15 सितंबर 2026
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गणेश चतुर्थी: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र सदन और पीयूष गोयल के आवास पर लिया बप्पा का आशीर्वाद

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गणेश चतुर्थी: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र सदन और पीयूष गोयल के आवास पर लिया बप्पा का आशीर्वाद

सारांश

गणेश चतुर्थी 2026 पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में महाराष्ट्र सदन और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आवास पर गणपति बप्पा की पूजा की। देशभर में उत्सव की धूम है; मुंबई के लालबागचा राजा पर हजारों श्रद्धालुओं की कतार लगी। 10 दिवसीय उत्सव 25 सितंबर को विसर्जन के साथ समाप्त होगा।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की।
उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आवास पर आयोजित गणेश चतुर्थी समारोह में भी भाग लिया।
मुंबई में लालबागचा राजा , सिद्धिविनायक मंदिर सहित प्रमुख पंडालों को भव्य रूप से सजाया गया है।
दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के साथ होगा।
सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत को लेकर दो दावे — 1892 में भाऊसाहेब रंगारी (पुणे) और 1893 में लोकमान्य तिलक (मुंबई)।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की और देशवासियों के सुख, समृद्धि व उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। इसके पश्चात वे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नई दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित गणेशोत्सव समारोह में भी सहभागी हुए और गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

उपराष्ट्रपति का संदेश

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इस अवसर पर कहा कि गणेश चतुर्थी का यह पर्व भक्ति, आपसी स्नेह और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने भगवान गणेश से समस्त नागरिकों को ज्ञान, खुशहाली, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने की प्रार्थना की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में गणेशोत्सव का उत्साह चरम पर है।

देशभर में गणेशोत्सव की धूम

विशेष रूप से महाराष्ट्र में श्रद्धालु अपार उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। घरों और सार्वजनिक पंडालों में आकर्षक सजावट, रोशनी, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु भगवान गणेश को फूल, मिठाइयाँ और पारंपरिक प्रसाद अर्पित कर उनके आशीर्वाद की कामना कर रहे हैं।

मुंबई में लालबागचा राजा, गणेश गली, तेजूकाया मंडल, जीएसबी सेवा मंडल, अंधेरीचा राजा और अन्य प्रमुख पंडालों को भव्य रोशनी और अनूठी सजावट से सजाया गया है। लालबागचा राजा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर को भी विशेष रूप से सजाया गया है।

पर्व का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और शुभ कार्यों का देवता माना जाता है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा का विधान है। दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन के साथ होगा।

सार्वजनिक गणेशोत्सव का ऐतिहासिक संदर्भ

गणेशोत्सव के सार्वजनिक स्वरूप की शुरुआत को लेकर इतिहास में अलग-अलग दावे किए जाते हैं। एक मान्यता के अनुसार स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने वर्ष 1893 में मुंबई के गिरगांव में सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य जनसमुदाय को एकजुट करना और स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाना था। वहीं, भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट का दावा है कि पुणे में सार्वजनिक गणेशोत्सव की नींव वर्ष 1892 में भाऊसाहेब रंगारी ने रखी थी।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह दस दिवसीय उत्सव 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन के साथ समाप्त होगा। उपराष्ट्रपति की इस यात्रा ने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक भागीदारी के प्रतीक के रूप में पर्व की महत्ता को और अधिक रेखांकित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि गणेशोत्सव पारंपरिक रूप से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक-राजनीतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रहा है। लोकमान्य तिलक ने इसे जानबूझकर एक एकीकरण मंच के रूप में इस्तेमाल किया था; आज यह परंपरा राष्ट्रीय नेतृत्व की भागीदारी के माध्यम से जीवित है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि ऐसे उत्सवों में संवैधानिक पदाधिकारियों की उपस्थिति को लेकर धर्मनिरपेक्षता की बहस कभी-कभी सतह पर आती है — जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गणेश चतुर्थी पर कहाँ-कहाँ भाग लिया?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आवास पर आयोजित गणेश चतुर्थी समारोहों में भाग लिया। दोनों स्थानों पर उन्होंने गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
गणेश चतुर्थी 2026 कब से कब तक मनाई जाएगी?
गणेश चतुर्थी 2026 का उत्सव 14 सितंबर से शुरू होकर दस दिनों तक चलेगा और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन के साथ समाप्त होगा।
सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत कब और कैसे हुई?
सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत को लेकर दो प्रमुख दावे हैं। एक मान्यता के अनुसार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में मुंबई के गिरगांव में इसकी शुरुआत लोगों को एकजुट करने और स्वतंत्रता आंदोलन को बल देने के लिए की थी। वहीं भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट का दावा है कि पुणे में 1892 में भाऊसाहेब रंगारी ने इसकी नींव रखी थी।
मुंबई के प्रमुख गणेश पंडाल कौन-कौन से हैं?
मुंबई में लालबागचा राजा, गणेश गली, तेजूकाया मंडल, जीएसबी सेवा मंडल और अंधेरीचा राजा प्रमुख पंडाल हैं जिन्हें भव्य रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। इसके अलावा सिद्धिविनायक मंदिर को भी विशेष रूप से सजाया गया है और लालबागचा राजा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।
भगवान गणेश का धार्मिक महत्व क्या है?
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और शुभ कार्यों का देवता माना जाता है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है, इसीलिए उन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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