क्या राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर अमृता फडणवीस ने कहा, 'बप्पा सबको सद्बुद्धि दें'?

सारांश
Key Takeaways
- गणेश चतुर्थी का उत्सव भारत में धूमधाम से मनाया जाता है।
- अमृता फडणवीस ने प्रकृति की सुरक्षा पर जोर दिया।
- राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर सकारात्मक टिप्पणी की गई।
- लालबाग चा राजा की मूर्ति 22 फीट ऊंची है।
- सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मुंबई, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। देश भर में गणेश चतुर्थी के मौके पर उत्सव की धूम मची हुई है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मुंबई के 'लालबाग चा राजा' के दर्शन किए।
इस वर्ष लालबाग सार्वजनिक उत्सव मंडल ने बताया कि गणेश गली के राजा की 22 फीट ऊंची मूर्ति तमिलनाडु के रामेश्वरम की पौराणिक कहानी से प्रेरित है।
दर्शन के बाद अमृता फडणवीस ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "आज मुझे बहुत खुशी हो रही है कि बप्पा का आगमन हो चुका है। गणेशोत्सव महाराष्ट्र में पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। अब 10 दिन बप्पा हमारे साथ रहेंगे, इसकी खुशी है। लाखों लोग इसे मनाते हैं, तो मैं ये भी कहना चाहूंगी कि प्रकृति का ध्यान रखें। मिट्टी के बने गणपति लाएं और विसर्जन के लिए नगरपालिका द्वारा बनाए गए तालाबों का ही प्रयोग करें। मैं बप्पा से महाराष्ट्र के लोगों के लिए सुख और समृद्धि की प्रार्थना करती हूं और किसी भी आपत्ति से उन्हें बचाएं।"
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर उन्होंने कहा, “आज का दिन इतना सुंदर है कि मैं विपक्ष के बारे में बात ही नहीं करना चाहूंगी। सिर्फ इतना कहना चाहूंगी कि bappa सबको सद्बुद्धि दे।”
इसी बीच, गायक राहुल वैद्य ने कहा, "हमारे लालबाग के राजा की मूर्ति बहुत सुंदर है। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मैं इस बार केवल दर्शन करने के लिए नहीं, बल्कि परफॉर्म करने भी आया हूं। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे आज बप्पा के दरबार में गाने का मौका मिला है।"
इससे पहले, लालबाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के उपाध्यक्ष सिद्धेश कोरगावकर ने कहा, "हम इस बार 98वां गणेशोत्सव मना रहे हैं। यह लालबाग इलाके का सबसे पुराना गणपति है। 22 फीट ऊंची मूर्ति बनाई गई है।"
उन्होंने कहा कि मूर्ति और सजावट में रामेश्वरम की थीम को दर्शाया गया है, जिसमें हनुमान जी रामेश्वरम से भगवान शंकर का पिंड लेकर आते हैं। उसी कथा के अनुसार मूर्ति और सजावट में रामेश्वरम की झलक दिखाई देती है।
सिद्धेश कोरगावकर ने बताया कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्राइवेट सिक्योरिटी और मुंबई पुलिस की तैनाती के साथ-साथ पंडाल में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, ताकि भक्त शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।