क्या लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ में भारत को पदक दिलाने में सफलता हासिल की?
सारांश
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नई दिल्ली, 5 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत में वेटलिफ्टिंग की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। हाल के वर्षों में, भारत ने कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वेटलिफ्टिंग में अद्वितीय प्रदर्शन किया है। पुरुष वर्ग में लवप्रीत सिंह भारत के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लवप्रीत सिंह का जन्म 6 सितंबर 1997 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव वेटलिफ्टिंग की ओर रहा और उन्होंने कठिन मेहनत करके इस क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया।
लवप्रीत ने 2017 में एशियाई युवा और जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। यह प्रतियोगिता काठमांडू में आयोजित की गई थी। उसी वर्ष, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता।
गोल्ड जीतने के बाद, लवप्रीत अगले चार वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय चर्चा से बाहर रहे, जिसका कारण कोरोना महामारी के चलते खेल प्रतियोगिताओं का बंद होना था। 2021 में, उन्होंने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 109 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया।
कुछ समय तक वह कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन 2021 में उन्होंने फिर से कमाल किया और उज्बेकिस्तान के ताशकंद में हुई कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 109 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। इसके बाद, 2002 में बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
वेटलिफ्टिंग में उनकी बेहतरीन उपलब्धियों के चलते, लवप्रीत ने नौसेना में नौकरी प्राप्त की है और वह नौसेना की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भाग लेते हैं।
30वीं राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में, जो 2025 में 110 किलोग्राम वर्ग में लवप्रीत ने कांस्य पदक जीता। यह प्रतियोगिता 24 से 30 अगस्त 2025 तक वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित की गई थी।