26 जुलाई 2026
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ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 264 किग्रा उठाकर जीता सिल्वर, मेडल PM मोदी को समर्पित

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ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 264 किग्रा उठाकर जीता सिल्वर, मेडल PM मोदी को समर्पित

सारांश

मणिपुर के ऋषिकांत सिंह चनंबम ने ग्लासगो में 264 किलोग्राम उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में भारत को रजत पदक दिलाया। पदक के बाद उन्होंने इसे PM मोदी और पूरे देश को समर्पित किया — कोच विजय शर्मा के मार्गदर्शन और सरकारी समर्थन को जीत का श्रेय देते हुए।

मुख्य बातें

ऋषिकांत सिंह चनंबम (मणिपुर) ने 26 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग में 264 किलोग्राम उठाकर रजत पदक जीता।
स्वर्ण पदक मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने 273 किलोग्राम के साथ, और कांस्य केन्या के जोशुआ अमूंगा म्बोया ने 260 किलोग्राम के साथ जीता।
ऋषिकांत ने यह मेडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे भारत को समर्पित किया।
कोच विजय शर्मा को ऋषिकांत ने अपनी सफलता का प्रमुख श्रेय दिया।
म्बोया कॉमनवेल्थ गेम्स वेटलिफ्टिंग में केन्या के पहले पदक विजेता बने।

ग्लासगो में 26 जुलाई 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में मणिपुर के ऋषिकांत सिंह चनंबम ने कुल 264 किलोग्राम भार उठाकर भारत के लिए रजत पदक हासिल किया। पोडियम पर जगह बनाने के तुरंत बाद ऋषिकांत ने यह मेडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समूचे देश को समर्पित करते हुए भारतीय खेलों को मिले सरकारी समर्थन को अपनी सफलता का आधार बताया।

मुकाबले का पूरा हाल

स्वर्ण पदक मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने 273 किलोग्राम के कुल भार के साथ जीता। केन्या के जोशुआ अमूंगा म्बोया ने 260 किलोग्राम उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। ऋषिकांत और म्बोया के बीच का अंतर महज चार किलोग्राम का रहा, जो इस मुकाबले की कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

ऋषिकांत की प्रतिक्रिया

पदक जीतने के बाद ऋषिकांत ने कहा, "मैं यह सिल्वर मेडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे देश को समर्पित करता हूं। मैंने बहुत कड़ी मेहनत की और आज सिल्वर मेडल जीता। मैं बहुत खुश हूं। आज जो मेडल मैंने जीता है, वह सिर्फ मेरा नहीं है; यह सभी का है, पूरे भारत का है। उन सभी का जिन्होंने मेरा साथ दिया — भारत सरकार, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन, सपोर्टिंग स्टाफ और मेरे दोस्तों का ग्रुप... यह सभी के लिए है।"

उन्होंने अपने कोच का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, "मैं अपने गुरु विजय शर्मा का नाम लेना चाहूंगा। उन्होंने हमें सिखाया कि कैसे मुकाबला करना है और कैसे ट्रेनिंग करनी है। मुझे अपनी ट्रेनिंग को लेकर कोई शक नहीं था।"

कोच विजय शर्मा की भूमिका

ऋषिकांत ने स्पष्ट किया कि उनकी तैयारी में कोच विजय शर्मा का मार्गदर्शन निर्णायक रहा। गौरतलब है कि भारतीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन और भारत सरकार के सहयोग से ऋषिकांत ने जो प्रशिक्षण हासिल किया, उसी का परिणाम ग्लासगो के पोडियम पर दिखा।

कांस्य विजेता म्बोया की बात

केन्या के जोशुआ अमूंगा म्बोया ने कांस्य पदक जीतने के बाद कहा, "यह मेडल मेरे लिए बहुत अहम था, क्योंकि केन्या की वेटलिफ्टिंग टीम को कॉमनवेल्थ मेडल जीते हुए काफी समय हो गया था।" म्बोया ने यह भी बताया कि यह उनका पहला कॉमनवेल्थ कॉम्पिटिशन था और वे केन्या की ओर से इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले पहले वेटलिफ्टर बने। उन्होंने कहा, "यह मेरे और पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।"

आगे की राह

ऋषिकांत की इस जीत से भारतीय वेटलिफ्टिंग को नई ऊर्जा मिली है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपनी पदक तालिका मजबूत करने की कोशिश में है। म्बोया ने भी संकेत दिया कि वे अगले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों को चुनौती देने के लिए और कड़ी ट्रेनिंग करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ खेल प्रतिभाएँ अक्सर संसाधनों की कमी और सामाजिक अस्थिरता के बीच उभरती हैं — यह तथ्य अपने आप में उनकी उपलब्धि को और महत्वपूर्ण बनाता है। हालाँकि सरकारी समर्थन का श्रेय देना स्वाभाविक है, असली सवाल यह है कि क्या वेटलिफ्टिंग जैसे गैर-क्रिकेट खेलों को नीतिगत स्तर पर वह निरंतर निवेश मिल रहा है जो पदक तालिका में स्थायी बदलाव ला सके। ग्लासगो का यह रजत एक संकेत है, लेकिन भारतीय वेटलिफ्टिंग की असली परीक्षा ओलंपिक मंच पर होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋषिकांत सिंह चनंबम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता?
ऋषिकांत सिंह चनंबम ने 26 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में 264 किलोग्राम उठाकर रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता।
60 किग्रा वेटलिफ्टिंग में गोल्ड किसने जीता?
मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने 273 किलोग्राम के कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता। कांस्य पदक केन्या के जोशुआ अमूंगा म्बोया ने 260 किलोग्राम उठाकर हासिल किया।
ऋषिकांत सिंह ने अपना मेडल किसे समर्पित किया?
ऋषिकांत सिंह ने अपना रजत पदक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे देश को समर्पित किया। उन्होंने भारत सरकार, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन, अपने कोच विजय शर्मा और सपोर्टिंग स्टाफ को भी धन्यवाद दिया।
ऋषिकांत सिंह के कोच कौन हैं?
ऋषिकांत सिंह के कोच विजय शर्मा हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी सफलता का प्रमुख श्रेय दिया। ऋषिकांत के अनुसार, विजय शर्मा ने उन्हें मुकाबला करने और ट्रेनिंग करने का सही तरीका सिखाया।
ऋषिकांत सिंह चनंबम कहाँ के रहने वाले हैं?
ऋषिकांत सिंह चनंबम मणिपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ग्लासगो में रजत पदक जीता।
राष्ट्र प्रेस
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