CWG 2026: लवप्रीत सिंह ने 388 किग्रा उठाकर जीता सिल्वर, सिर्फ 1 किग्रा से चूका गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों की 110+ किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का परचम लहराया। लवप्रीत ने कुल 388 किग्रा भार उठाया, लेकिन न्यूज़ीलैंड के डेविड लिटी से महज़ 1 किग्रा के अंतर से स्वर्ण पदक से वंचित रह गए।
मुख्य घटनाक्रम
स्नैच राउंड में लवप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले प्रयास में 168 किग्रा, दूसरे में 173 किग्रा और अंतिम प्रयास में 176 किग्रा भार सफलतापूर्वक उठाया। इस राउंड के बाद वे प्रतियोगिता में सबसे ज़्यादा भार उठाने वाले वेटलिफ्टर बन गए और उस वक्त दूसरे स्थान पर चल रहे डेविड लिटी पर 10 किग्रा की बढ़त बना ली थी।
क्लीन एंड जर्क राउंड में लवप्रीत ने 205 किग्रा और 212 किग्रा उठाने में सफलता पाई। गोल्ड की दौड़ में बने रहने के लिए उन्होंने अंतिम प्रयास में 217 किग्रा उठाने की हिम्मत दिखाई, लेकिन यह लिफ्ट सफल नहीं रही।
कैसे पलटा मुकाबला
न्यूज़ीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने स्नैच में 166 किग्रा उठाया था, जो लवप्रीत से 10 किग्रा कम था। परंतु क्लीन एंड जर्क में लिटी ने निर्णायक 223 किग्रा का भार उठाकर कुल 389 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ्स ने कुल 356 किग्रा (स्नैच 165 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 191 किग्रा) के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
लवप्रीत सिंह का सफर
6 सितंबर 1997 को पंजाब के अमृतसर ज़िले के बाल सचंदर गाँव में जन्मे लवप्रीत ने 2010 में महज़ 13 वर्ष की उम्र में स्थानीय वेटलिफ्टरों से प्रेरित होकर इस खेल में कदम रखा। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनकी अनुशासित ट्रेनिंग और दृढ़ संकल्प ने उन्हें जूनियर से सीनियर स्तर तक लगातार आगे बढ़ाया।
2017 में पटियाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय शिविर में शामिल होने से पहले वे 105 किग्रा कैटेगरी में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए जूनियर कॉमनवेल्थ और एशियन जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीत चुके थे।
पिछली उपलब्धियाँ
अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (IWF) द्वारा नई भार श्रेणियाँ लागू होने के बाद लवप्रीत 109 किग्रा कैटेगरी में आ गए। इस श्रेणी में उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल और 2022 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। ग्लासगो का यह सिल्वर उनके करियर का नया अध्याय है।
आगे क्या
यह रजत पदक भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए उत्साहजनक संकेत है। लवप्रीत का प्रदर्शन — विशेष रूप से स्नैच में शीर्ष स्थान — दर्शाता है कि वे भविष्य के बड़े मंचों पर और मज़बूत दावेदार बनकर उभर सकते हैं।