लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 388 किलो उठाकर जीता सिल्वर, गोल्ड से 1 किलो पीछे
सारांश
मुख्य बातें
वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन 110 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में 388 किलो का कुल भार उठाकर भारत के लिए सिल्वर मेडल हासिल किया। गोल्ड मेडल से वह महज 1 किलोग्राम के अंतर से पीछे रह गए — एक ऐसी बारीक हार जो उन्हें भी खलती है, लेकिन जिसे उन्होंने सकारात्मक भाव से स्वीकार किया।
मुकाबले का पूरा विवरण
स्नैच राउंड में लवप्रीत ने अपने पहले प्रयास में 168 किलो, दूसरे में 173 किलो और तीसरे में 176 किलो का भार सफलतापूर्वक उठाया। इस प्रदर्शन से उन्होंने न्यूजीलैंड के एंड्रयू लिटी को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत की।
क्लीन एंड जर्क राउंड में लवप्रीत ने पहले प्रयास में 205 किलो और दूसरे प्रयास में 212 किलो उठाने में सफलता पाई। तीसरे और निर्णायक प्रयास में उन्होंने 217 किलो उठाने की कोशिश की, लेकिन यह लिफ्ट पूरी नहीं हो सकी — और यही एक चूक गोल्ड और सिल्वर के बीच की रेखा बन गई।
गोल्ड किसने जीता
न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने 389 किलो (स्नैच में 166 किलो और क्लीन एंड जर्क में 223 किलो) का कुल भार उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ्स ने 356 किलो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
लवप्रीत की प्रतिक्रिया
मेडल जीतने के बाद लवप्रीत ने कहा, "मुझे सपोर्ट करने के लिए सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरी एक क्लीन एंड जर्क मिस हो गई। वो लिफ्ट बढ़िया करनी चाहिए थी, लेकिन भगवान जो करता है, वो अच्छा करता है। एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।"
लवप्रीत ने इस मेडल को अपने कोच विजय शर्मा, वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सहदेव और भारतीय नौसेना के कैप्टन विजय कुमार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन विजय ने उनका विशेष सहयोग किया।
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह मेडल
यह मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की वेटलिफ्टिंग में एक और उपलब्धि है। गौरतलब है कि भारत परंपरागत रूप से इस खेल में राष्ट्रमंडल स्तर पर मजबूत दावेदार रहा है। लवप्रीत की नजर अब एशियन गेम्स पर है, जहाँ वह इस प्रदर्शन से एक कदम आगे जाने का इरादा रखते हैं।