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क्या बिंदियारानी देवी भारत की वेटलिफ्टिंग में उम्मीद और ओलंपिक में पदक दिला सकती हैं?

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क्या बिंदियारानी देवी भारत की वेटलिफ्टिंग में उम्मीद और ओलंपिक में पदक दिला सकती हैं?

सारांश

बिंदियारानी देवी ने वेटलिफ्टिंग में अपनी ताकत से भारत का नाम रोशन किया है। क्या वे ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीत सकती हैं? जानिए उनकी उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में।

मुख्य बातें

बिंदियारानी देवी ने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक जीते।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल भी जीते हैं।
उनकी मेहनत और अनुशासन उन्हें उच्चतम स्तर तक ले जा सकता है।
बिंदियारानी का भविष्य ओलंपिक में पदक जीतने की ओर अग्रसर है।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में महिलाओं को शक्ति के स्त्रोत के रूप में देखा जाता है। इस समय बिंदियारानी देवी ने अपने अद्भुत शक्ति प्रदर्शन से भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। भविष्य में देश को उनसे वैश्विक स्तर पर पदकों की उम्मीद है।

27 जनवरी 1999 को इम्फाल, मणिपुर में जन्मी बिंदियारानी देवी देश की सबसे प्रतिभाशाली वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी मानी जाती हैं। अपनी ताकत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की एक मजबूत पहचान बनाई है। मणिपुर में वेटलिफ्टिंग को गंभीरता से लिया जाता है, जिसके कारण बिंदियारानी का इस खेल के प्रति लगाव बचपन में ही विकसित हो गया। उन्होंने स्थानीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल कर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

राष्ट्रीय स्तर पर बिंदियारानी देवी ने 49 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। अपनी फिटनेस, सही पोषण और मानसिक तैयारी का ख्याल रखते हुए उन्होंने खुद को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया।

मणिपुर की इस खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी पहचान कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मिली। 2019 में, उन्होंने इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। यह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह भारत की महिला वेटलिफ्टिंग के बढ़ते रुतबे में भी एक महत्वपूर्ण योगदान था।

बिंदियारानी देवी की उल्लेखनीय उपलब्धियों में फुकेट में 2024 में आयोजित विश्व कप में कांस्य पदक, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक, कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण और 2021 तथा 2025 में रजत पदक शामिल हैं। एशियन चैंपियनशिप 2023 में भी उन्होंने रजत पदक जीता, और 2019 में दक्षिण एशियाई गेम्स में गोल्ड अपने नाम किया। ये सभी पदक उन्होंने 55 किग्रा भारवर्ग में जीते।

बिंदियारानी अपने मेहनती दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। वे अनुशासन, कोचिंग और परिवार के समर्थन को सफलता की कुंजी मानती हैं। भविष्य में उन्हें ओलंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश के लिए पदक दिलाने की उम्मीद की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश के लिए भी गर्व का कारण बन सकती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सफलता ने भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग को एक नई पहचान दी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिंदियारानी देवी की मुख्य उपलब्धियाँ क्या हैं?
बिंदियारानी देवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक, 2019 में स्वर्ण पदक, और 2024 में विश्व कप में कांस्य पदक जीते हैं।
बिंदियारानी के वेटलिफ्टिंग करियर की शुरुआत कैसे हुई?
बिंदियारानी देवी ने मणिपुर में स्थानीय प्रतियोगिताओं में सफलता के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।
क्या बिंदियारानी ओलंपिक में पदक जीत सकती हैं?
यदि वे इसी तरह मेहनत करती रहीं, तो ओलंपिक में पदक जीतने की पूरी संभावना है।
बिंदियारानी देवी का जन्म कब हुआ था?
बिंदियारानी देवी का जन्म 27 जनवरी 1999 को इम्फाल, मणिपुर में हुआ था।
बिंदियारानी देवी की ट्रेनिंग कैसे होती है?
वे अपनी फिटनेस, पोषण, और मानसिक तैयारी का विशेष ध्यान रखती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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