो में हुई।
श्रीशंकर को किस चोट के बाद वापसी करनी पड़ी थी?
श्रीशंकर को एक गंभीर चोट लगी थी जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई और 6 से 7 महीने पुनर्वास (रिहैब) में बिताने पड़े। उनके पिता-कोच एस. मुरली के अनुसार, चोट इतनी खतरनाक थी कि उन्हें बस इतनी उम्मीद थी कि श्रीशंकर सामान्य रूप से चल सकें।
एस. मुरली कौन हैं और श्रीशंकर से उनका क्या संबंध है?
एस. मुरली मुरली श्रीशंकर के पिता और कोच दोनों हैं। केरल के पल्लकड़ के रहने वाले श्रीशंकर अपने पिता की देखरेख में ही प्रशिक्षण लेते हैं।
क्या श्रीशंकर ने पहले भी कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीता है?
हाँ, श्रीशंकर ने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 8.08 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था। ग्लासगो 2026 में यह उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ रजत पदक है।
श्रीशंकर ने ग्लासगो में अपनी सर्वश्रेष्ठ जंप कब लगाई?
श्रीशंकर ने दूसरे राउंड में अपनी सर्वश्रेष्ठ जंप दर्ज की — पहले 8.03 मीटर और फिर 8.09 मीटर। प्रतियोगिता में दो फाउल प्रयासों के बावजूद वे पदक की दौड़ में बने रहे।
राष्ट्र प्रेस
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