कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: लवप्रीत सिंह का स्नैच में नया रिकॉर्ड, सीमा कालीरमन को ब्रॉन्ज; PM मोदी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन भारत ने दो पदक अपनी झोली में डाले — वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110 किलोग्राम-से-अधिक भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता और स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड कायम किया, जबकि डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन ने महिला स्पर्धा में 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई संदेश दिए।
लवप्रीत सिंह का ऐतिहासिक प्रदर्शन
लवप्रीत सिंह ने स्नैच राउंड में क्रमशः 168 किलो, 172 किलो और 176 किलो भार उठाया। तीसरे प्रयास में 176 किलो का भार उठाकर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में नया स्नैच रिकॉर्ड दर्ज किया। क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने पहले प्रयास में 205 किलो और दूसरे में 212 किलो सफलतापूर्वक उठाया।
तीसरे प्रयास में 217 किलो उठाने की कोशिश में वे अंतिम क्षणों में संतुलन नहीं बना सके। कुल मिलाकर 388 किलो के भार के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल जीता और गोल्ड से महज 1 किलो के अंतर से चूक गए।
सीमा कालीरमन: पहले अंतरराष्ट्रीय मेडल की कहानी
सीमा कालीरमन ने 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ महिला डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक है। गौरतलब है कि सीमा एक चार साल के बच्चे की माँ और पीएचडी स्कॉलर हैं, और उन्होंने यह मेडल अपने पति की कोचिंग में जीता — एक ऐसी उपलब्धि जो खेल के साथ-साथ व्यक्तिगत संघर्ष की भी मिसाल है।
PM मोदी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर सीमा कालीरमन को बधाई देते हुए लिखा, 'सीमा को महिला डिस्कस थ्रो इवेंट में 58.65 मीटर के बेहतरीन थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई। उनकी कोशिशों ने भारत का मान बढ़ाया है और देश के युवाओं को प्रेरित किया है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।'
लवप्रीत सिंह के बारे में मोदी ने लिखा, 'पुरुषों के 110 प्लस किलोग्राम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले लवप्रीत सिंह का प्रदर्शन शानदार रहा। स्नैच में उनके बेहतरीन प्रयास ने कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया। उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प वाकई तारीफ के काबिल है। भविष्य की उनकी कोशिशों के लिए मेरी शुभकामनाएं।'
भारत के पदक अभियान पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने पदक तालिका को मज़बूत करने की कोशिश में है। वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स परंपरागत रूप से भारत के लिए पदक के मज़बूत स्रोत रहे हैं। सीमा की कामयाबी विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह साबित करती है कि पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के बीच भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।
आने वाले दिनों में भारत के अन्य एथलीट भी विभिन्न स्पर्धाओं में उतरेंगे और पदक तालिका में और इज़ाफा होने की उम्मीद है।