गणेश चतुर्थी पर PM मोदी पहुंचे पीयूष गोयल के आवास, गणपति बप्पा के किए दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नई दिल्ली स्थित आवास पर जाकर गणपति बप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान गणेश की आरती उतारी तथा समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।
मुख्य घटनाक्रम
प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर महाराष्ट्र की पारंपरिक वेशभूषा में नज़र आए — उन्होंने धोती-कुर्ता पहना था और सिर पर महाराष्ट्र की पारंपरिक टोपी धारण की हुई थी। यह वेशभूषा भगवान गणेश की जन्मस्थली महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है।
PM मोदी की एक्स पर पोस्ट
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर गणपति पूजा की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जी के आवास पर गणपति दर्शन के लिए गया। भगवान श्री गणेश सभी पर कृपा बनाए रखें।' केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक्स पर प्रधानमंत्री के आगमन के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हुए लिखा कि गणपति पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री का सान्निध्य मिलना उनके और उनके परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश से प्रार्थना की कि देश को 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ने का आशीर्वाद मिले।
उपराष्ट्रपति और गृह मंत्री की भागीदारी
इससे पूर्व भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी पीयूष गोयल के आवास पहुँचे और गणपति बप्पा के दर्शन कर पूजा-अर्चना में भाग लिया। उन्होंने देशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में कई गणेश पंडालों का दौरा किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुंबई के प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और यह अनुभव अत्यंत भाव-विभोर करने वाला रहा। उन्होंने विघ्नहर्ता से समस्त देशवासियों को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की।
महाराष्ट्र सरकार के नेताओं से मुलाकात
इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास पर पहुँचे और गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान गृह मंत्री के परिवार के कई सदस्य भी उनके साथ उपस्थित रहे।
गणेश उत्सव का राजनीतिक-सांस्कृतिक महत्व
गणेश चतुर्थी भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उत्सवों में से एक है, जो विशेष रूप से महाराष्ट्र में अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार महाराष्ट्र के साथ अपने सांस्कृतिक और प्रशासनिक संबंधों को और मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शीर्ष नेतृत्व की इस सहभागिता ने उत्सव को एक व्यापक राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दिया।